सीएम अखिलेश ने कहा, बहुत कुछ सीखा जा सकता है वासिंद मिश्र की किताब से

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

Captureलखनऊ। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वरिष्ठ पत्रकार वासिंद मिश्र की पुस्तक ‘इनकाउंटर विथ पॉलिटिक्स’ और ‘सच के मुकाबिल’ का अपने आवास 5 केडी पर विमोचन किया। इस दौरान मुख्यमंंत्री ने कहा कि वासिंद जी की किताब न सिर्फ हम राजनेताओं ही नहीं बल्कि सीखने वाले पत्रकारों के लिए भी आदर्श है। वह काफी अनुभवी पत्रकार हैं। नये पत्रकार भी उनसे कुछ सीख सकते हैं। वासिंद जी कम से कम लिख तो रहे हैं, कई पत्रकारों का पता ही नहीं होता क्या सोच रहे है। हमने इतने सालों में यही सीखा मीडिया जिसको वनाता है मीडिया ही उनको गिराता है। हमारे लोकतंत्र को बहुत आगे जाना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्यकार और पत्रकार समाज का आइना होते हैं। इनके माध्यम से हमे अपने समाज और आस-पास की घटनाओं की जानकारी मिलती रहती है। ये समाज को नई दिशा देने का काम करते हैं। इसी वजह से हमारी सरकार साहित्यकारों को प्रोत्साहित करने, उनको सम्मानित करने और समाज की दिशा बदलने में साहित्यकारों के साथ मिलकर काम कर रही है।
इस अवसर पर वासिंद मिश्र ने कहा कि मैं यहां किसी संगठन और संस्था के सदस्य के तौर पर नहीं खड़ा हूं। नेताजी के परिवार से मेरा 25 साल के नाता है। सच के मुकाबिल और इनकाउंटर विथ पॉलिटिक्स में पॉलिटिकल घटनाओं की समीक्षा है। इन दोनों किताबों में मेरी राय है। किसी कंपनी या संगठन के विचार नहीं है। इस किताब का मुख्यमंत्री से विमोचन कराना चाहता था, उनसे सीधे तौर पर अनुरोध भी नहीं किया लेकिन किताब के बारे में जानकारी मिलते ही उन्होंने विमोचन के लिए हामी भर दी। उन्होंने अपने आवास पर कार्यक्रम करने की सलाह भी दी।
यह मुख्यमंत्री का सरल स्वभाव ही है, जिसकी वजह से प्रदेश को साहित्य और विकास की दिशा में नई पहचान मिली है। गोपाल दास नीरज ने कहा कि किताबें समाज का आईना हैं। इनसे समाज को नई दिशा मिलती है। पहली बार प्रदेश में कोई ऐसा मुख्यमंत्री हुआ है,जिसका दिल इतना बड़ा है। अखिलेश यादव ने साहित्य औ्र साहित्यकारों के विकास के लिए दिल खोलकर योगदान दिया है। इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार और इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष के विक्रम राव ने कहा कि टीवी पत्रकारों के सामने कई तरह की समस्याएं हैं। पुस्तक में कई बिन्दुओं पर लेखक ने राजनीतिक लोगों पर सवाल उठाएं।

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