सीएम साहब क्या ऐसे ही चलेगी उम्मीद की साइकिल?

Captureजब 2012 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनी थी तब अखिलेश यादव ने एक कदम उठाया था कि कोई कार्यकर्ता पार्टी का झंडा नहीं लगाएगा। इस फैसले से यूपी की जनता के अंदर ये विश्वास बना था कि अब प्रदेश की व्यवस्था ठीक होनी तय है। जैसे जैसे वक्त गुजरता गया वैसे-वैसे अव्यवस्था का दौर भी शुरू होने लगा। हमीरपुर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष की गाड़ी की नंबर प्लेट देखिये, गाड़ी नंबर तो दूर सत्ता की हनक में इतने चूर हैं कि जिलाध्यक्ष जी को नंबर लिखवाना भी जरूरी नहीं समझते। आखिर कब तक ऐसे महानुभाव इस तरह नियमों का उल्लंघन करते रहेंगे?

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