सीओ के प्लॉट पर पहुंचने के बाद हुई थी फायङ्क्षरग

पीजीआई थाना क्षेत्र में प्रॉपर्टी डीलर बनवारी और सीओ प्रभात कुमार का मामला

4Captureपीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। पीजीआई थाना क्षेत्र में रायबरेली के तत्कालीन सीओ प्रभात कुमार और प्रॉपर्टी डीलर रामकृष्ण उर्फ बनवारी यादव के बीच हुई फायरिंग का मामला पूरी तरह से उलझता जा रहा है। एएसपी प्रोटोकॉल की जांच में जहां विवादित प्लॉट पर रायबरेली के तत्कालीन सीओ प्रभात कुमार के पहुंचने की पुष्टि हुई। जिनको पुलिस ने गवाह बनाया है उसी दुकानदार ने शपथ पत्र के माध्यम से पुलिस को साफ तौर पर बता दिया कि कल्ली चौराहा जगत खेड़ा मोड़ रायबरेली-लखनऊ राजमार्ग पर कोई फायरिंग की घटना ही नहीं हुई। यदि यह सब सही है तो फिर सीओ को निलंबित करते हुये अधिकारियों ने अब तक धारा 182 के तहत कार्रवाई क्यों नहीं की।
प्रॉपर्टी डीलर बनवारी सिंह यादव के खिलाफ गलत मुकदमा दर्ज कराते हुये सीओ प्रभात कुमार पर गाज गिरेगी या नहीं यह तो अधिकारी बताएंगे लेकिन जिस स्थान पर फायरिंग की बात एफआईआर में दर्ज है वहां पर मौजूद दुकानदारों ने शपथ पत्र देकर यह बता दिया कि फायरिंग तो दूर इस संदर्भ में कोई घटना घटित ही नहीं हुई। शपथ पत्र देने वालों में पान की दुकान लगाने वाले चांद बाबू पुत्र सफी अहमद निवासी कल्ली पश्चिम, कपड़ा दुकानदार अमिता पुत्री शिव कुमार निवासी धनपाल खेड़ा, जनरल स्टोर दुकानदार बंशी लाल पुत्र द्वारिका निवासी बाबू खेड़ा मजरा कल्ली पश्चिम, मालती टे्रडर्स के मालिक प्रदीप सिंह पुत्र दयाशंकर सिंह निवासी धनपाल खेड़ा कल्ली पश्चिम,जावेद पुत्र मो. साबिर निवासी कल्ली पश्चिम, कपड़ा व्यवसाई फिरोज पुत्र सफी अहमद निवासी कल्ली पश्चिम शामिल हैं। सभी का कहना है कि घटना स्थल के पास ही उनकी दुकान है। सबसे बड़ी बात यह है कि जिस दिन यह घटना हुई उस दिन साप्ताहिक बाजार लगने के कारण राजमार्ग पर जाम लगा रहता है। ं

एफआईआर में दर्ज मामला
बता दें कि सीओ प्रभात कुमार के चालक जानकी प्रसाद शर्मा ने 24 जुलाई 2015 को पीजीआई थाने पर मुकदमा दर्ज कराया। एफआईआर के मुताबिक चालक जानकी प्रसाद शर्मा अपने सरकारी वाहन यूपी 36 जी 8013 में सीओ प्रभात कुमार, हमराही नितिन वर्मा और सिपाही अखिलेश कुमार के साथ उच्च न्यायालय लखनऊ में शपथ-पत्र दाखिल करने के बाद रायबरेली जा रहे थे, तभी कल्ली चौराहा जगत खेड़ा मोड़ रायबरेली-लखनऊ राजमार्ग पर पीछे से आ रही इनोवा कार नम्बर यूपी 32 ईवाई 5533 ने ओवरटेक करने के बाद सरकारी गाड़ी के आगे लाकर रोक दिया। इतना ही नहीं इनोवा में सवार लोगों ने जान से मारने की नियत से फायरिंग भी की थी। इस सदर्भ में जानकी ने बनवारी सहित पांच अन्य लोगों के खिलाफ पीजीआई थाने में मुकदमा दर्ज कराया। जहां बाद में बनवारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

जारी है विवादित जमीन पर निर्माण कार्य
एक तरफ जहां सीओ प्रभात कुमार ने अपने चालक के माध्यम से बनवारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेजवा दिया वहीं दूसरी तरफ इस घटना के दो सप्ताह बाद 11 अगस्त को उसी विवादित जमीन पर निर्माण कार्य भी जारी हो गया। सूत्रों का कहना है कि 11 अगस्त को सीओ प्रभात कुमार पीजीआई थाने में बैठे थे जबकि स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से निर्माण कार्य चल रहा था।

असल कहानी कुछ और
जगतखेड़ा में जो प्लॉट है वह विवादित है। इसका मामला कोर्ट में चल रहा है। हमराही नितिन वर्मा पहले पीजीआई थाने में तैनात था। सूत्रों का कहना है कि नितिन ने इस प्लॉट के बारे में प्रभात कुमार को बताया था। प्रभात कुमार खुद भी प्लॉट को देखने के लिये पहुंचे थे और मौके पर बनवारी भी पहुंचा था। सीओ ने वर्दी के दम पर प्लाट पर कब्जा करने के बारे में धमकी दी। सूत्रों का कहना है कि इसी बीच नितिन ने बनवारी के निजी गनर रामचंद्र का राइफल लेकर फायरिंग कर दिया।

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