सीएम अखिलेश को ही बुरा भला नहीं बल्कि नेताजी को भी जोकर कह चुके हैं अमर सिंह!

मौका देखकर किसी के लिए कुछ भी कह सकते हैं अमर ङ्क्षसह
जिसके साथ रहे उसका परिवार तुड़वा दिया अमर सिंह ने
बच्चन परिवार से लेकर अंबानी परिवार तक झेल चुके हैं अमर सिंह के इस रूप को
जिस दिन से पार्टी में आए उसी दिन से लोगों ने कहना शुरू किया कि अब यादव परिवार में भी होगी कलह

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

captureलखनऊ। इस समय सपा मुखिया के लिए अपना प्यार उड़ेलने वाले अमर सिंह ने कभी नेताजी की इतनी बेइज्जती की थी, जितनी आज तक देश की राजनीति में किसी ने नहीं की थी। अब एक रणनीति के तहत अमर सिंह नेताजी के करीब जाकर उनके और अखिलेश के बीच दूरी पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

पढि़ए नेताजी के दिल में रहने वाले अमर सिंह ने कभी क्या कहा था उनके लिए…
सपा से निकाले जाने के बाद मार्च 2010 में अमर सिंह बोले, मुलायम सिंह या तो आप लोहियावादी नहीं हैं या फिर अपने स्वार्थी मुलायमवाद का सफेद झूठ लोहिया जी पर मढऩा चाहते हैं। ऐसा लगता है कि सारी नेतृत्व क्षमता, गुणवत्ता सिर्फ एक ही परिवार में है। मेरी गलती थी कि मैंने 14 साल से हो रही इस धंाधली को नहीं
देखा।
23 अक्टूबर 2010 को बोले, मुलायम सिंह यादव ने लोहिया के सिद्धांतो की बलि चढ़ा दी है। लोहिया ने कभी भाई-भतीजावाद को बढ़ावा नहीं दिया। मुलायम इसी को बढ़ावा दे रहे हैं। समाजवादी पार्टी में सिर्फ दो अपवाद थे। एक जनेश्वर मिश्र और दूसरे अमर सिंह। एक को ’राम’ जी खा गए तो दूसरे को रामगोपाल।
21 फरवरी 2012 को कहा, यूपी के भ्रष्टïाचार में मुख्यमंत्री मायावती और मुलायम सिंह यादव दोनों साझीदार हैं। मुलायम सिंह एक पहिए की साइकिल चलाने वाले जोकर हैं।
12 अप्रैल 2012 को कहा, मुलायम सिंह ने बलात्कार पर बयान दिया है कि लडक़े हैंं। मन मचल जाता है। ऐसा लगता है कि मुलायम सिंह का वश चले तो रेप को भी जायज कर दें।
तल्खी के दिनों में अमर सिंह ने मुलायम को निशाना बनाते हुए यहां तक कह दिया था कि 14 साल तक वह उनके दर्जी और कूड़ेदान का काम करते रहे, लेकिन पार्टी से निकल जाने के बाद मुलायम अपनी अच्छी-बुरी राजनीति के खुद जिम्मेदार हैं।
अमर ने अपने ब्लाग पर लिखा था, मैंने कहा था कि मैं मुलायम का मात्र दर्जी और कूड़ेदान हूं। उनकी गलत-सलत नीतियों को नैतिकता का कपड़ा सिलकर संवारने का मैं 14 साल का अपराधी हूं लेकिन दल की गलतियों का श्रेय लेने वाला कूड़ेदान अब मैं नहीं रहा।
अमर ने यह भी लिखा, मुलायम अब आप अपनी अच्छी-बुरी राजनीति के अकेले दर्जी और कूड़ेदान खुद हैं। आपको अपनी भूमिका मुबारक और मेरे राजनीतिक निर्वाण के लिए शुक्रिया।
अमर ने यह भी कहा था मैं मुलायम के लिए एकलव्य बनकर संतुष्टï हूं। पर एकलव्य की तरह अपना अंगूठा उन्हें नहीं दूंगा।
अमर, मुलायम दोस्ती के परवान न चढऩे का तर्क देने वाले उन बयानों की याद दिलाते हैं जो अमर सिंह ने सपा से बाहर होने के बाद बीते चार वर्षों में मुलायम सिंह यादव और सपा के अन्य नेताओं पर दिए।
अमर ने लोकसभा चुनाव तक मुलायम पर कई तल्ख टिप्पणियां कीं। कभी उन्हें लोहियावादी की जगह परिवारवादी करार दिया तो कभी सपा के राष्टï्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव पर निशाना साधते हुए उन्हें अपने निष्कासन के लिए जिम्मेदार ठहराया।
हद तो यह रही है कि अमर सिंह ने मुलायम पर बलात्कारियों का सहयोग करने तक का आरोप लगा दिया।

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