स्वास्थ्य भवन में फिर लगी आग

संयुक्त निदेशक पैरामेडिकल के केबिन नंबर चार में फिर हुआ शार्ट सर्किट
शार्ट सर्किट के बहाने पुरानी घटनाओं के राज पर पर्दा डालने की तो नहीं हो रही कोशिश

 4पीCaptureएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। स्वास्थ्य विभाग में आग लगने का सिलसिला रूक नहीं रहा है। 5 अगस्त को डीजी ऑफिस के कई कमरों में आग लगने से महत्वपूर्ण फाइलें व दस्तावेज पूरी तरह से जल गये थे। अभी दो दिन भी नहीं बीते थे कि स्वास्थ्य भवन के चौथी मंजिल पर स्थित संयुक्त निदेशक पैरामेडिकल कार्यालय के केबिन नंबर चार में आग लग गई। हालांकि जब तक आग फैलती तब तक कर्मचारियों की ओर से आग पर काबू पा लिया गया। आग से नुकसान की कोई सूचना नही है। कर्मचारियों ने बताया कि पंखे में शार्ट सर्किट के कारण आग लग गई थी।
फाइल सेक्शन में ही क्यों लगती है आग

ये महज इत्तेफाक नहीं बल्कि सच है कि आग हरदम ऐसी जगह लगती है जहां पुरानी फाइलें व दस्तावेज रखे होते हैं, जिससे यह कहा जा सकता है कि आग लगती नहीं लगाई जाती है। 14 जून और 5 अगस्त को लगी आग में घोटाले के सुबूत जलकर खाक हो गये लेकिन अभी तक कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया। हालांकि विद्युत सुरक्षा निदेशालय ने स्वास्थ्य निदेशालय को दी गई अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 14 जून को लगी आग पर संशय है, ऐसा कोई फाल्ट नहीं मिला ह,ै जिससे यह साबित हो सके कि शार्ट सर्किट से आग लगी है।
नाकाफी हैं आग बुझाने के इंतजाम

स्वास्थ्य भवन में लगातार शार्ट सर्किट के मामले सामने आ रहे हंै लेकिन स्वास्थ्य निदेशालय का उदासीन रवैया सुधर नहीं रहा है। आग से बचाव के लिए इंतजाम नाकाफी है। सिलेंडर खाली पड़े है , स्मोक सेंसर बेकार पड़े हैं। स्वास्थ्य भवन के अधिकारियों ने 14 जून को लगी आग से कोई सबक नहीं लिया। इसीलिए 50 दिन बाद भी न तो आग बुझाने वाले फ ायर इंस्टिंग्विशर (सिलेंडर) भरे हुए थे और न ही स्मोक सेंसर काम कर रहे थे। कर्मचारी व गार्ड सिर्फ भागदौड़ करते रह गए। फ ायर विभाग के अधिकारियों ने 14 जून के बाद स्वास्थ्य भवन में फ ायर फ ाइटिंग संसाधन दुरुस्त करने के लिए कहा था लेकिन सुनवाई नहीं हुई जिसका नतीजा इस रूप में सामने आया।
महज इत्तेफाक नहीं है यह घटना

अभी डीजी ऑफिस में लगी आग के दो दिन भी नहीं बीते थे कि एक और आग की घटना ने कई सवालिया निशान खड़े कर दिये हैं। बहरहाल लोग इसे इत्तेफाक मान रहे हैं लेकिन इस घटना के पीछे साजिश से भी इंकार नहीं कर रहे हैं। इस घटना के कई पहलू निकलकर सामने आ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक साजिशकर्ताओं की ओर से पिछली दो घटनाओं में शार्ट सर्कि ट की बात को सही दिखाने के लिए ये चाल चली जा सकती है, ताकि मीडिया में मैसेज चला जाये कि पिछली दोनों घटनायें शार्ट सर्किट से ही हई थी।

Pin It