सीएमएस ने नहीं लिया गरीब बच्चों का दाखिला, सुप्रीम कोर्ट में करेगा अपील

गरीब बच्चों को अब तक 9 बार लौटा चुका है सीएमएस

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। सिटी मांटेसरी स्कूल ने ठान ली है कि वह उन 13 गरीब बच्चों को अपने यहां दाखिला नहीं देगा। मंगलवार को भी बच्चे प्रवेश के लिए स्कूल गए लेकिन उन्हें वहां से बैरंग लौटा दिया गया। हाइकोर्ट के फैसले के खिलाफ अब सीएमएस सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगा।
क्या गरीब होना श्राप है? यह सवाल उन बच्चों के माता-पिता कर रहे हैं जिनके बच्चों का प्रवेश सीएमएस ने कानूनी दाव-पेंच लगाकर रोक रखा है। अभिभावक और उनके बच्चे बार-बार कोर्ट के आदेश के बाद प्रवेश के लिए स्कूल जाते हैं और स्कूल से उन्हें वापस कर दिया जाता है। यह सिलसिला पिछले ढाई महीने से चल रहा है। हर बार कोर्ट आदेश जारी करती है और हर बार सीएमएस कोई नई याचिका का बहाना बनाकर प्रवेश देने से बच रहा है। कोर्ट के आदेश पर मंगलवार को ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अजय द्विवेदी सीआरसी के साथ बच्चों के अभिभावकों के साथ प्रवेश के लिए स्कूल गये लेकिन उन्हें वहां से लौटा दिया गया।
आरटीई के तहत 13 बच्चों को सीएमएस प्रवेश तो नहीं दे रहा लेकिन उनका अपमान करने से बाज नहीं आ रहा है। ्रस्कूल प्रशासन अभिभावक और बच्चों को यह कह कर लौटा देते हैं कि ऐसे बच्चों का प्रवेश लेने से हमारे यहां का माहौल खराब हो जाएगा। माता-पिता का कहना है कि गरीबी का एहसास पहले तो कभी नही हुआ लेकिन अब जब बच्चों को स्कूल से गरीब बोल कर प्रवेश नहीं दिया जाता तो गरीब होने का दुख: होता है। संध्या का कहना है कि बच्चों को क्या कहकर समझाएं कि उनका प्रवेश क्यों नहीं हो रहा है? हमारी इतनी क्षमता होती तो हमें इस तरह अपने बच्चों की इच्छाओं को मारना नहीं पड़ता। एक माता-पिता के लिए इससे बड़ी सजा और क्या होगी की बच्चे स्कूल जाने के लिए रोते हैं और हम उन्हें स्कूल नहीं भेज सकते। कोर्ट ने सीएमएस की स्पेशल याचिका खारिज करने के साथ ही जल्द से जल्द इन बच्चों का प्रवेश लेने का आदेश दिया था।

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