सूबे भर के अफसरों से सीएम ने कहा, अब कानून व्यवस्था में ढिलाई किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं

  • प्रदेश भर के अफसर बुलाए गए लखनऊ और सीएम ने कसे सबके पेंच
  • सीएम ने कहा कि कानून व्यवस्था सुधारना मेरी पहली प्राथमिकता

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। प्रदेश भर के अफसरों को आज मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मुख्य सचिव दीपक सिंघल ने खरी-खरी सुनाईं। सीएम के तेवर आज सख्त थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी अफसरों को उन्होंने अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दे रखे हैं, इसके बावजूद कई जिलो से सूचनाएं मिल रही हैं कि कुछ अफसर कानून व्यवस्था के मामले में लापरवाही बरत रहे हैं। अब ऐसे अफसरों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
तिलक हॉल में प्रदेश भर के डीएम, एसएसपी और मंडल मुख्यालय के पुलिस अफसरों को आज लखनऊ तलब किया गया था। इन अफसरों को सीएम अखिलेश यादव ने आज अपनी शैली में समझाया कि कानून व्यवस्था सुधारना कितना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था के मामले में अब जीरो टॉलरेंन्स पॉलिसी अपनाई जाएगी।
सीएम ने कहा कि जिलाधिकारी और एसएसपी को साथ-साथ जाना चाहिए और लोगों से संवाद स्थापित करके उनकी परेशानियां दूर करनी चाहिए। जिलाधिकारियों को ग्राम पंचायत स्तर तक अपने संबंध बेहतर रखने चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों से संबंध स्थापित करने के लिए और उनकी बात सुनने के लिए बीच में इगो आड़े नहीं आना चाहिए।
सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि रात के बारह बजे से तीन बजे तक पुलिस को खासतौर से सतर्क रहना चाहिए और कैमरा से मॉनीटरिंग के साथ-साथ डिजिटल तकनीक का प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए और साइबर पुलिस स्टेशन की स्थापना के साथ-साथ महिलाओं को आत्मरक्षा के गुण भी सिखाने चाहिए, जिससे वह आत्मनिर्भर हो सकें।
सीएम ने कहा कि कुछ जिलो से शिकायतें आ रही हैं कि अधिकारी लापरवाह हो रहे हैं और वह जनता की बात नहीं सुन रहे हैं। यह स्थिति किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर अधिकारी संवेदनशील होंगे तो वह खुद जनता के दर्द को महसूस कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को यह मानना चाहिए कि अगर उनके क्षेत्र में अपराध बढ़ रहे हैं तो यह उनकी काबिलियत पर प्रश्न चिन्ह हैं। सीएम ने अफसरों से कहा कि वह उनका साथ देते हैं तो अफसर भी जनता का साथ दें। आज के सीएम के तेवरों से साफ था कि अब सीएम कानून व्यवस्था के मामले पर अपने तेवर कड़े करने जा रहे हैं और लापरवाही बरतने वाले अफसरों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

कानून व्यवस्था की मॉनीटङ्क्षरग रोज होगी: दीपक सिंघल

सीएम ने मुख्य सचिव को कानून व्यवस्था सुधारने की जिम्मेदारी दी और मुख्य सचिव दीपक सिंघल अपने फॉर्म में आ गए। उन्होंने कहा कि अब कानून व्यवस्था के मामले में जीरो टॉलरेन्स पॉलिसी अपनाई जाएगी, जो अफसर कानून व्यवस्था के मामले में ढिलाई बरतेंगे उन्हें इसका खामियाजा भुगतना होगा। मुख्य सचिव अब खुद रोज प्रदेश की कानून व्यवस्था की मॉनीटङ्क्षरग करेंगे और देखेंगे कि प्रदेश के किन जिलों में किस कारण से अपराध बढ़ रहे हैं और कौन अफसर अपराधियों पर काबू पाने में लापरवाही बरत रहा है। दीपक सिंघल के इन तेवरों से पुलिस महकमें में भी घबराहट है।

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