स्टंटबाजों पर लगाम लगाने में नाकाम पुलिस, खुद भी हो रही शिकार

  • कई युवको की स्टंट के दौरान हो चुकी है मौत
  • स्टंटबाजों पर लगाम कसने को गंभीर नहीं दिखती पुलिस
  • पुलिस कर्मियों के घायल होने के बाद स्टंट बाजों के खिलाफ अभियान चलाने की योजना बना रही पुलिस

 आमिर अब्बास

Capture3लखनऊ। राजधानी में लंबे समय से स्टंटबाज शहरियों के लिए मुसीबत का कारण बने हुए हैं। इस शौक की वजह से सैकड़ों युवक अपनी जान गंवा चुके हैं। इनकी कलाबाजियों के चक्कर में सैकड़ों निर्दोश भी अपनी जान गंवा चुके हैं। शहर में कई घटनाएं होने का बाद भी पुलिस स्टंटबाजों पर लगाम लगाने में नाकाम साबित हुई। आखिरकार स्टंटबाजों ने पुलिस कर्मियों को अपना शिकार बनाना शुरू कर दिया। हाल ही में गोमतीनगर में ड्यूटी के दौरान दो पुलिस कर्मी स्टंटबाजों का शिकार हो गये। इन दोनों को गंभीर चोटें आईं। तब पुलिसकर्मियों की आंखें खुलीं लेकिन स्टंटबाजों पर रोक लगाने का कोई ठोस इंतजाम नहीं हुआ।
शहर में तेज रफ्तार बाइक चलाना और स्टंट करना युवकों का शौक बन चुका है। लेकिन ये शौक युवकों की मौत का कारण बनता जा रहा है। यही नहीं युवक हाईवे पर गाडिय़ों की भीड़ के बीचोबीच तेज स्पीड में गाड़ी चलाने और स्टंट करने में भी जरा नहीं हिचकिचाते हैं। इन्हें न तो अपनी मौत की चिन्ता होती है, न ही सडक़ पर चलने वाले दूसरे लोगों की। इसी वजह से सडक़ पर चल रहे लोगों को इनका शिकार होना पड़ता है। ऐसे ही कई मामले राजधानी के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में देखने को मिलते हैं, जहां युवक मौत ही उड़ान भर रहे हैं और पुलिस इन पर लगाम नहीं लगा पा रही है। बीते दिनों चौक थानाक्षेत्र निवासी सलमान की स्टंटबाजी के चक्कर में मौत हो गयी थी। इसके बाद न परिजनों ने अपनी औलाद खो दी और जिन्दगी भर के लिए पूरे घर में शोक फैल गया। जनवरी 2016 में सआदतगंज थाना क्षेत्र के रुस्तम नगर निवासी फैजान (21) पुत्र बाबू और सोनू (19) पुत्र नौशाद की अवेंजर बाइक से स्टंट के दौरान अनियंत्रित होकर खम्बे में जा टकराई। इस हासदे में दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई थी, सआदतगंज मेडिकल संचालक की स्टंट करते समय सडक़ हादसे में मौत हो गयी, आशियाना में बीते वर्ष धनंजय मौर्या की स्टंट के दौरान फ्लाई ओवर से गिरकर मौत हो गयी थी। इसके अलावा कई ऐसे मामले हैं, जिसमें स्टंट और तेज़ रफतार के चक्कर में कई युवकों की जान चली गई। वहीं गोमती नगर जनेश्वर मिश्र पार्क के पास स्टंटबाजों ने चौकी प्रभारी शशांक शुक्ला पर ही बाइक चढ़ा दी। इस हादसे में शशांक शुक्ला और एक अन्य पुलिस कर्मी घायल हो गये। लेकिन समय रहते ही पुलिस ने दबोच लिया। इस तरह स्टंटबाज जब पुलिस को ही अपना शिकार बनाने लगें तो आम आदमी का तो कोई वैल्यु ही नहीं।
गोमती नगर मानो स्टंटबाजों के लिए ही बनाया गया है। यहां रोज़ सैकड़ों स्टंटबाज़ मरीन ड्राइव, सहारा फ्लाई ओवर जनेश्वर पार्क व गोमती नगर के आस-पास के क्षेत्रों में अपने कर्तब दिखाते नजऱ आते है, जिस दौरान या तो वो खुद घायल हो जाते हैं या फिर दूसरे राहगीरों को इनका शिकार होना पड़ता है। थाना प्रभारी गोमती नगर धीरेंद्र कुमार शुक्ला ने बताया कि घायल दारोगा अभी अस्पताल में है। लेकिन हालत गंभीर बनी हुई है।

पर्याप्त सतर्कता बरती जाएगी : जय प्रकाश सिंह, एसपी टीजी

तेज़ रफ्तार बाइक चालकों और स्टंटबाजों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अब नये तरीके अपना रही है, जिससे बाइक चालक भी सुरक्षित रहें और राहगीरों की भी सुरक्षा की जा सके। राजधानी की पुलिस अब मूवेबल बैरीकेडिंग लगाकर स्टंटबाजों की घेराबंदी करेगी। इससे स्टंट करने वाले युवकों पर लगाम लगाई जा सकेगी। गैर कानूनी काम करने वालों को पकडऩे के चक्कर में पुलिस का घायल होना कोई नई बात नहीं है। पुलिस अपने काम के दौरान कई बार चोटिल हुई है। लेकिन इस तरह के हादसों को देखते हुए पुलिस खामोश नहीं रहेगी। अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने हमेशा अभियान चलाया है, चाहे बाइक सवार स्टंटबाज हों या फिर कोई और अपराधी। इन सभी के खिलाफ लगातार अभियान जारी है। लेकिन अभियान में इस बात का खासतौर पर ध्यान रखा जाएगा कि स्टंटबाजों को रोकते समय उन्हें किसी तरह की चोट न पहुंचे।

स्टंटबाजों की करनी झेल रहा पीडि़त दारोगा

भले ही जनेश्वर फ्लाई ओवर उद्यान चौकी इंचार्ज शशांक देव शुक्ला अपने साथियों के साथ सहारा पुल पर चेंकिग कर रहे थे। उधर से बाइक सवार दो युवक फर्राटा भरते हुए निकले, तो दारोगा ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। पहले तो दोनों युवकों ने गाड़ी धीमी की फिर अचानक से गाड़ी की स्पीड तेज़ कर दी और दारोगा को ज़ोरदार टक्कर मारते हुए भाग निकले। इस हादसे में दारोगा को गंभीर छोटे आयी थी। सूचना पाकर मौके पर डीआईजी आरकेएस राठौर, एसपी उत्तरी विजय ढुल, सीओ गोमतीनगर सत्यसेन यादव व थानाध्यक्ष धीरेन्द्र कुमार शुक्ला पहुंचे थे । घायल दारोगा शशांक देव शुक्ला को मेयो अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने बताया कि दारोगा का कन्धा, हाथ व पैर टूट गया है। उन्हें आईसीयू में रखा गया था। बीते 23 अगस्त को दारोगा शशांक के कंधे का ऑपरेशन हुआ। वहीं चार दिन बाद भी घायल दारोगा अभी अस्पताल में उस हादसे की पीड़ा झेल रहा है। लेकिन कई आम लोगों के साथ-साथ दारोगा के घायल होने के बाद भी पुलिस अभी तक स्टंटबाजों पर लगाम लगाने में पूरी तरह नाकाम नजऱ आ रही है।

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