हड़ताल का महीना बना मार्च

  • एलडीए और निर्माण निगम के डिप्लोमा इंजीनियरों ने रोका कामQQQ1

  • ठप हो सकता है सीएम सचिवालय और हाईकोर्ट की नई इमारत का काम

  • जनेश्वर मिश्र पार्क और पुराने लखनऊ के सुंदरीकरण का काम खटाई में पड़ सकता है

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी में हड़ताल की बाढ़ सी आ गयी है। लगता है यूपी मार्च के इस महीने में काम ही नहीं करना चाहता। एक तरफ महीने के आखिरी में छुट्टियां है तो मार्च के शुरुआत में सरकारी कर्मचारियों सहित डिप्लोमा इंजीनियर्स की हड़ताल से पूरी तरह से विकास कार्य पर असर पड़ता दिखाई दे रहा है। अंदाजा लगाया गया है कि इस हड़ताल से करीब 3500 करोड़ के विकास कार्य ठप रहेंगे।
डिप्लोमा इंजीनियरों की हड़ताल की वजह से सीएम सचिवालय , हाई कोर्ट की नई बिल्डिंग और कई दूसरे शासन की प्रमुखता वाले प्रोजेक्ट्स का काम ठप पडऩे की आशंका है। इतना ही नहीं सीएम के इन प्रोजेक्ट्स की कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम है जिसके सभी डिप्लोमा इंजीनियर्स हड़ताल पर हैं। इससे सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट जनेश्वर मिश्र पार्क और पुराने लखनऊ के सुंदरीकरण की योजना भी खटाई में जा सकती है।
डिप्लोमा इंजीनियर्स की हड़ताल का असर आवास विकास परिषद की योजनाओं पर भी पड़ेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अगर हड़ताल ज्यादा दिनों तक चली तो ग्रांउड रिपोर्ट से लेकर निर्माण और निगरानी और ग्लोबल ईकाई का भी काम प्रभावित होगा
डिप्लोमा इंजीनियरों को काम जमीनी कामकाज की निगरानी कर उसकी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है। इस तरह हड़ताल यदि जारी रही तो यह पूरी तरह से सरकार की योजनाओं को चूना लगाएगी।
इतना ही नहीं नौ मार्च से 9 लाख सरकारी कर्मचारियों के भी महाहड़ताल पर जायेंगे। इस तरह से नगर निगम कर्मचारियों की भी हड़ताल से कामकाज प्रभावित रहेगा। 13 मार्च से प्रदेश के राज्य सडक़ परिवहन निगम के संविदा कर्मचारी समूह सामूहिक इस्तीफा देने का अभियान चलाएंगे। इस तरह से पूरा मार्च धरना प्रदर्शनों के नाम रहेगा। यह गांधी प्रतिमा और लक्ष्मण मेले में जारी रहेगा। दूसरी तरफ सर्राफा व्यापरी एक्साइज ड्यूटी लगाने के विरोध में हड़ताल कर रहे हैं तो चार मार्च से उच्च प्राथमिक अनुदेशक भी आमरण अनशन करेंग।े

विभाग डिप्लोमा इंजीनियर
पीडब्ल्यूडी – 5000
बिजली – 5000
सिंचाई- – 5000
ग्रामीण अभियंत्रण – 3000
जलनिगम – 2500
लघु सिंचाई – 1000
विकास प्राधिकरण – 1000
सेतु निगम – 500
निर्माण निगम – 400
मंडी परिषद – 500
आवास परिषद – 850

25 फरवरी को टाली थी हड़ताल

दो दर्जन विभागों के 27 हजार जूनियर इंजीनियर बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। पीडब्ल्यूडी मुख्यालय में चल रहे महासंघ के प्रदर्शन में बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियरों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार मांगें पूरी नहीं करती है तो 72 घंटे बाद वह पूरे प्रदेश की बिजली बंद कर देंगे। डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ 4800 पे ग्रेड और तीन पदोन्नति वेतनमान की मांग कर रहा है। डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ के मीडिया प्रभारी एसके गुप्ता ने बताया कि सरकार के आश्वासन पर 25 फरवरी से हड़ताल स्थगित कर दी थी। लेकिन सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

