सोशल मीडिया पर भी छाने वाले हैं अखिलेश

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
G1लखनऊ। प्रदेश के नौजवान मुख्यमंत्री अब सोशल मीडिया पर छाने की तैयारी में है। पिछले काफी समय से एक सुनियोजित साजिश के तहत सोशल मीडिया पर यूपी सरकार और खुद सीएम अखिलेश यादव पर बेवजह हमले किये जा रहे थे। अब सरकार की अच्छी नीतियों और आम आदमी की पेरशानी दूर करने के लिए यूपी सरकार ने एक सराहनीय पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री के सूचना परिसर में सोशल मीडिया कम्युनिकेशन हब बनाया जा रहा है इस हब से न सिर्फ यूपी बल्कि देश भर की सभी सोशल वेबसाइट की मानीटरिंग का कार्य किया जायेगा बल्कि उन लोगों को तत्काल जवाब भी दिया जायेगा जो अनर्गल बातों से सरकार के प्रति दुष्प्रचार कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव समझ गये हैं कि अब खेत में काम करे रहे किसान के पास भी सोशल मीडिया है और वह इस सोशल मीडिया का इस्तेमाल करना भी देर सवेर सीख रहा है। यही नहीं नौैजवान भी अब सोशल मीडिया का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं। जाहिर है अब सोशल मीडिया एक सशक्त माध्यम बनता जा रहा है। सीएम जानते हैं कि सोशल मीडिया के इस इस्तेमाल का अगर सफलता पूर्वक प्रयोग कर लिया तो न सिर्फ सरकार की उपलब्धि सामने आयेगी बल्कि अपनी बात आसानी से आम आदमी तक पहुंचा दी जायेगी।
सीएम के इस ख्याल को सूचना विभाग ने व्यवहारिक रूप देते हुए ब्राडकास्ट इंजीनियरिंग कंसलटेंट्स इंडिया जो भारत सरकार का मिनी रत्न उद्यम है। उसको इस काम को लागू करने के लिए कार्यादेश दिया। यह कंपनी सीआरएम साफ्टवेयर के तहत ऑडियो, वीडियों तथा टैक्स्ट ग्रुप मैसेजिंग सिस्टम विकसित करके लोगों तक अपने संदेश पहुंचायेगी। यह सोशल मीडिया कम्प्यूनिकेशन भारत की समस्त सोशल मीडिया वेबसाइट की मानीटरिंग का कार्य भी करेगी और उन तक सरकार की बात भी पहुंचायेगी। इससे देश भर में पलक झपकते ही सरकार की अच्छी नीतियां पहुंचाई जा सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने अफसरों को यह भी निर्देश दिये हैं कि इस सोशल मीडिया का इस्तेमाल आम आदमी की परेशानियों के निदान के लिए भी किया जाय। अगर आप किसी मुसीबत में फंस गये हैं तो आप इस सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। आप के संदेश पाते ही यह कम्यूनिकेशन सेन्टर सम्बन्धित अफसरों को तत्काल आपकी मदद के निर्देश देगा। जाहिर है आने वाले कुछ दिनों में सीएम अखिलेश यादव सोशल मीडिया का ऐसा तंत्र विकसित करने जा रहे हैं जिसकी मिसाल पूरे देश में की जायेगाी।

  • यूपी सरकार ने भी कमर कसी सोशल मीडिया पर छाने के लिए
  • फेसबुक, ट्विटर और वाट्सएप पर भी पलक झपकते आपकी सहायता करेगी अखिलेश सरकार
  • प्रचार में मोदी टीम को पछाडऩे की तैयारी

आईजी डीके ठाकुर का वनवास खत्म, रिटायर होने से पहले

जाते-जाते बहनजी का नमक अदा कर गए डीजीपी जैन साहब

बसपा के दुलारे एके जैन ने कुछ महीनों में ही बसपा के चहेते अफसरों को दी
बढिय़ा पोस्टिंगसपा के लोग हैरान
हैं कि आखिर ऐसे अफसर को क्यों बनाया डीजीपी

१११ संजय शर्मा
लखनऊ। इस फोटो को देखते ही आपको पिछला काफी कुछ याद आ जायेगा। यह फोटो लखनऊ के तत्कालीन एसएसपी डीके ठाकुर की है। उन्होंनेआंदोलन कर रहे अखिलेश की टीम के सबसे तेज तर्रार नेता आनन्द भदौरिया के चेहरे पर पैर रख दिया था। इस फोटो ने अखिलेश यादव को बेहद गुस्से मे ला दिया था। सरकार बनने पर सीएम ने सबसे पहले डीके ठाकुर का तबादला आरटीसी चुनार में किया था। यह बेहद खराब पोस्टिंग मानी जाती है।
बाद में कई नेताओं और अफसरों ने डीके ठाकुर की सिफारिश की मगर सीएम ने साफ-साफ कह दिया कि जो अफसर सपा कार्यकर्ताओं पर इतनी बेरहमी कर सकता है तो उसको वहीं तैनात रखा जायेगा।
यह बात दीगर है कि उस समय कानून की रखवाली करने वाले एके जैन लखनऊ के ही आईजी थे, क्योंकि वह मायावती के बेहद दुलारे थे। उनको पता था कि मायावती की चमचागिरी में कितना फायदा है। लिहाजा वह भी सपा कार्यकर्ताओं की इस पिटाई के मूकदर्शक बने रहें और ऐसे अफसरों को आगे बढ़ाते रहे।
समय का चक्र बदला और अखिलेश यादव प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। यह एके जैन की काबलियत थी कि वह मायावती के बाद अखिलेश के भी उतने ही दुलारे हो गये और प्रदेश के डीजीपी की कुर्सी तक पहुंच गये।
अब जब जैन साहब के रिटायर होने में सिर्फ 3 दिन बचे है तब वह माया के दुलारे अफसरों के बनवास को खत्म करने की कोशिश में जुट गये। उन्होंने प्रस्ताव भेजा कि डीके ठाकुर को इलाहाबाद पीएसी में तैनात कर दिया जाए और ऐसा हो भी गया। इससे पहले वह माया के एक और दुलारे हरीश कुमार जो बसपा सरकार में एसपी ईस्ट थे उन्हें भी उन्नाव आरटीसी में तैनात कर चुके हैं। इसके अलावा भी मायावती के कई दुलारों पर जैन साहब की मेहरबानी बरस चुकी है।

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