सेल्फ फाइनेंस शिक्षकों ने कुलाधिपति से लगाई गुहार

शिक्षकों का विवरण अब तक नहीं हुआ ऑनलाइन
9 जनवरी को जौनपुर में कुलपतियों की होगी बैठक

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। 9 जनवरी को कुलाधिपति द्वारा बुलाई गयी राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक में उच्च शिक्षा उत्थान समिति ने अपनी मांगों का ज्ञापन कुलाधिपति को सौंपा। इनमें स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों के असिस्टेंट प्रोफेसर के विवरण ऑनलाइन सेवा नियमावली तथा वेतन से सम्बन्धित ऐजेंडे को बैठक में शामिल करने की मांग की गई है।
पूरे उत्तर प्रदेश में लगभग 4500 से अधिक स्ववित्तपोषित महाविद्यालय हैं, जिसमें लगभग 80 हजार शिक्षक असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। जिनकी अब तक कोई सेवा नियमावली नहीं बनयी गई है। असिस्टेंट प्रोफेसर के साथ ही कर्मचारियों का वेतन भी निर्धारित नहीं किया गया है। वहीं इन शिक्षकों का ऑनलाइन विवरण न होने व लम्बे समय से शिक्षण संस्थानों में अनियमितता की शिकायतें मिल रही हैं। एक शिक्षक का एक से अधिक महाविद्यालयों तथा विश्वविद्यालयों में अनुमोदन है। इस कारण बड़े पैमाने पर शिक्षकों का फर्जीवाड़ा चल रहा है। इस संबंध में स्ववित्तपोषित शिक्षक न्याय के लिए महीनों से संघर्ष कर रहे हैं। अब तक लखनऊ से लेकर फैजाबाद विश्वविद्यालय तक धरना- प्रदर्शन कर चुके हैं। शिक्षकों को हर जगह से एक ही आश्वासन मिला कि जल्द ही शिक्षकों का विवरण ऑनलाइन कर दिया जाएगा। इससे उनके साथ हो रहे फर्जीवाड़े पर रोक लगायी जा सकेगी। आलम ये है कि लम्बे इंतजार के बाद भी डाटा ऑनलाइन नहीं हुआ इस कारण उच्च शिक्षा उत्थान समिति ने अपनी शिकायत शासन में की है। 9 जनवरी को जौनपुर में होने वाली राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक होगी। शिक्षकों ने इस बैठक में अपने एजेंडे को शामिल करने की मांग की है। साथ ही स्ववित्तपोषित शिक्षकों को भी इस बैठक में सम्मिलित करने और उनकी समस्याओं को सामने रखने का अवसर देने की बात कही है। शिक्षकों ने अपनी स्थिति से कुलाधिपति को अवगत कराते हुए कहा कि हम लोगों को जो वेतन दिया जा रहा है वह जीविकोपार्जन के लिए बहुत कम है। ऐसी स्थिति में स्ववित्तपोषित शिक्षक अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने में अक्षम साबित हो रहे हैं। इसलिये उनकी वेतन विसंगतियों पर भी विचार किया जाए।

Pin It