‘सीमा सिंह को सेंटर फे्रश खिलाओ और उनकी जुबान पर लगाम लगाओ’

न्याय की मांग कर रहे अमन मणि ने फोटो के माध्यम से बताई अपनी औकात

Captureसीमा सिंह पीछे नहीं हटी तो अमन बिगाड़ सकता है उनका ‘अमन’

 गणेश जी वर्मा
लखनऊ। सीमा सिंह को कोई सेंटर फे्रश खिलाओ और उनके जुबान पर लगाम दो…। यह मैं नहीं बल्कि फेसबुक के माध्यम से न्याय मांगने वाला गुंडे बाप का बेटा अमन मणि कह रहा है। इन शब्दों से और तस्वीर से तो साफ यही जाहिर होता है कि अमन मणि जेल में होते हुये भी सारा के परिजनों का अमन-चैन समाप्त कर देगा। इसकी हकीकत दिल्ली में भी उस समय देखने को मिली जब सारा के भाई पर हमला हुआ था। फिलहाल हकीकत कुछ भी हो इस पेज के माध्यम से अमन और उसके दोस्तों ने सारा की मां सीमा सिंह के फोटो पर कमेंट देकर उनका मजाक भी उड़ाया है।
नौ जुलाई को सारा की संदिग्ध मौत होने के बाद दूसरे दिन अमन बीमारी का नाटक बताकर सिविल अस्पताल में भर्ती हो गया। इसकी जानकारी मिलने पर पहुंचे मीडियाकर्मियों से अमन और उसके गुर्गों ने जमकर मारपीट की। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद अमन मणि को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अमन मणि जेल में भी अपना रूतबा दिखाने का प्रयास किया। नतीजा यह हुआ कि उसे कैदियों ने भी जमकर पीटा। इसके बाद उसे अलग बैरक में रखा गया। अमन मणि जेल में बंद है इसके बाद उसका फेसबुक एकाउंट लगातार अपडेट हो रहा है। इस संदर्भ में जहां जेल अधीक्षक कहते है कि कोई और कर रहा होगा वहीं एडीजी लॉ एंड ऑर्डर दलजीत चौधरी जांच कराने की बात कहे थे। लेकिन अभी तक कुछ भी नहीं हुआ। वहीं दूसरी तरफ अमनमणि को न्याय दिलाने के लिये जस्टिस फॉर अमन के नाम से एक पेज बनाया गया है। इस पेज में अमन जहां अपने करतूतों के लिये मीडियाकर्मियों से माफी मांग रहा है वहीं अपने पक्ष में प्रकाशित हुई खबरों को भी अपडेट कर रहा है। इतना ही नहीं कुछ तस्वीरों और शब्दों के माध्यम से अपने को बेगुनाह बता रहा है। सबसे बड़ी बात यह है कि न्याय मांगने के लिये बने इस पेज पर सारा की मां सीमा सिंह की फोटो लगी है। फोटो में सीमा सिंह के जुबान पर ताला लगाया गया है। नीचे कमेंट भी लिखा गया है कि सीमा सिंह को कोई सेंट्रा फे्रश खिलाओं और उनके जुबान पर लगाम दो…। यदि गौर से इन शब्दों और तस्वीर को देखा जाये तो साफ तौर पर यह साबित होता है यदि सीमा सिंह न्याय के लिये लगातार अधिकारियों और नेताओं से मिलती रहेगी तो वह दिन दूर नही जब उनका और उनके परिजनों का भी अमन-चैन से रहना भारी पड़ जाये। इस फोटो को लगाने के बाद भी एक दर्जन से अधिक लोगों ने कमेंट भी किया है। कमेंट करने वाले अमन मणि के कितने नजदीक है यह तो अमन मणि और कमेंट करने वाले ही बता पायेंगे। लेकिन इस पेज से जुड़े अमित त्रिपाठी ने सीमा सिंह की मां का मजाक उड़ाने के लिये यहां तक कह दिया है कि सेंट्रा फे्रश मत देना नहीं तो कहने लगेगी की सेंट्रा फे्रश वालों से अमन मणि की सेटिंग हो गई है। इसके साथ ही कई अन्य लोगों ने भी कमेंट के माध्यम से सीमा का मजाक उड़ाया है।

बाल आयोग करेगा जांच

लखनऊ। कोहली पैथालॉजी से पैसे देकर नाबालिग बच्चों का खून निकालने संबंधी मामले की जांच अब बाल आयोग भी करेगा। बाल आयोग सालों से फल-फूल रहे इस गोरखधंधे की गहनता से जांच करेगी और सीएमओ कार्यालय की ओर से अभी तक कार्रवाई न करने का कारण भी पूछा जायेगा।
बाल आयोग के सदस्योंका कहना है कि कोहली पैथालॉजी की ओर से जिस प्रकार से बच्चों को प्रताडि़त किये जाने मामला सामने आया है, वह समाज के लिए बहुत हानिकारक है। इसके आलावा अभी तक इस गोरखधंधे का शिकार बच्चों का भी आंकड़ा निकालने की कोशिश की जायेगी।
कोहली पैथालॉजी के मालिक वीके कोहली वर्षों से नाबालिग बच्चों को पैसे देकर खून निकालने का गोरखधंधा चला रहे थे लेकिन उसकी ऊपरी पहुंच के चलते अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी थी। डॉ. वीके कोहली 1994 में केजीएमयू के पैथालॉजी विभाग का हेड था। तभी उसने अपनी पत्नी चित्रा कोहली के नाम से यह पैथालॉजी सेंटर खोला था। केजीएमयू के वरिष्ठï डॉक्टरों का कहना था कि डॉ. वीके कोहली केजीएमयू आने वाले मरीजों को अपने जाल में फंसाते थे और निजी सेंटर पर ले जाकर मोटी रकम वसूलते थे। कई बार डॉ. कोहली पर मरीजों को निजी पैथालॉजी में ले जाकर आपरेशन के आरोप लगे लेकिन अपने ऊंचे रसूख के कारण उन पर कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके बाद उसने अपना धंधा बढ़ाना शुरू किया और लखनऊ में कई और ब्रांचें खोली। इस समय डॉ. वीके कोहली और चित्रा कोहली अमेरिका में रहते हैं और वहीं से अपने गोरखधंधे का चलाकर मरीजों से खूब पैसा वसूलते हैं।

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