स्मार्ट सिटी और उसकी चुनौतियां

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में पहले निगम को 24 घंटे विद्युत सप्लाई तथा अण्डर ग्राउण्ड वायरिंग करनी होगी। स्मार्ट सिटी में निगम को पानी सप्लाई का काम भी अपने हाथ में लेना होगा। शहर में पानी सप्लाई की यह स्थिति है कि उंचाई वाले घरों में तो पानी पहुंचता ही नहीं है। वहीं कई जगह पर यह स्थिति है कि घंटों तक पानी व्यर्थ बहता रहता है। निगम को पहले वर्षों पुरानी पाईप लाईन को बदल सभी जगह समान दबाव से 24 घंटे जलापूर्ति सुनिश्चित करनी होगी।

sanjay sharma editor5आखिरकार लखनऊ को स्मार्ट सिटी बनाने की मंजूरी मिल ही गई। कल शहरी विकास मंत्री वंकैया नायडू ने दूसरी लिस्ट जारी की, जिसमें लखनऊ को अव्वल स्थान मिला है। लंबे समय से इसका इंतजार किया जा रहा है। पहली लिस्ट में लखनऊ को जगह नहीं मिली थी, इससे लोगों में काफी निराशा थी। लेकिन कल इस खबर के आने के बाद शासन-प्रशासन से लेकर जनता में खुशी का माहौल दिखा। लोगों का खुश होना जायज है। क्योंकि लखनऊ स्मार्ट होगा तो उसका लाभ जनता को ही मिलेगा। लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। जीवन-स्तर में सुधार आएगा। यहां तक तो ठीक है। स्मार्ट सिटी की राह इतनी आसान नहीं है। यहां बहुत सारी चुनौतियां विद्यमान हैं। महत्वपूर्ण यह है कि राजधानी को स्मार्ट बनाने के लिए जिम्मेदार सबसे पहले यहां की मूल समस्याओं से निपटें। आईटी, वाई-फाई, बिजली, जलजमाव, ठोस कचरा प्रबंधन, सीवरेज की सफाई ,जलापूर्ति, स्थानिक नियोजन, यातायात जैसी कई समस्याओं पर काम करना बड़ी चुनौती है। इसके अलावा चिकित्सकीय सेवा को बेहतर बनाना भी कठिन चुनौती है। 30 मिनट की इमरजेंसी सेवा के साथ सभी घरों तक टेलीमेडिसीन सेवा की पहुंच। 1500 की आबादी पर कम से कम एक डिस्पेंसरी और 1 लाख की आबादी पर 25 से 30 बेडों का नर्सिंग होम। वर्तमान में प्रदेश में चिकित्सकों की कमी एक बड़ी समस्या है। स्मार्ट सिटी की चुनौतियों में पॉवर सप्लाई भी महत्वपूर्ण है। शहर में विद्युत आपूर्ति कभी भी स्थिर नहीं होती है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट मेे 24 घंटे शहर में विद्युत आपूर्ति सप्लाई करना तय किया गया है, परन्तु वास्तविकता इससे अलग है। वर्तमान में शहर के अधिकांश हिस्सों में अघोषित पॉवर कट रहता है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में पहले निगम को 24 घंटे विद्युत सप्लाई तथा अण्डर ग्राउण्ड वायरिंग करनी होगी। स्मार्ट सिटी में निगम को पानी सप्लाई का काम भी अपने हाथ में लेना होगा। शहर में पानी सप्लाई की यह स्थिति है कि उंचाई वाले घरों में तो पानी पहुंचता ही नहीं है। वहीं कई जगह पर यह स्थिति है कि घंटों तक पानी व्यर्थ बहता रहता है। निगम को पहले वर्षों पुरानी पाईप लाईन को बदल सभी जगह समान दबाव से 24 घंटे जलापूर्ति सुनिश्चित करनी होगी।
स्मार्ट बनने के लिए सबसे जरूरी है सरकारी तंत्र में सुधार। क्योंकि सारी जिम्मेदारी उन्हीं होगी। अच्छा हो कि राजधानी को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए जिन लोगों को यह जिम्मेदारी सौंपी जाए वह ईमानदारी और निष्ठïापूर्वक अपने कार्य का निर्वहन करें और राजधानी के प्रति जवाबदेही के लिए तैयार रहें।
द ऐसा होता है तो यह कहने में जरा भी संदेह नहीं कि हमारा लखनऊ बहुत जल्द स्मार्ट हो जाएगा। इसके साथ ही देश भर में हमारी गिनती स्मार्ट लोगों में होगी।

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