सेना ने सौंपे सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत सार्वजनिक करने पर फैसला अभी नहीं

  • कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की बैैठक में की गई चर्चा
  • कांग्रेस व आम आदमी पार्टी ने मांगे थे केंद्र सरकार से सबूत

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
captureनई दिल्ली। भारतीय फौज द्वारा पाकिस्तान में घुस कर किए गए सर्जिकल स्ट्राइल की विश्वसनीयता को लेकर विपक्षी दलों विशेषकर कांग्रेस व आप पार्टी ने केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सेना ने आतंकी शिविरों पर की गई कार्रवाई के वीडियो रक्षा मंत्रालय को सौंप दिए हैं। अब प्रधानमंत्री मोदी और कैबिनेट को यह फैसला लेना है कि यह वीडियो सार्वजनिक किए जाएं या नहीं। प्रधानमंत्री की कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी के साथ आज बैठक हुई। बैठक के बाद गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि इस मसले पर लोगों को सेना पर भरोसा करना चाहिए और मामला सरकार पर छोड़ देना चाहिए। इस दौरान राष्टï्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भी कई जानकारियां साझा कीं। फिलहाल सरकार वीडियो को सार्वजनिक करने के पक्ष में नहीं है।
गौरतलब है कि भारतीय सेना ने पिछले दिनों पीओके में चल रहे आतंकी शिविरों पर हमला किया था। सेना ने चार शिविरों को तबाह कर दिया था और पचास से अधिक आतंकवादियों को मौत के घाट उतार दिया था। इस मामले का खुलासा सेना के एक अधिकारी ने प्रेस कांन्फ्रेस के जरिए किया था। खुलासे के बाद पाक में सर्जिकल स्ट्राइक को पाकिस्तान ने झूठा करार दिया था। पाकिस्तान ने विदेशी मीडिया के कुछ लोगों को पीओके का भ्रमण कराया और दावा किया कि भारतीय सेना द्वारा किया गया सर्जिकल स्ट्राइक का दावा गलत है। वहीं, भारत में विपक्षी दलों कांग्रेस व आम आदमी पार्टी ने भी सेना की इस कार्रवाई पर सवाल उठाए। इन दलों ने केंद्र सरकार से सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत पेश करने की मांग की थी। इस पर केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने सर्जिकल स्ट्राइक पर सियासत करने वालों पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और ये नेता दोनों सबूत मांग रहे हैं। ऐसे बयानों का जवाब देने की जरूरत नहीं है। उधर, कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों का कहना है कि स्ट्राइक की फुटेज साझा की जाए या नहीं ये पाकिस्तान के रवैये पर निर्भर करेगा। फिलहाल सरकार अभी पत्ते खोलने के मूड में नहीं दिख रही है।

पाक को आतंकी देश घोषित करने वाली याचिका ने बनाया रिकॉर्ड

पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करने की मांग वाली याचिका को 50,000 से अधिक नए हस्ताक्षर मिले हैं। इसके साथ यह अमेरिका में सबसे लोकप्रिय याचिका बन गई है। याचिका में कहा गया है कि हम प्रशासन से पाकिस्तान को आतंकवाद का प्रायोजक देश घोषित करने की अपील करते हैं। याचिका को मंगलवार की दोपहर तक 6,13,830 हस्ताक्षर मिले थे। याचिका ने ओबामा प्रशासन की प्रतिक्रिया के लिए जरूरी एक लाख की संख्या की सीमा पार की ली है। व्हाइट हाउस की ओर से 60 दिनों के भीतर आधिकारिक प्रतिक्रिया मिलने की उम्मीद है।

ट्रकों से आतंकियों की लाशें ले गई थी पाक सेना

भारतीय सेना द्वारा पीओके में की गई सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत अब सामने आने लगे हैं। सीमा के करीब रहने वाले कुछ चश्मदीदों ने एक अंग्रेजी अखबार बताया कि भारत के सर्जिकल स्ट्राइक के बाद दूसरे दिन अल सुबह आतंकवादियों की लाशें ट्रकों में भरकर ले जाई गईं। इनको अज्ञात जगह दफनाया गया। चश्मदीदों ने बताया कि उन्होंने देर रात होने वाली गोलीबारी की आवाजें भी सुनी। इस कार्रवाई में आतंकियों के ठिकाने तबाह हो गए थे। इनमें अल-हावी ब्रिज के पास एक मिलिटरी पोस्ट और लश्कर द्वारा इस्तेमाल एक कंपाउंड शामिल है। लोगों ने बताया कि माजरा जानने के लिए कोई भी घर से बाहर नहीं आया इसलिए किसी ने भी भारतीय सेना के कमांडों को जाते नहीं देखा।

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