सैलरी केजीएमयू से, सेवा निजी संस्थान में

केजीएमयू के दर्जनों चिकित्सक निजी संस्थानों में दे रहे हैं सेवा

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। पीजीआई के बराबर वेतन मिलने के बाद भी किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के डाक्टरों का निजी प्रैक्टिस से मोह भंग नही हो रहा है। यहां के यूरोलॉजी विभाग के डॉ. मनमीत पर तेलीबाग के निजी नर्सिग होम में मरीज का प्रोस्टेट ग्लैंड का आपरेशन करने के बाद हालत बिगडऩे का मामला प्रकाश में आया है। यह केजीएमयू के डाक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस करने की एक बानगी भर है। हकीकत यह है कि केजीएमयू के ज्यादातर डाक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस में लिप्त है।
तेलीबाग में निजी नर्सिग होम में मरीज का प्रोस्टेट ग्लंैड के आपरेशन के बाद मरीज के कोमा में जाने पर परिजनों ने हंगामा किया तो खुलासा हुआ कि मरीज का आपरेशन चिकित्सा विश्वविद्यालय के यूरोलॉजी विभाग के डॉ. मनमीत ने किया था। डॉ. मनमीत ने कबूल भी किया कि उन्होंने निजी नर्सिग होम के मालिक से सम्बन्ध होने तथा मरीज के परिजनों के आग्रह पर आपरेशन किया है। डॉ. मनमीत का कहना है कि उनके नर्सिग होम मालिक से व्यक्तिगत सम्बंध हैं और वह वहां मिलने गये थे। इस दौरान उन्होंने मरीज की हालत गंभीर होने पर आपरेशन कर दिया। उन्होंने नर्सिग होम से रुपयों का लेनदेन नहीं किया है।
जब तक केजीएमयू के डॉक्टरों को पीजीआई के चिकित्सकों के बराबर सेलरी नहीं मिल रही थी, सभी परेशान थे लेकिन अब जब सेलरी मिलने लगी है तो भी अपनी सेवा देने में लापरवाही बरत रहे है। आलम यह है कि केजीएमयू के एनेस्थिसिया, सर्जरी बाल रोग, न्यूरो सर्जरी के अलावा मानसिक रोग सहित अन्य विभागों के डाक्टर विभिन्न निजी अस्पतालों से जुड़े है। वहीं केजीएमयू प्रशासन की जानकारी में ही नहीं है कि उनके यहां के चिकित्सक निजी प्रेक्टिस में व्यस्त हैं।

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