स्मृति और कठेरिया के बयान पर संसद में भारी हंगामा

  • कठेरिया के साम्प्रदायिक भाषण पर उनकी बर्खास्तगी की मांग
  • विपक्षी दलों का आरोप स्मृति ने सदन को किया गुमराह

01 MARCH P1.jpg1111 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। संसद में स्मृति ईरानी के बयान से उपजा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। रेल बजट और आम बजट पेश होने के बाद भी संसद में स्मृति का राहुल वेमुला पर दिया गया बयान ही चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ बसपा समेत दूसरे विपक्षी दल मामले में ईरानी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की नोटिस लाने की बात कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ मानव संसाधन राज्य मंत्री रामशंकर कठेरिया ने मुस्लिमों के खिलाफ आगरा में जहर उगलकर सदन के माहौल को और गरमा दिया। ऐसे में हंगामे के बीच संसद के दोनों सदनों को स्थगित कर दिया गया।
लोकसभा और राज्यसभा में मंगलवार को मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के रोहित वेमुला पर दिए बयान और मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री रामशंकर कठेरिया के विवादित बयान पर जमकर हंगामा हुआ। आगरा में विहिप नेता की हत्या के बाद श्रद्धांजलि सभा में शरीक होने पहुंचे कठेरिया ने कहा कि मंत्री बनने से मेरे हाथ बंध गए हैं। इतना ही नहीं कठेरिया ने मुसलमानों के खिलाफ भडक़ाऊ बयानबाजी भी की। इस बयानबाजी को लेकर सदन में भारी हंगामा हुआ। हंगामे के बाद दोनों सदनों को स्थगित कर दिया गया। मायावती की बहुजन समाज पार्टी ने स्मृति के खिलाफ राज्यसभा में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव दिया। जबकि कांग्रेस ने रामशंकर कठेरिया के बयान पर संसद के दोनों सदनों में स्थगन प्रस्ताव दिया। इन मुद्दों पर राहुल गांधी भी आज मोदी सरकार को घेरने की योजना में हैं। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी लोकसभा में लगभग तीन बजे इस मुद्दे पर बोलेंगे। इस दौरान राहुल व्यक्तिगत हमलों का भी जवाब देंगे।
जेएनयू में देशद्रोही नारेबाजी के आरोपी छात्रों का समर्थन करने के आरोप पर राहुल गांधी सदन में जवाब देंगे। राहुल कांग्रेस और खुद पर हुए व्यक्तिगत जुबानी हमलों पर भी बोलेंगे। विपक्षी दलों ने स्मृति के संसद में दिए गए बयान को आधार बनाकर उन पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया है। बीते दिन वित्त मंत्री अरुण जेटली के बजट पेश किए जाने के ठीक बाद कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सदस्यों ने लोकसभा में मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन के प्रस्ताव के मुद्दे को उठाया था। विपक्षी दलों का कहना है कि स्मृति ईरानी ने संसद में पांच जगह गलत तथ्य पेश किये है और उन्होंने जानबूझकर गुमराह किया है। जेडीयू सांसद केसी त्यागी और केटीएस तुलसी ने 27 फरवरी को ही नोटिस दे दिया है। लेफ्ट और कांग्रेस की ओर से भी नोटिस दिया गया है।
आज संसद स्मृति के बयान को लेकर लोकसभा दो बजे तक के लिए स्थगित की गई। वहीं राज्यसभा 12 बजे तक स्थगित रही। दूसरी तरफ कांग्रेस के चिदंबरम के बेटे कीर्ति आजाद का भी मुद्दा सदन में छाया रहा। गौरतलब है कि कांग्रेस ने सोमवार को स्मृति ईरानी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया, साथ ही लोकसभा में थोड़ी देर तक हंगामा किया। यह घटना तब घटी, जब वित्तमंत्री अरुण जेटली वर्ष 2016-17 का आम बजट पेश करने के लिए खड़े हुए। सदन की बैठक जैसे ही शुरू हुई लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने जेटली को बजट पेश करने को कहा।

विचाराधीन है विशेषाधिकार हनन नोटिस

लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव विचाराधीन है। सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष सदस्य अपने स्थानों पर खड़े हो गए थे और रोहित वेमुला मामले में सदन को कथित तौर पर गुमराह करने के खिलाफ पेश विशेषाधिकार हनन के नोटिस के बारे में जानना चाहा। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा था कि मुझे स्मृति ईरानी के खिलाफ 26 और 29 फरवरी का विशेषाधिकार हनन का नोटिस मिला है। यह विषय मेरे विचाराधीन है।

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