सौ करोड़ जमा करने पर माया की सफाई, नहीं किया मैंने कोई घोटाला

कहा, मैं खुद वकील हूं इसलिए कायदे कानून में रहकर किया काम
ये पैसा सदस्यता शुल्क का था और नियमों के मुताबिक जमा किया गया
पार्टी की छवि धूमिल करने के लिए भाजपा कर रही सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग
पीएम दलित की बेटी से खफा, नहीं चाहते सत्ता की ‘मास्टर की’ मेरे पास आए भाजपा और अन्य पार्टियों के खातों में जमा रकम का भी करें खुलासा

captureलखनऊ। बहुजन समाज पार्टी के खाते में 104 करोड़ रुपये के पुराने नोट जमा होने के खुलासे पर बसपा प्रमुख मायावती ने सफाई देते हुएकहा कि मैं खुद वकील हूं, इसलिए कायदे कानून में रहकर काम करती हूं। सब कुछ नियमों के तहत किया गया है। मैंने कोई घोटाला नहीं किया। भाजपा सरकार सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर बसपा की छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रही है। बसपा प्रमुख आज पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि नोटबंदी के फैसले से भाजपा हार की आशंका से परेशान है और इस तरह की कार्रवाई कर रही है। उन्होंने भाजपा पर मीडिया को मैनेज करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि बीएसपी ने नियमों के मुताबिक पैसों को बैंक में जमा कराया है। नोटबंदी पर मेरे बयानों से बीजेपी की नींद उड़ी। उन्होंने कहा कि पूरे देश से जो चंदा आता है। वे छोटे नोटों में नहीं आता है। वह बड़े नोटों में आता है। यह पैसा मेंबरशिप का था। लेकिन उस समय कोई नोटबंदी नहीं हुई थी। इसी दौरान नोटबंदी का फैसला आया। यह पार्टी का पैसा था और दफ्तर में जमा था। हमने कोई हेराफेरी नहीं की बल्कि ईमानदारी से पैसे को जमा कराया। भाजपा के इशारे पर मीडिया इस मामले को तोड़-मरोडक़र पेश कर रही है। यह दलित विरोधी मानसिकता का परिणाम है। ऐसी मानसिकता वाले लोग कभी नहीं चाहते हैं कि दलित की बेटी के हाथ प्रदेश या केंद्र के सत्ता की चाबी आए। गरीबों के लिए दलित की बेटी कार्य करे यह भाजपा को अच्छा नहीं लगता। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा होगा तो धन्नासेठों और पूंजीपतियों का राज खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि बीजेपी और दूसरी पार्टियों ने भी पैसा जमा कराया है लेकिन इसकी कोई चर्चा नहीं की गई। मेरी मांग है कि भाजपा अपने और दूसरे पार्टी के लोगों द्वारा जमा कराए गए पैसे को भी उजागर करें। उन्होंने कहा कि यह दलित विरोधी मानसिकता और राजनीतिक ईष्या का परिणाम है। मेरे भाई आनंद कुमार ने भी आयकर नियमों के मुताबिक धनराशि जमा कराई है। वे इस धनराशि को ऐसे पेश कर रहे हैं जैसे यह कालाधन है। बसपा इसकी निंदा करती है। उन्होंने कहा कि जब भी चुनाव होता है केंद्र की सत्ता धारी सरकारें खास कर भाजपा इस तरह की कार्रवाई उनके खिलाफ करती है। पीएम दलित की बेटी से खफा हैं। लेकिन इससे भाजपा एंड कंपनी को फायदा कम नुकसान ज्यादा होगा। बसपा पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी। सपा और कांग्रेस के गठबंधन में बीजेपी की साजिश का जो खुलासा बीएसपी ने किया उससे भाजपा बौखला गई। इसीलिए मेरे खिलाफ साजिश कर रही है।

बसपा नेताओं से पूछताछ की तैयारी में आयकर टीम
नोटबंदी के फैसले के बाद बहुजन समाज पार्टी के खाते में 104 करोड़ रुपये के पुराने नोट जमा होने को लेकर आयकर विभाग की टीम पार्टी नेताओं से पूछताछ की तैयारी कर रही है। इस मामले को लेकर विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की मुसीबतें बढ़ सकती हैं। गौरतलब है कि सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के करोलबाग ब्रांच में बीएसपी के खाते को खंगाला। सूत्रों के मुताबिक बसपा के दिल्ली और उससे बाहर भी कई बैंकों में खाते हैं। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि जमा किए गए 104 करोड़ में 101 करोड़ एक हजार के नोट थे और शेष 500 के पुराने नोट मिले। निदेशालय के सूत्रों के मुताबिक ये रुपये 2 से 9 दिसंबर के बीच खाते में जमा किए गए। निदेशालय मायावती के भाई आनंद कुमार के खातों पर भी नजर रखे है। आनंद कुमार के खातों में नवंबर से दिसंबर के बीच 1 करोड़ 43 लाख जमा हुए हैं।

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