सोनिया पर रिश्वत के आरोपों से राज्यसभा में हंगामा

  • अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी से वीवीआईपी हेलीकॉप्टर खरीद मामले में सुब्रमण्यम स्वामी ने सोनिया गांधी पर लगाया रिश्वत लेने का आरोप
  • उत्तराखण्ड के मामले पर भाजपा को घेर रही कांग्रेस अब रिश्वत के आरोप में बैकफुट पर

BBB14पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। पिछले दो दिनों से संसद के दोनों सदनों में कांग्रेस सांसद केन्द्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए थे। लोकसभा से लेकर राज्यसभा तक दो दिनों में कार्यवाही के नाम पर महज कुछ घंटे काम हुआ, बाकी समय कांग्रेस उत्तराखंड मुद्ïदे को लेकर जबरदस्त हंगामा करती रही। लेकिन आज राज्यसभा में अलग ही नजारा देखने को मिला। आज आक्रामक मुद्रा में बीजेपी थी और बैकफुट पर कांग्रेस। राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो बीजेपी सांसदों ने अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर का मुद्ïदा उठाया। इतना ही नहीं भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सोनिया गांधी पर रिश्वत लेने का अरोप लगा दिया। सोनिया गांधी का नाम सुनते ही कांग्रेस सांसद तिलमिला गए और संसद के वेल में आकर विरोध करने लगे। सभापति ने कांग्रेस सांसदों से शांत रहने की अपील की लेकिन वह सुनने को तैयार नहीं हुए और मजबूरन सभापति को कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।

संसद के बजट सत्र के इस दूसरे चरण में कांग्रेस उत्तराखंड में जारी राजनीतिक संकट को लेकर बीजेपी पर हमलावर थी। ऐसे में अगस्ता वेस्टलैंड केस में इटली की कोर्ट का फैसला आने से बीजेपी को बैठे-बिठाए ऐसा मुद्ïदा मिल गया है। अब वह कांग्रेस को घेरने में जुटी हुई है। यह मामला सामने आने के बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और वित्त मंत्री अरुण जेटली की बाकी बड़े नेताओं के साथ मीटिंग हुई थी। इसमें आगे की स्ट्रैटजी पर बात हुई। इटली कोर्ट का फैसला आने के बाद दस जनपथ पर सोनिया गांधी ने भी हाईलेवल मीटिंग की थी। लेकिन आज राज्यसभा में बीजेपी आक्रामक दिखी। बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सीधे-सीधे सोनिया गांधी पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया। श्री स्वामी की राज्यसभा में नॉमिनेटेड मेंबर की हैसियत से एंट्री हुई है। मेंबर बनने के पहले ही दिन उन्होंने अगस्ता वेस्टलैंड में कांग्रेस नेताओं के रोल पर डिबेट कराने का नोटिस दे दिया। वहीं विपक्षी दल के नेता गुलाम नबी आजाद ने इस मामले में उल्टा बीजेपी पर आरोप लगाए। उन्होंने सवाल किया, क्या दोनों देशों के पीएम के बीच मुलाकात हुई? क्या उनके कारण डील अटकी? उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने एक्शन लिए। सीबीआई, ईडी को एक्शन लेने के लिए कहा और डील रद्ïद की। उस वक्त सरकार कोर्ट में गई और गारंटी मनी वापस लाई। टोटल एडवांस मनी वापस ली। तीन हेलीकॉप्टर जो आ गए थे उन्हें वापस नहीं दिया और अगस्ता वेस्टलैंड को ब्लैक लिस्टेड किया। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि यूपीए सरकार ने अगस्ता वेस्टलैंड को ब्लैक लिस्टेड किया और मोदी सरकार ने इस ब्लैक लिस्टेड कंपनी को मेक इन इंडिया का हिस्सा बनाया? इस पर राज्यसभा के नेता अरुण जेटली ने कहा, ‘कांग्रेस जिस मीटिंग की बात कर रही है वैसी कोई मीटिंग ही नहीं हुई। यह गलत है। इसलिए रिपोर्ट जो दी गई है उससे कुछ नहीं साबित होता।’ मेन मुद्ïदा डिफेंस लेनदेन का है। वहां रिश्वत का आरोप है।

