सोशल मीडिया पर भद्दे कमेंट्स

इसी प्रकार स्मृति ईरानी को शिक्षा मंत्रालय से हटाकर कपड़ा मंत्रालय दिये जाने पर भी लोगों ने सोशल साइट्स पर उल्टे सीधे कमेंट किए। एक कमेंट जो सबसे अधिक वायरल हुआ, वह था-आज फिर एक बिटिया के हाथ से कलम छुड़ाकर सिलाई मशीन पकड़ा दी गई।

sanjay sharma editor5आजकल हर इंसान के हाथ में मोबाइल है। उसमें इंटरनेट और सोशल साइट्स से जुड़े सारे ऐप्स भी मौजूद हैं। इंसान फेसबुक, ट्विटर और अन्य सोशल साइट्स के माध्यम से अपनी बात एक दूसरे से शेयर भी कर रहा है। लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे लोग भी सक्रिय हैं, जो अपने भद्दे कमेंट्स करके सोशल साइट्स पर गंदगी फैलाने का काम कर रहे हैं। ऐसे लोग अपने दोस्तों, बॉलीवुड स्टार्स और नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करते रहते हैं, जिसका उन्हें करारा जवाब भी मिलता है लेकिन उन लोगों की सोशल साइट्स पर भद्दे कमेंट्स करने की आदत नहीं जा रही। ये समस्या व्यापक रूप लेती जा रही है, जो विचारों के सशक्त माध्यम से रूप में प्रचलित सोशल साइट्स का इस्तेमाल करने वाले बहुत से लोगों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। इस पर रोक लगाये जाने की जरूरत है। हाल ही में बंगाली एक्ट्रेस पार्णो मित्रा ने सोशल मीडिया पर अपनी फोटो शेयर की थी। उस फोटो पर किसी ने भद्दे कमेंट किए, जिसमें उनकी शारीरिक बनावट पर उल्टा-सीधा बयान दिया गया। ऐसा करने वालों को पार्णो मित्रा ने करारा जवाब दिया और नयी फोटो पोस्ट करने के बाद लिखा कि क्या सोशल मीडिया लोगों को कुछ भी लिखने की आजादी देता है। हां, मैं महिला हूं मेरे पास….है। अगर तुम लोगों को परेशानी होती है, तो मेरी फोटोमत देखो। सोशल साइट्स पर अनफ्रेंड और अनलाइक का ऑप्शन भी है। उसका इस्तेमाल करो।
इसी प्रकार स्मृति ईरानी को शिक्षा मंत्रालय से हटाकर कपड़ा मंत्रालय दिये जाने पर भी लोगों ने सोशल साइट्स पर उल्टे सीधे कमेंट किए। एक कमेंट जो सबसे अधिक वायरल हुआ, वह था-आज फिर एक बिटिया के हाथ से कलम छुड़ाकर सिलाई मशीन पकड़ा दी गई। जबकि जनता दल यूनाइटेड के नेता अनवर ने कहा कि अच्छा हुआ स्मृति को कपड़ा मंत्रालय दिया गया है, कम से कम तन ढकने के काम आएगा। अनवर के इस बयान की चारों तरफ निंदा हो रही है। आप के नेता कुमार विश्वास ने बिना अनवर का नाम लिए ट्वीट कर ऐसे बयान को अनैतिक बताया है। जबकि स्मृति ईरानी ने कपड़ा मंत्रालय का पदभार संभालने के बाद कहा कि कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना। इन दोनों कमेंट्स से व्यक्तित्व की हकीकत का पता चलता है। लेकिन मामला अत्यंत गंभीर है।
यदि सोशल मीडिया पर गंदे कमेंट्स करने वालों और उल्टे सीधे बयान देने वालों की संख्या बढ़ती रही तो लोग सोशल मीडिया पर लिखी बातों और बयानों को गंभीरता से लेना बंद कर देंगे। जिस सोशल साइट्स ने दामिनी हत्याकांड में लोगों को जागरूक किया था, उसका प्रभाव खत्म हो जायेगा। इसलिए सोशल साइट्स पर किसी के व्यक्तित्व या उससे जुड़ी घटनाओं पर कमेंट्स करने से पहले जरूर सोचें।

Pin It