सीएम की दरियादिली, पत्रकारों को रियायती दरों पर मिलेंगे मकान

  • जन्माष्टïमी पर पत्रकारों को तोहफा दिया अखिलेश ने, कहा पत्रकारों को दिये जायेंगे फ्लैट, 15 दिन में योजना की घोषणा
  • पत्रकारों के मिलने के सवाल पर सीएम ने कहा न मिलने की शिकायत तो है अमर अंकल को भी, मगर पत्रकारों के लिए तो हमेशा रहता हूं मौजूद
  • सीएम ने कहा पत्रकारों की हर समस्या का होगा निदान

26 AUG PAGE- 11 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। जन्माष्टïमी के मौके पर सीएम अखिलेश यादव ने पत्रकारों को अपने निवास पर लंच के लिए आमंत्रित किया। अनौपचारिक बातचीत में सीएम ने कहा कि वे मीडिया के प्रति बेहद संवेदनशील हैं और पत्रकारों की हर समस्या का निदान करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के सामने मकान की बड़ी समस्या आती रहती है। लिहाजा वे 15 दिन के भीतर पत्रकारों के लिए फ्लैट बनवाने की घोषणा कर देंगे और इसके लिए किसी बढिय़ा जगह पर जमीन भी तलाशना शुरू करवा रहे है।
पहली बार सीएम निवास पर पत्रकारों को मोबाइल और कैमरा ले जाने की इजाजत नहीं दी गई। पत्रकारों से कहा गया कि सीएम आज पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत करेंगे। वास्तव में सीएम थे भी पत्रकारों से व्यक्तिगत बातचीत करने के मूड में। उन्होंने पत्रकारों के सवालों के एक-एक करके जवाब दिये। अधिकांश पत्रकारों ने कहा कि पत्रकारों के पास रहने के लिए घर नहीं है। इस पर सीएम ने कहा कि अब उनकी यह मांग पूरी की जा रही है और जिस तरह से यूपी की योजनाओं की बाकी राज्य भी नकल करते हैं वैसे ही पत्रकारों को मकान देने की उनकी घोषणा की नकल बाकी राज्य भी करेंगे।
पत्रकारों ने ये भी कहा कि उन्हें सरकारी कॉलोनियों में जो मकान दिये गये हैं वे सुप्रीम कोर्ट के नियम की आड़ में खाली कराये जा रहे हैं। इस पर सीएम ने कहा कि वे विधानसभा में इस समस्या का निदान निकाल देंगे और किसी पत्रकार से उनका मकान खाली नहीं कराया जायेगा।
पत्रकारों ने सीएम से कहा कि अब उनसे मिलने के लिए समय नहीं मिलता। मुस्कुराते हुए सीएम ने कहा कि समय न मिलने की शिकायत तो अमर अंकल को भी है। इस पर हॉल में जोरदार ठहाका लगा। इशारों-इशारों में सीएम अमर सिंह के उस आरोप का जवाब दे दिया जिसमें सीएम से न मिलने की शिकायत की थी। सीएम ने कहा कि वे पत्रकारों के प्रति बेहद संवेदनशील हैं और पत्रकारों से उनका संपर्क लगातार बना रहता है। पत्रकारों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने पत्रकारों की समस्याओं का निदान जोरदार ढंग से कर दिया।

डेंगू के नाम से लखनऊ में आतंक अवैध वसूली में जुटे अस्पताल

  • स्वास्थ्य महकमा डेंगू पर रोक लगाने में पूरी तरह से नाकाम
  • राजधानी के अस्पतालों में मरीजों को भर्ती करने की जगह तक नहीं