क्या है मामला?
यूपीए-1 सरकार के वक्त 2010 में अगस्ता वेस्टलैंड से 12 हेलीकॉप्टरों की खरीद की डील हुई थी। डील के तहत मिले 3 हेलीकॉप्टर आज भी दिल्ली के पालम एयरबेस पर खड़े हैं। इन्हें इस्तेमाल में नहीं लाया गया। डील 3,600 करोड़ रुपए की थी। टोटल डील का 10 फीसदी हिस्सा रिश्वत में देने की बात सामने आई थी। इसके बाद यूपीए सरकार ने फरवरी 2010 में डील रद्ïद कर दी थी, तब एयरफोर्स चीफ रहे एसपी त्यागी समेत 13 लोगों पर केस दर्ज किया गया था। जिस मीटिंग में हेलीकॉप्टर की कीमत तय की गई थी, उसमें यूपीए सरकार के कुछ मंत्री भी मौजूद थे। इस वजह से कांग्रेस पर भी सवाल उठे थे। मिलान कोर्ट ऑफ अपील्स ने अपने दिए फैसले में माना कि इस डील में करप्शन हुआ और इसमें एसपी. त्यागी भी शामिल थे, जिसमें 90 से 225 करोड़ रुपए की रिश्वत भारतीय अफसरों को दी गई। दरअसल इटली की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोर्ट ने अपने जजमेंट में बताया कि अगस्ता वेस्टलैंड ने कैसे सोनिया गांधी व उनके सहयोगियों जैसे पीएम मनमोहन सिंह और नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर एमके नारायणन के साथ लॉबिंग कफे

पीके की नयी चाल, फेक अकाउंट से होगा बेड़ा पार

फेक अकाउंट से प्रचार कर रही कांग्रेस व बीजेपी, कांग्रेस के फेक अकाउंट से ट्रेंड किया हैश टैग भगवा आतंक

  • पूर्वांचल दौरे के साथ ही सोशल मीडिया पर सक्रिय हुई प्रशांत की टीम

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। फेसबुक ट्विटर और सोशल मीडिया बड़ी ही शानदार चीज है। आप ने कोई बात कही और पल भर में वो बात आपके अपनों तक पहुंच गयी। यही कारण है कि तमाम पार्टियों ने भी अपने प्रचार-प्रसार के लिये सोशल मीडिया का जमकर प्रयोग करना चालू कर दिया है। इसके लिए पार्टियां फेक एकाउंट का भी सहारा लेने से बाज नहीं आ रही हैं। पार्टियां एक दूसरे पर निराधार आरोप लगाने से भी नहीं हिचकतीं।
अगर यह कहा जाए कि सोशल मीडिया के माध्यम से आज वैचारिक जंग लड़ी जा रही है तो गलत नहीं होगा। यही वजह रही है कि कांगे्रस ने प्रशांत किशोर को हायर किया और 2017 विधानसभा चुनाव की मझधार में अपनी डगमगाती नैया को उन्हीं के सहारे पार लागाने की कोशिश कर रही है।
गौरतलब है कि प्रशांत किशोर सोशल मीडिया और उन्हें इस्तेमाल करने वालों की रग-रग से वाकिफ हैं। इसी वजह से वह इसके इस्तेमाल से लोगों का माइंडसेट डाइवर्ट करना भी जानते हैं और यह तो जगजाहिर भी है कि अगर किसी झूठी बात को 10 बार बोला जाये तो वह भी सच प्रतीत होने लगती है। बस इसी फॉर्मूले को लेकर प्रशांत भी काम कर रहे हैं। वह और उनकी टीम उत्तर प्रदेश का मिजाज जानने के लिये सैंकड़ों की संख्या में फेक अकाउंट का प्रयोग कर रहे हैं। इन अकाउंट के माध्यम से वे अपना प्रचार प्रसार व विरोधियों का दुषप्रचार भी कर रहे हैं। अपने पूर्वांचल दौरे में पीके व उनकी टीम ने कमाल दिखाना शुरू कर दिया। कल उनके वहां पहुंचते ही ट्विटर और फेसबुक पर हैश टैग भगवा आतंक ट्रेंड करने लगा। साथ ही कई लोगों को फेक अकांउट के माध्यम से रिक्वेस्ट भी भेजे जाने लगे। इन अकाउंट में कांगे्रस की प्रसंशा और विरोधियों की गलतियों को दिखाया जा रहा था। इस कारनामे से तो साफ जाहिर है कि प्रशांत की नयी रणनीति के अनुसार फेक अकाउंट के माध्यम से ही कांगे्रस का बेड़ा पार हो सकेगा। अब यह देखना रोचक होगा कि अन्य पार्टियां प्रशांत के इस सोशल वॉर का कैसे जवाब देती हैं।

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