सीएम के बाद नेताजी की फटकार से हड़बड़ाए डीजीपी

छह दिन बाद पहुंचे तंजील के घर

सपा प्रमुख मुलायम सिंह ने लगाई आला अधिकारियों को फटकार, कहा पुलिस का रवैया असंवेदनशील
तंजील का परिवार भी पुलिस की जांच से नाराज, कहा- मामले की
सीबीआई जांच होहत्या के मामले में सहसपुर के चौकी इंचार्ज को किया
गया निलंबित छह दिन बाद आज डीजीपी जावीद अहमद पहुंचे बिजनौर

TH14पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। एनआईए अफसर तंजील अहमद हत्याकांड मामले में पुलिस के रवैये से सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव नाराज हो गए हैं। नेताजी का कहना है कि पुलिस का रवैया मामले को लेकर बहुत ही संवेदनहीन रहा है। इसके लिए उन्होंने पुलिस के आला अफसरों को फटकार भी लगाई है। नेता जी के फटकार के बाद डीजीपी जावीद अहमद आज एनआईए अफसर तंजील के घर पहुंचे। बीते शनिवार तंजील को गोलियों से भून दिया गया था। इसे लेकर सीएम अखिलेश यादव भी पुलिस महकमे के अधिकारियों को फटकार लगा चुके हैं।
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने तंजील हत्याकांड को लेकर अफसरों को जमकर लताड़ लगाई। नेताजी ने कहा कि पुलिस का रवैया मामले में पूरी तरह से असंवेदनशील है। उन्होंने कहा कि घटना के इतने दिनों बाद भी डीजीपी जावीद अहमद को बिजनौर जाने की जरूरत नहीं दिखी। उन्होंने हत्याकांड मामले में हिस्ट्रीशीटर के होने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस इतनी जल्दी कैसे इस निष्कर्ष पर पहुंच गई। बिना किसी ठोस सबूत के पुलिस कैसे इतनी जल्दी रंजिश की बात कह रही है। बेहद गुस्साए सपा सुप्रीमो ने डीजीपी और आला अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई। इस तरह आज डीजीपी जावीद अहमद बिजनौर तंजील की हत्या के करीब छह दिन बाद उनके घर पहुंचे। वह घटना स्थल का मुआयना भी करने भी जाएंगे।
गौरतलब है कि पुलिस ने तंजील हत्याकांड में अब तक रेहान, जैनी, तंजीम, इनाम,शहादत को हिरासत में लिया है और मुनीर की भी गिरफ्तारी हो गई है। वहीं इस मामले में सहसपुर के चौकी इंचार्ज एक और कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है। उनके ऊपर मामले में लापरवाही का आरोप लगा है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले एनआईए के तेज तर्रार अधिकारी तंजील अहमद की बिजनौर में अज्ञात बाइक सवारों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के समय कार में उनकी पत्नी और दो बच्चे थे। कई गोलियां उनकी पत्नी को भी लगी थीं। जिनका इलाज नोएडा के फोर्टिस इलाके में चल रहा है।

तंजील के परिजन पुलिस की जांच से खुश नहीं
एनआईए अधिकारी तंजील अहमद के परिजन भी पुलिस की जांच से खुश नहीं है। उनका कहना है कि मामले की पूरी जांच सीबीआई से करवाई जानी चाहिए। परिजनों का कहना है कि पुलिस की जांच गलत दिशा में जा रही है। परिजनों ने कहा कि प्रॉपर्टी या निजी खु्न्नस में इस हत्याकांड को अंजाम नहीं दिया गया है। इसकी जांच निष्पक्ष होनी चाहिए। तंजील अहमद के चचेरे भाई जहीम अख्तर ने कहा कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी।

तिरंगा फहराने वालों

पर पुलिस की लाठी आतंकियों को सम्मान
श्रीनगर में आतंकियों को खुलेआम 21 बंदूकों से सलामी और राष्टï्रवाद की बात करने वाले छात्रों पर लाठियां

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। यह अजीब विडंबना है कि अपने ही देश में ‘भारत माता की जय’ बोलने और तिरंगा फहराने पर छात्रों को पुलिस की लाठियां नसीब हो रही हैं और आतंकवादियों के प्रति सरकार का नरम रवैया बना हुआ है। श्रीनगर का एनआईटी सियासत का केन्द्र बना हुआ है। राजनीतिक पार्टियां और सरकार सियासत कर रही हैं और वहां पढऩे वाले गैर-कश्मीरी छात्र डरे-सहमे हैं। जम्मू एवं कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है लेकिन जिस तरह वहां गैर-कश्मीरी छात्रों के साथ भेदभाव की खबरे आई, उससे स्पष्टï है कि वहां गैर-कश्मीरी लोग नहीं बल्कि आतंकी सुरक्षित है। आतंकियों का हौसला ही है कि विगत दिनों दक्षिण कश्मीर में मृत आतंकी को आतंकवादियों ने खुलेआम 21 बंदूकों की सलामी दी थी। आज लखनऊ में हजरतगंज में विद्यार्थी परिषद ने जम्मू पुलिस के विरोध में नारेबाजी की।
जम्मू एवं कश्मीर में सुरक्षा हमेशा से अहम मुद्दा रहा है। वहां आतंकियों के हौसले बुलंद हैं तो इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है सरकार का उनके प्रति नरम रवैया। जम्मू एवं कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती अफजल गुरु को शहीद का दर्जा देने की मांग कर चुकी है तो उनके पिता स्व. मुफ्ती मोहम्मद सईद ने एक मार्च 2015 को सत्ता संभालने के महज 6 दिन बाद 7 मार्च को खतरनाक कश्मीरी अलगाववादी नेता मशरत आलम को रिहा कर दिया था। विगत दिनों श्रीनगर एनआईटी में तिरंगा फहरा रहे छात्रों की पिटाई का मुद्दा अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। विपक्ष ने भी केन्द्र सरकार को निशाने पर रखकर पूछा है कि आखिर ऐसी सरकार का समर्थन क्यों किया जा रहा है, जो तिरंगा फहरा रहे छात्रों पर लाठियां बरसा रही है।

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