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। जिले में डेंगू का आतंक बुरी तरह से फैल चुका है। अब तक डेंगू से 20 लोगों की मौत हो चुकी है। सैकड़ों लोग डेंगू की चपेट में हैं। अस्पतालों में डेंगू के मरीजों को भर्ती करने के लिए जगह तक नहीं बची है। डेंगू के मरीजों को दवाओं और प्लेटलेट्स से नाम पर खुलेआम लूटा जा रहा है। अस्पताल लोगों से डेंगू के इलाज के नाम पर मनमाना वसूली कर रहे है। जबकि स्वास्थ्य महकमा आंकड़ों की बाजीगरी का खेल खेलने में व्यस्त है। डेंगू और मलेरिया उन्मूलन विभाग मात्र कुछ इलाकों में छिडक़ाव करके खानापूर्ति करने में जुटा हुआ है। वह खुद बीमारी पर रोकथाम करने की बजाय जनता से बचाव की अपील करता नजर आ रहा है।
लखनऊ में डेंगू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। चार साल पहले राजधानी में जब डेंगू ने दस्तक दी तो अफरा-तफरी मच गई थी। शासन से लेकर प्रशासन तक सभी ने डेंगू की रोकथाम के लिए दावे किए थे, लेकिन सारे दावे फेल नजर आ रहे हैं। चार साल पहले डेंगू से मरने वालों का सिलसिला जारी है। जुलाई माह शुरु होते ही लोगों में डेंगू की दहशत देखी जा सकती है। डेंगू का आतंक और उसकी दहशत लोगों में बुरी तरह फैली हुई है। सरकारी अस्पताल ही नहीं निजी अस्पतालों में भी डेंगू के मरीज भरे पड़े हैं। हर बार की तरह इस बार भी प्रशासन ने अलर्ट जारी कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली है लेकिन डेंगू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। आखिर डेंगू का कहर रूकेगा कैसे? क्या राजधानी लखनऊ भी पूर्वांचल की राह पर चलने की ओर अग्रसर है, जहां पिछले 36 साल से इंसेफ्लाइटिस का कहर व्याप्त है। इंसेफ्लाइटिस और डेंगू में फर्क बस इतना है कि इंसेफ्लाइटिस मासूमों की मौत का सबब बनता है और डेंगू किसी को भी नहीं बख्श रहा।

प्लेटलेट्स के नाम पर लूट

डेंगू के मरीजों को चढ़ाई जाने वाली प्लेटलेट्स की मनमानी कीमत वसूली जा रही है। आलम यह है कि 400 रूपये प्रति यूनिट का प्लेटलेट्स दो से तीन हजार रुपये प्रति यूनिट में बिक रहा है। मरीजों की जांच में वायरल फीवर, मलेरिया, डेंगू या कुछ और चिकित्सक प्लेटलेटï्स की कमी बता कर लूट रहे हैं। जिन अस्पतालों में ब्लड बैंक नहीं हैं, वह दूसरे ब्लड बैंक से सम्पर्क करके प्लेटलेट्स मंगा रहे हैं।

मरीजों की संख्या 300 से अधिक

इस साल राजधानी में अब तक डेंगू बुखार के संदिग्ध मरीजों की संख्या 300 का आंकड़ा पार कर चुकी है। वहीं इस बुखार से 20 लोगों की मौत हो चुकी है। डेंगू से होने वाली मौतों का यह आंकड़ा सरकारी अस्पतालों से लिया गया है। निजी अस्पतालों में मरने वालों का कोई आंकड़ा नहीं है। जबकि स्वास्थ्य महकमा तो डेंगू से होने वाली मौतों का आंकड़ा मानने को तैयार नहीं है।

फैजाबाद में एटीएम कैश वैन लूटने की हुई कोशिश, फायङ्क्षरग में एक की मौत

  • बिना नम्बर की स्कॉॢपयो सवार बदमाशों ने की तबड़तोड़ फायरिंग
  • फायरिंग में गार्ड की हत्या
  • आईजी ए. सतीश गणेश फैजाबाद रवाना

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। फैजाबाद में आज दिन दहाड़े आधा दर्जन बदमाशों ने एटीएम वैन पर हमला बोल दिया। बदमाशों ने वैन की सुरक्षा में लगे बदमाशों पर कई राउंड गोलियां चलाईं। इस हादसे में एक गार्ड की मौके पर ही मौत हो गई। लेकिन बदमाश कैश लूटने में नाकाम रहे। वहीं घटना की सूचना मिलते ही आईजी सतीश गणेश फैजाबाद के लिए रवाना हो गये हैं।
फैजाबाद के थाना कैंट एरिया में कोटसराय के पास एनएच 28 पर करीब सात बदमाशों ने एटीएम वैन पर हमला बोल दिया। वैन में 42 लाख रुपये कैश था। बदमाशों ने वैन को घेरकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। वैन की सुरक्षा में लगे सुरक्षा गार्डों ने भी जवाबी फायरिंग की। इसलिए बदमाश कैश लूटने में नाकाम रहे। इस हादसे में गार्ड राजाराम (45) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं एटीएम वैन में लूट की सूचना पर पुलिस ने जगह-जगह नाकेबंदी कर बदमाशों को पकडऩे की कोशिश की लेकिन अब तक खाली हाथ है। वहीं आईजी जोन लखनऊ ने कहा कि बदमाशों ने वैन पर फायरिंग की है। जिसमें एक गार्ड की मौत हो गई है। बदमाश अपने साथ जो बैग ले गये हैं, उसमें कैश नहीं था। फिलहाल आस-पास के जिलों को अलर्ट कर दिया गया है। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।

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