सिटी ब्रीफ

बीबीएयू में छात्रों ने कुलपति से लगाई सुरक्षा की गुहार 

लखनऊ। बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय में आरक्षण का विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अशांति के माहौल से घबराएं छात्र सोमवार को कुलपति से मिले और प्रार्थना पत्र सौंपकर कुलपति से जान-माल की सुरक्षा करने की मांग की। छात्रों ने परिसर में पुलिस बल शीघ्र तैनात करने की भी मांग किया है, जिससे छात्रों की जान माल की सुरक्षा हो सके और पठन-पाठन का कार्य पूर्व की भांति बहाल हो सके। छात्र ऋतेश चौधरी ने बताया कि कुलपति प्रो. आर.सी. सोबती ने छात्रों का एक दल मिलकर प्रार्थना पत्र सौंपा है, जिसमें छात्रों ने कुलपति से 3 मई की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में कुलसचिव डॉ. सुनीता चंद्रा, डॉ. एसी मलैया, डॉ. एनकेएस मोरे, गोकर्ण प्रसाद और एक विशेष वर्ग के छात्रों के साथ-साथ विभिन्न अराजक तत्वों के साथ धरना प्रदर्शन कराया गया था और शाम को कुलपति से मिलने के बहाने उन्हें दो घंटे तक बंधक बनाया गया। छात्रों ने इस प्रकार की घटना को जानलेवा बताया और स्वयं में सुरक्षा को लेकर भय का भाव प्रकट किया है। उनका कहना है कि यदि विश्वविद्यालय परिवार का मुखिया सुरक्षित नहीं हैं तो हम छात्र कैसे सुरक्षित रह सकते है। इसमें रोहित कनौजिया, अवनीश कुमार सिंह, सुनील कुमार पांडेय, ज्योति पांडेय, नीरज कुमार और दीप्ति कश्यप सहित करीब दो दर्जन से अधिक छात्रों ने कुलपति प्रो. आरसी सोबती को प्रार्थना पत्र सौंपा है।
एलडीए बोर्ड मीटिंग अब १७ जून को
लखनऊ। एलडीए की बोर्ड मीटिंग की तिथि ७ जून से बढ़ाकर अब १७ जून कर दी गई है। बोर्ड मीटिंग में कुछ और भी प्रस्ताव शामिल किए जाने थे, लेकिन समय रहते इन्हें नहीं शामिल किया जा सका। अब एक बार फिर से बोर्ड सदस्यों और अधिकारियों को १७ जून की बोर्ड मीटिंग के लिए बुलावा पत्र भेजा गया है। एलडीए सचिव श्रीश चंद्र वर्मा ने बताया कि अपरिहार्य कारणों के कारण यह निर्णय लेना पड़ा है। इससे पहले ६ मई को बोर्ड मीटिंग हुई थी। उक्त बोर्ड मीटिंग में मास्टर प्लान २०३१ का प्रस्ताव संसोधित करके रखने की बात हुई थी। इसको लेकर मुख्य नगर नियोजक को दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। एक बार फिर १७ जून को होने वाली बोर्ड मीटिंग में मास्टर प्लान २०३१ के अलावा कुछ अन्य मुद्दें भी रखे जाएंगे।
जाम से निजात दिलाने के लिए हुसडिय़ा से मनोज पांडे चौराहे तक सील होंगी दुकानें
लखनऊ। पत्रकारपुरम पर जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए अगर एलडीए का प्रयास सफल रहा तो जल्द ही हुसडिय़ा से मनोज पांडे चौराहे तक सडक़ों पर खुले शोरूम, रेस्टोरेंट व दुकानें सील होंगी। खासतौर से जिन्होंने अपने पूरे आवासीय परिसर को वाणिज्यक में तब्दील कर दिया है। दरअसल यहां एक किलोमीटर के दायरे में जाम सबसे बड़ी समस्या बन गई। सुबह 10 बजे और शाम 6 से 8 बजे तक जाम की स्थिति से निपटने में यहां की पुलिस भी फ्लॉप हो गई है। इसके अलावा एलडीए अपने सभी जोन में दस नामों की सूची होर्डिग के जरिए लगाएगा जिस पर उन बिल्डिंगों की सूची होगी, जिनके परिसर गिराए जाने हैं। एलडीए उपाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह ने कल गोमती नगर की जाम की समस्या को ध्यान में रखते हुए निर्देश जारी किए। दरअसल गोमती नगर के हुसडिय़ा से मनोज पांडे चौराहे तक लग रहे जाम को लेकर दर्जनों शिकायतें आ चुकी हैं। चंद दिनों पहले स्थानीय समितियों द्वारा भी आपत्ति जताई गई थी। पत्रकारपुरम चौराहे पर आधा दर्जन जहां रेस्टोरेंट व खाने पीने की दुकानें खुल गई हैं। वहीं पार्किंग की उचित व्यवस्था न होने के कारण सडक़ों पर ही लोग अपने वाहन खड़े कर रहे हैं। यहां से गुजरने वाले दर्जनों वीआइपी व आम पब्लिक को इस समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है। एक किलोमीटर के दायरे में तीन मॉडल शॉप हैं। आधा दर्जन छोटे-बड़े रेस्टोरेंट, इतने ही ज्वैलर्स की दुकानें संचालित हो रही हैं। वहीं पत्रकारपुरम चौराहे के बीचों-बीच नाले के ऊपर साइकिल स्टैंड बन जाने से ठेले वालों ने सडक़ पर अपनी दुकानें सजा ली है। चौड़ी सडक़ पर आधा कब्जा इन ठेले वालों का है। पुलिस यहां मूक दर्शक बनी हुई है। पत्रकारपुरम पर पुलिस चौकी है और चंद कदम पर गोमती नगर थाना, इसके बाद यह हाल है।

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