स्मृति के दौरे ने उड़ाई कांग्रेस की नींद

स्मृति इरानी के कार्यक्रम में हर बार की तुलना में दिखी ज्यादा भीड़
अमेठी में राहुल गांधी के खिलाफ हुई नारेबाजी

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ । फिल्म के छोटे पर्दे से राजनीति के बड़े पर्दे पर छलांग लगाने वाली स्मृति ईरानी कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं। इसी सप्ताह उन्होंने अमेठी का दौरा ही नहीं किया, बल्कि अमेठी में एक रात रुकीं और चौपाल लगाकर जुगलबंदी भी की। ईरानी ने वहां के लोगों को इलाज के लिए दिल्ली बुलाया है। ऐसा पहली बार हुआ कि अमेठी में राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। स्मृति ईरानी के बढ़ते कद को इससे ही समझा जा सकता है कि लोकसभा का चुनाव हारने के बाद भी उन्हें, राज्यसभा से सांसद बनाकर मानव संसाधन विकास मंत्री बनाया गया है।
स्मृति ईरानी के कार्यक्रम के दौरान हर कोई एक झलक पाने के लिए आतुर दिखा। इस बार हर बार की तुलना में 10 गुना ज्यादा भीड़ दिखाई दी, जबकि यह कोई चुनावी मौसम नहीं है। मंच से जब ईरानी भाषण दे रही थीं उसी समय एक युवक पुलिस का जाल तोडक़र, उनके सामने आना चाहता था, लेकिन पुलिस उन्हें आने नहीं दे रहीं थी। यह सबकुछ स्मृति ईरानी बड़े ही गौर से देख रही थीं। जब पुलिस उसे पकडक़र ले जाने लगी तो, उन्होंने बीच में ही भाषण को रोकते हुए कहा कि दारोगाजी छोड़ दीजिए, काहे परेशान कर रहे हैं। उनका यह कहने का लहजा भी स्थानीय लोगों के दिलों में जगह बनाने का था। यही नहीं, पहली बार अमेठी में स्मृति ईरानी रात में रुकी, इससे भी स्थानीय लोग प्रभावित दिखे। इसके पहले जब वह आती थीं तो उसी दिन वापस दिल्ली चली जाती थीं। स्मृति ईरानी के अमेठी में रुकने की वजह से कांग्रेसी खेमे में हडक़ंप है। कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता भी दबी जुबान से यह मानते हैं कि यदि इसी तरह भाजपा अमेठी में स्मृति ईरानी को आगे कर अभियान चलाती रही, तो राहुल गांधी के लिए लोकसभा चुनाव में पटखनी भी मिल सकती है।
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के दौरे को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि उनके निशाने पर वर्ष 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव हैं। यदि विधानसभा चुनाव में अमेठी जिले से कांग्रेस की एक भी सीट नहीं निकल पाती है, तो यह भाजपा के लिए बड़ी जीत होगी, भले ही यहां पर भाजपा को कोई सीट न मिले। इसके बाद लोक सभा चुनाव में स्मृति ईरानी का रास्ता आसान हो जाएगा। यह भी माना जा रहा है कि यदि राहुल गांधी को उनके गढ़ में ही पटखनी मिलेगी तो यह संदेश पूरे देश में जाएगा। वहीं दूसरी ओर स्मृति ईरानी के लिए भी यह सबसे अच्छा मौका है कि वह अमेठी में लोगों के दिलों में जगह बनाकर राहुल गांधी को हरा सकती हैं। यहां के राजवाड़े से राज्य सभा सांसद संजय सिंह मामले में भी भाजपा ने अच्छी चाल चली है। उनके बेटे अनंत विक्रम सिंह को अपने पाले में कर भाजपा ने यह संकेत दिया है कि वह चुनाव में राजा को भी साथ लेकर चल रही है, भले ही संजय सिंह और अनंत की बीच तलवारें खिंच रही हैं। सोनिया गांधी का 20 जनवरी को रायबरेली का दौरा रद्द हो गया है। इसको लेकर, ऐसा माना जा रहा है कि सोनिया गांधी स्मृति ईरानी के दो दिन अमेठी में रुकने को लेकर नए सिरे से मंथन कर रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लखनऊ दौरे के बाद वह न केवल राय बरेली, बल्कि अमेठी भी जा सकती हैं।

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