सीतापुर डीएम का सराहनीय काम, पानी में उतरकर पहुंचे बाढ़ पीडि़तों के बीच

  • प्रशासन की तरफ से बाढ़ पीडि़तों को किया गया भोजन, तिरपाल और सोलर लाइट का वितरण

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। प्रदेश में तेज बारिश की वजह से कई नदियां उफान पर हैं। सीतापुर में भी घाघरा नदी का जलस्तर बढऩे से कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गये हैं। वहां बाढ़ पीडि़तों को हर संभव सहायता उपलब्ध करवाने में पूरा प्रशासनिक महकमा जुटा हुआ है। जिले के डीएम अमृत त्रिपाठी बाढ़ प्रभावित इलाकों का लगातार दौरा कर रहे हैं। वह बाढ़ पीडि़तों के बीच पहुंचकर उनका हाल जानने और उनकी आवश्यकता की सारी चीजें मुहैया कराने की कोशिश कर रहे हैं। डीएम के इस कदम की हर तरफ सराहना हो रही है, इतना ही नहीं बाढ़ पीडि़तों में भी संकट की घड़ी में संघर्ष का जज्बा दिखने लगा है। जो आपदा से बचाव में काफी सहायक साबित हो रहा है।
सीतापुर में बाढ़ पीडि़तों का हाल जानने के लिए जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी खुद पानी में उतर गये। उन्होंने गोलोकोडर के मजरा निर्मलपुरवा, रामलाल पुरवा, नई बस्ती, गोंडियान पुरवा और गोनी मजरा का भ्रमण किया। ऐसे में जिलाधिकारी के साथ बाढ़ पीडि़तों की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे पुलिस अधीक्षक सौमित्र यादव, डिप्टी कलेक्टर, सीएमओ, पशु चिकित्साधिकारी, रेडक्रास और राजस्व विभाग के अधिकारियों की टीम को भी मजबूरन बाढ़ के पानी में उतरना पड़ा। जिलाधिकारी ने 120 परिवारों के लिए चावल दाल, लाई-चना भिजवाया। इसमें 500 पैकेट भोजन, और 120 पैकेट लाई चना बांटा गया। वहीं स्वयंसेवी संगठनों ने भी बाढ़ पीडि़तों को कपड़े व अन्य सामग्रियां वितरित की हैं। इसके अलावा अन्य प्रभावित मजरों में 200 परिवारों को तिरपाल, 30 किग्रा चावल, 3 किग्रा दाल प्रति परिवार वितरित किया गया। वहीं कुल 64 हैंडपम्पों का उच्चीकरण और 50 सोलर लाइटें बाढ़ क्षेत्रों में लगाई गई हैं। डीएम ने 20 सोलर लालटेन का भी वितरण किया। इसके अलावा बाढ़ पीडि़त क्षेत्रों में लोगों को बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक दवाओं का वितरण और टीकों की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया है। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि अक्सर बाढ़ के पानी में खतरनाक जीव भ्रमण करते रहते हैं, ऐसे में खतरनाक जीवों से अपनी सुरक्षा को लेकर सब लोग एलर्ट रहें। बाढ़ पीडि़तों के लिए जारी हेल्पलाइन नंबर भी पंपलेट के माध्यम से लोगों के बीच प्रसारित किया गया।

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