विधान परिषद की 28 सीटों के लिए मतदान

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। प्रदेश में विधान परिषद की 28 सीटों के लिए आज 58 जिलों में चुनाव हो रहे हैं। वोटिंग सुबह 8 बजे से शुरू हो गयी और दोपहर 3 बजे तक होगी। चुनाव में कुल 105 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनके भाग्य का फैसला करीब 1 लाख वोटर करेंगे। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अरुण सिंघल ने कहा कि वोटिंग के लिए कुल 729 केंद्र
बनाए गए हैं।
संवेदनशील क्षेत्रों में केंद्रीय अद्र्धसैनिक बल और अन्य स्थानों पर पीएसी व अन्य सशस्त्र बल तैनात किया गया है। चुनाव प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए सभी 28 निर्वाचन क्षेत्रों में प्रेक्षक नियुक्त किए गए हैं। इसके अलावा धन-बल के प्रयोग को रोकने के लिए आयोग ने 11 व्यय प्रेक्षक भी तैनात किए हैं। इन चुनावों में 28 सीटों में 7 ऐसी सीटें हैं, जहां सपा को बीजेपी से कड़ी टक्कर मिल रही है। इनमें से 2 सीटों पर बीजेपी ने निर्दलीय प्रत्याशियों को समर्थन दे रखा है। एक सीट पर पार्टी को बीएसपी से कड़ी टक्कर मिल रही है। सपा की कमजोर सीट में अलीगढ़-हाथरस में सपा से जसवंत सिंह, निर्दल सुनील सिह में हैं। मिर्जापुर-सोनभद्र से सपा से रामलली मिश्र, निर्दल विनीत सिंह में कांटे का मुकाबला है। बुलंदशहर-गौतमबुद्धनगर से सपा के नरेंद्र भाटी, बीजेपी से संजय शर्मा मैदान में हैं। वाराणसी-चंदौली से सपा से मीना सिंह, निर्दल ब्रिजेश सिंह में मुकाबला कड़ा है।

चार दिन बाद भी नहीं मिला शिप्रा का कोई सुराग

  • शिप्रा-चेतन ने की थी लव मैरिज, एक साल का बेटा भी है

  • पुलिस ने कहा टीम गठित कर कर रहे हैं हर पहलू पर जांच

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नोएडा। स्नैपडील इंजीनियर के बाद अब फैशन डिजाइनर शिप्रा मलिक (29) लापता हो गई है। चार दिन बीतने के बाद भी पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल सका है। शिप्रा ने मोबाइल से लास्टं कॉल पुलिस कंट्रोल रूम के 100 नंबर पर किया था। उसकी कार नोएडा सेक्टर-29 के विजया इंक्लेव के सामने से मिली है। शिप्रा के पति चेतन मलिक बिल्डर हैं। पहले इंजीनियर अब फैशन डिजायनर के लापता होने का यह सिलसिला पुलिस और प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर रहा है।
शिप्रा के परिवार ने बताया कि शिप्रा के लापता होने के बाद उसका एक साल का बेटा अर्नव लगातार मां के लिए रो रहा है। वहीं, दूसरी तरफ चेतन भी कुछ बोलने की स्थिति में नहीं है। आखिरी बार 29 फरवरी 2016 को दोपहर करीब एक बजे शिप्रा डिजाइनिंग के काम से चांदनी चौक के लिए कार से निकली। करीब 2 बजे वह थोड़ी देर के लिए सेक्टर-29 स्थित ब्रह्मपुत्र मार्केट में पति चेतन से मिलने के लिए रुकी। वहां से वह दिल्ली के लिए निकल गईं। दोपहर करीब तीन बजे चेतन घर जा रहे थे, तभी उन्होंने शिप्रा की कार विजया इन्क्लेव के सामने खड़ी देखी। चेतन ने बताया कि ड्राइवर सीट के पास की गेट का विंडो खुला था और कार में कोई भी नहीं था। चाभी ब्रेक के पास नीचे पड़ी थी।
शिप्रा ने पुलिस कंट्रोल रूम में की थी आखिरी काल
शिप्रा की कार मिलने के बाद चेतन ने शिप्रा को फोन किया, लेकिन मोबाइल स्विच ऑफ था। शिप्रा के गायब या किसी तरह के हादसे के शक के चलते चेतन ने सेक्टर-20 थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। मामले पर एसपी सिटी दिनेश यादव ने कहा कि शिप्रा ने आखिरी कॉल दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम को किया था। यह कॉल पिक होने के तुरंत बाद डिस्कनेक्ट हो गया। पुलिस को शिप्रा के मोबाइल की लास्ट लोकेशन 29 फरवरी की दोपहर 2 बजकर 56 मिनट पर लाजपत नगर फ्लाईओवर के पास की मिली है। मामले को लेकर एक टीम का गठन किया गया है, जो हर पहलू पर जांच कर रही है।

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