‘सृजन’ में बनारस और लखनऊ की कलाकृतियां, दर्शकों की उमड़ी भीड़

4Captureपीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। कला स्रोत आर्ट गैलरी अलीगंज में वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ काशी हिंदू विश्वविद्यालय और लखनऊ के आठ युवा चित्रकारों के चित्रों की सामूहिक प्रदर्शनी ‘सृजन’ का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन कला महाविद्यालय लखनऊ के प्रधानाचार्य धर्मेन्द्र कुमार और वरिष्ठ चित्रकार विष्णु नारायण अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर दिल्ली से आए वरिष्ठ पत्रकार और कला समीक्षक विनोद भारद्वाज सहित कलाकार व कला प्रेमी भी मौजूद रहे।
सृजन चित्रकला प्रदर्शनी में युवा चित्रकारों ने अपने विचारों को कला के माध्यम से बड़ी ही सुन्दरता से उकेरा। वाराणसी के कृष्णकांत श्रीवास्तव ने अपने कृति के माध्यम से समाज से दूर होती कई शैलियों को अपनी पेंटिग्स में उतारा है। पूजा केसरी ने शीर्षक मुस्लिम लड़कियों की दिनचर्या में मुस्लिम सम्प्रदाय में इनके अस्तित्व को समझाने की कोशिश की है। सुषमा पटेल ने भरतनाट्यम नृत्य शीर्षक कृति में काशी की सुंदरता और प्राचीनता को पेश किया है। बनारस प्राचीन धार्मिक नगरी है यहां कई धर्म और संस्कृति साथ रहते हैं। रामगोपाल ने शीर्षक काशी में अपनी कला के तहत दैनिक धार्मिक कार्यों को प्रस्तुत किया है। वहीं लखनऊ से अरुण कुमार मॉर्निंग ऑफ डे और रूपाली ने लखनऊ और बनारस की सकरी गलियों के दृश्यों को अपने कृतियों में प्रस्तुत किया है
भूपेंद्र कुमार अस्थाना ने कहा कि इस प्रदर्शनी में कुल आठ युवा चित्रकारों के लगभग 29 कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया है। सभी कलाकृतियां क्रेलिक आयल के माध्यम से कैनवास पर बनायी गई हैं।

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