हंगामेदार रहा नगर निगम का सदन

सदन में कुल 23066.64 लाख पेश हुआ बजट

Capture 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। नगर निगम का सदन काफी हंगामेदार रहा। इसमें पार्षदों ने स्मार्ट सिटी, शौचालय, कूड़ा निस्तारण, राजस्व वसूली के नये नियमों को लेकर जमकर हंगामा किया। इसके साथ ही पीने के पानी की समस्या पर भी जबरदस्त बहस हुई। सदन में बार-बार पार्षद खड़े होकर नारेबाजी और हंगामा करते रहे।
नगर निगम में पेश होने वाले बजट की प्रक्रिया पर कांग्रेस के पार्षद गिरीश की तरफ से पहले ही सवाल खड़े कर दिये गये थे, जिसमें उन्होंने नगर निगम के बजट को नियमों के विपरीत बनाये जाने का आरोप लगाया था। इसके साथ ही बजट में शामिल बातों के बारे में सदस्यों और पदाधिकारियों से सलाह न लेने की बात भी कही थी। जबकि बीजेपी पार्षद विनोद कृष्ण सिंघल तो सदन में पेश होने वाले बजट की वैधता पर ही सवाल उठा चुके हैं। ऐसे में करीब ढ़ाई घंटे तक चले सदन में शुरू से आखिर तक हंगामा होता रहा।
नगर निगम के सदन में कुल 23066.64 लाख का बजट पेश किया गया। इसमें सकल आय 159227.67 लाख और सकल व्यय 136161.05 लाख शामिल है। सदन में कूड़ा निस्तारण और जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र पर जोरदार बहस हुई। जिसमें पार्षद यावर हुसैन रेशू ने प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर जनता से 300-400 रुपये तक की वसूली करने, प्रमाण पत्र बनाने में 15-20 दिन का समय लगे का मामला उठाया। इसके साथ ही पार्षद ममता ने कुछ सरकारी विभागों में आनलाइन प्रमाण पत्रों को वैध नहीं माने जाने का मामला उठाया। इसको गंभीरता से लेकर महापौर ने सीआरएस व्यवस्था से 24-48 घंटे के अंदर प्रमाण पत्र देने और विलंब के कारणों का तीन दिन में निदान करने के लिए नगर आयुक्त को व्यवस्था करने की बात कही। इसके साथ ही जन समस्याओं के निस्तारण में बरती जा रही लापरवाही, कूड़ा निस्तारण के नाम पर लोगों से की जा रही लूट, कूड़ा उठाने में सफाई कर्मियों की मनमानी और अभद्र व्यवहार का भी मुद्दा उठाया गया। सदन में पीने वाले पानी की गंभीर समस्या का मुद्दा भी उठाया गया। जिसमें पानी नहीं आने, गंदा पानी आने और आपूर्ति बाधित होने की शिकायतों पर विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही का मुद्दा भी उठाया गया।

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