सीएम ने कहा नहीं करूंगा गुंडों और माफियाओं का प्रचार, पार्टी में हडक़ंप

  • सीएम के तेवरों से खारिज हो सकता है कौमी एकता दल का सपा में विलय
  • अपनी विकास की छवि को किसी भी कीमत पर बर्बाद करना नहीं चाहते अखिलेश
  • माफिया मुख्तार की पैरवी करने वाले एक मंत्री की छुट्टïी, कई पर गाज गिरना तय
  • 27 जून को होगा अखिलेश मंत्रिमंडल का विस्तार, नए चेहरों को मिलेगी जगह
  • अखिलेश को मनाने में जुटे सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव

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संजय शर्मा
लखनऊ। पिछले कुछ महीनों से सीएम अखिलेश यादव दिन-रात मेहनत करके यह संदेश देने में कामयाब होते नजर आ रहे हैं कि वह विकास कार्यों को सबसे ज्यादा महत्व देते हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में डीपी यादव को पार्टी में न लाने के फैसले ने पूरी राजनीति की दिशा बदल दी थी, मगर इस बार यूपी चुनाव के कुछ महीने पहले ही माफिया मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल का विलय समाजवादी पार्टी में होने से सीएम अखिलेश यादव के सारे सपनों और उनकी विकास वाली छवि पर खासा नुकसान होता नजर आ रहा है। कल आनन-फानन में जिस तरह मुख्तार अंसारी के भाइयों को पार्टी में शामिल किया गया, उससे सीएम अखिलेश यादव बेहद नाराज हैं। उन्होंने साफ-साफ कह दिया है कि चाहे नफा हो या नुकसान, वह किसी भी कीमत पर गुंडों और माफियाओं का प्रचार नहीं करेंगे। कुछ महीने पहले ही मंच पर अतीक अहमद को किनारे करने के उनके फैसले की युवा वर्ग और सोशल मीडिया पर खासी सराहना हुई थी। सीएम जानते हैं कि इस तरह माफियाओं को साथ लाने से पूर्वांचल की कुछ सीटें तो जीती जा सकती हैं, मगर पूरे देश में उनकी जो छवि बनी है उस पर खासा डेंट पड़ जाएगा। इस घमासान को देखते हुए यादव परिवार में आज बैठक हो रही है। संभव है कि कौमी एकता दल का विलय खटाई में पड़ जाए।
कौमी एकता दल का विलय कल सुबह 10 बजे पार्टी दफ्तर में होना था। सीएम अखिलेश यादव के कड़े तेवर देखते हुए इसे टाला गया और सीएम जैसी ही जौनपुर गए आनन-फानन में प्रेस काफ्रेंस करके कौमी एकता दल का पार्टी में विलय करा दिया गया। जैसे ही सीएम लौटे उन्होंने इस विलय के कर्ता-धर्ता माध्यमिक शिक्षा मंत्री बलराम सिंह यादव को बर्खास्त कर दिया। सीएम ने कहा कि माफियाओं को साथ लाने से फायदा कम नुकसान ज्यादा होता है। इस चुनाव में सबसे ज्यादा युवा वोटर हैं और वह माफियाओं को नहीं विकास को पसंद करते हैं। सीएम के इन तेवरों के बाद सपा मुखिया के निर्देश पर आज शिवपाल यादव और सीएम अखिलेश यादव के बीच एक बार फिर बैठक हुई मगर कोई नतीजा नहीं निकल सका और शिवपाल यादव सीएम निवास से बिना मीडिया से बात किए निकल गए।

27 को होगा मंत्रिमंडल विस्तार, भूमिहार को लेने की मांग
माध्यमिक शिक्षा मंत्री बलराम सिंह यादव की बर्खास्तगी के बाद मंत्रिमंडल के कई उन मंत्रियों के चेहरे उतरे हुए हैं जिन पर भ्रस्टाचार की शिकायतें हैं। सीएम अपने मंत्रिमंडल में कुछ युवा चेहरों को शामिल करके नई ऊर्जा का संदेश देना चाहते हैं। पूर्वांचल की कई सीटों पर भूमिहार बड़ी संख्या में हैं और वह जीत हार का फैसला कर सकते हैं। पहले नारद राय भूमिहार बिरादरी का प्रतिनिधित्व करते थे। मंत्रिमंडल से बाहर होने के बाद भी वह जनेश्वर मिश्र और जय प्रकाश नारायण की स्मृति में कई बड़े कार्यक्रम भी करवा चुके हैं। इस बार उन्हें मंत्रिमंडल में लेने की मांग की जा रही है, जिससे भूमिहारों में अच्छा संदेश जा सके। सीएम सुनील साजन और आनन्द भदौरिया को भी मंत्रिमंडल में लेने का मन बना रहे हैं। मंत्रिमंडल में एक मुस्लिम को भी लिए जाने की संभावना बताई जा रही है। सब मंत्रियों के दिलों की धडक़न बढ़ी हुई है और वह अपने-अपने स्तर से इस विस्तार की जानकारी लेने में जुट गए हैं।

 

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