सुप्रीम कोर्ट के आदेश से मजबूत होगा लोकतंत्र, तुरंत खाली कराएं बंगले

  • सुप्रीम कोर्ट की तरफ से प्रदेश के 6 पूर्व मुख्यमंत्रियों को दो महीने में सरकारी आवास खाली करने के फैसले से लोगों में खुशी की लहर

003लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों को बंगला खाली करने का आदेश देकर जनता की कमाई पर ऐश करने वाले नेताओं को सबक सिखाने का काम किया है। इस व्यवस्था को पूरे देश में लागू करना चाहिए। किसी भी प्रदेश का पूर्व मुख्यमंत्री हो या पूर्व मंत्री, कार्यकाल समाप्त होने के बाद सरकार की तरफ से मिलने वाली ऐशो आराम की सारी सुविधाएं छीन ली जानी चाहिए। इन्हें भी सरकारी कर्मचारियों की तरह कार्यकाल खत्म होने के बाद अपने हाल पर छोड़ देना चाहिए। ऐसा कहना है प्रदेश की जनता का, जिसने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को स्वागतयोग्य कदम बताया है। इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्रियों को स्वत: ही आवास खाली करने और सरकारी सुविधाएं लौटाने की सलाह दी है।

मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को उनके कार्यकाल तक सुविधाएं मिलना गलत नहीं है लेकिन कार्यकाल खत्म होने के बाद सुविधाएं मिलना गलत है। ये नेता अपने कार्यकाल में इतना कुछ कमा लेते हैं कि उन्हें सरकारी सुविधाओं की जरूरत नहीं होती है। उसके बाद भी उनकी इच्छा नहीं भरती है।
प्रतिभा
सुप्रीम कोर्ट का फैसला स्वागत योग्य है। प्रदेश में पूर्व मुख्य मंत्रियों को जनता की कमाई से मिलने वाली सुविधाएं देने पर रोक लगनी ही चाहिए। ये सुविधाएं उन्हें मिलें, जो जनता के लिए काम कर रहे हैं। जिन लोगों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। उनसे सरकारी सुविधाएं ले लेनी चाहिए। यह काम सरकारों को करना चाहिए लेकिन मजबूरी है कि महत्वपूर्ण मामलों में कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ता है।
धीरज कुमार
देश में जनता की आवाज वैसे तो कोई भी नहीं सुनता है। जनता कीड़े मकौड़े की जिंदगी जीती रहती है और नेता मौज करते रहते हैं। उसके बाद भी अगर सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसला लिया है, तो बहुत अच्छी बात है। इसे पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए।
विक्रांत

गांव में हम जैसे गरीब लोगो को पेंशन देना का वादा तो किया जाता है, पर पेंशन के नाम पर बस फॉर्म भरवाया जाता है। नेताओं को ऐशो आराम के लिए कुछ खास नहीं करना पड़ता है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से हो सकता है, नेताओं को भी जनता के दर्द का एहसास हो।
राजू

सरकार में शामिल नेता अपने कार्यकाल के वक्त ही इतने घोटाले और घूसखोरी कर लेते हैं कि वो जिंदगी भर बैठ कर खाएं तब भी पैसा खत्म नहीं होगा। ऐसे लोग कार्यकाल खत्म होने के बाद भी सुविधाओं के लिए अपना मुंह फाड़े रहते है। इसलिए मैं सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वागत योग्य मानता हूं।
अर्जुन

सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला गलत नहीं है। आप नेता हैं, इसका मतलब ये नहीं है कि आपको सारी जिन्दगी ऐसी सुविधाएं मिलती रहें। वैसे ही अपने मुख्यमंत्री काल और मंत्री के कार्यकाल में नेता लोगों ने प्रदेश की जनता के लिए कौन का अच्छा काम किया है, जो उन्हें कार्यकाल खत्म होने के बाद भी सुविधा दी जाए।
किशन उपाध्याय

सरकारी कर्मचारी जो पूरे 60 साल नौकरी करता है, उसको पेंशन देने पर रोक लगा दी गई है। जबकि नेता और मंत्री तो बस 5 साल के लिए चुने जाते हैं, उसके बाद भी इनको इतनी सुविधाएं क्यों दी जाती हैं। जबकि ये लोग अपने पद पर रहने के दौरान जनता के लाभ का काम कम और अपने लाभ का काम अधिक करते हैं।
मोहम्मद अंसारी

सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला बिल्कुल सही है। जब सरकारी कर्मचारियों से 60 साल तक नौकरी करवाने के बाद उनसे सारी सुविधाएं ले ली जाती हैं, तो मुख्यमंत्री और मंत्री तो केवल पांच साल की नौकरी ही करते हैं। इसलिए सुविधाएं लेने का फैसला उचित है।
खुशबू

नेता लोग कुछ करते तो हैं नहीं, लेकिन जनता की गाढ़ी कमाई पर सुविधाएं सारी लेते हैं। काम चाहे कुछ न करें पर आराम में कमी नहीं आनी चाहिए। इन लोगों को तो कार्यकाल के दौरान भी इतनी सुविधाएं नहीं देनी चाहिए।
सपना

एक तरफ जहां आम जनता को रहने के लिए एक मकान तक नहीं मिल पाता है। वहीं दूसरी ओर इन नेताओं के पास कई मकान होते हैं। सुप्रीम कोर्ट को जनता की कमाई पर ऐश करने वाले मंत्रियों के खिलाफ ये फैसला बहुत पहले सुना देना चाहिए था।
रजनीश

ये नेता हमारे पैसों पर ही ऐश करते हैं। इसके बावजूद हमें उनके रोड से गुजरने के दौरान यातायात पुलिस रोक देती है। इंसान चाहे जितनी दिक्कत में हो मुख्यमंत्री और मंत्रियों का काफिला गुजरने के बाद ही जाने दिया जाया है। ऐसे में वोट मेरा, पैसा भी मेरा और जो परेशानियां हो वो भी मेरी। तब कार्यकाल खत्म होने के बाद सुविधाएं देना गलत है।
प्रीती

मेरे हिसाब से पूर्व मुख्यमंत्रियों से उनकी सारी सुविधाएं नहीं लेनी चाहिए। ऐसे लोगों से अतिरिक्त सुविधाएं लेना ही सही होगा। इसमें वीआईपी गाड़ी और बंगला शामिल है। जो कोई नेता कार्यकाल खत्म होने के बाद भी अपनी पॉवर का मिसयूज करते हैं, उनके ऐसी सुविधाएं तुरंत ले लेनी चाहिए।
अहमद हसन

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