सिटी ब्रीफ

शब-ए-बारात की वजह से टला मेगा गंजिंग कार्निवाल कार्यक्रम 

लखनऊ। जिला प्रशासन ने शब-ए-बारात होने की वजह से मेगा गंजिंग कार्निवाल की पहली वर्षगांठ पर प्रस्तावित कार्यक्रम एक सप्ताह बाद कराने का फैसला किया है। इसलिए अब मेगा गंजिंग कार्निवाल 22 मई की जगह 29 मई को आयोजित किया जायेगा।

एक क्लिक पर केस नंबर के जरिए मिलेगी जानकारी
लखनऊ। राज्य सूचना आयोग की नई वेबसाइट पर एक क्लिक पर मोबाइल फोन नंबर या केस नंबर के जरिए पूरा फैसला सामने आ जाएगा। नए प्रकरणों के साथ पुराने प्रमुख केस और नजीर बने मामले भी वेबसाइट पर मौजूद होंगे। इस महीने के अंत तक वेबसाइट लांच कर दिया जाएगा। मालूम हो कि 11 अप्रैल से गोमतीनगर स्थित नए आरटीआइ भवन में राज्य सूचना आयोग का कार्यालय पहुंचने के बाद से ही नई वेबसाइट की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। शुक्रवार को इसका प्रस्तुतिकरण था। मुख्य सूचना आयुक्त जावेद उस्मानी व अन्य सूचना आयुक्तों के साथ हुई बैठक के बाद उस्मानी ने बताया कि आयुक्तों ने कई सुझाव दिए हैं, जिन्हें शामिल करने के बाद इस महीने के अंत तक वेबसाइट को लांच कर दिया जाएगा। मुख्य सूचना आयुक्तने ने बताया कि नई वेबसाइट हर मायने में पुरानी से बेहतर और उपयोगी होगी।
रोस्टर के मुताबिक खाद्यान्न वितरण करवाने में जिला प्रशासन नाकाम
लखनऊ। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत पात्र परिवारों को तय समय पर हर महीने राशन बंटवाने की जिला प्रशासन की कवायद नाकाम साबित हो रही है। जबकि, मार्च महीने में योजना लागू होते ही जिम्मेदार अधिकारियों के दावे यही रहे हैं कि जल्द ही पात्रों को हर माह निर्धारित समय में राशन का वितरण नियमानुसार होने लगेगा। लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों का यह दावा हर तरह से खोखला ही नजर आ रहा है। इस कारण कई हजार पात्र परिवारों को खाद्यान्न वितरण का लाभ नहीं मिल पा रहा है। आपूर्ति विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने पिछले सप्ताह सभी कोटे की दुकानों पर समय से राशन पहुंचवाने और शत प्रतिशत राशन वितरण करवाने का दावा किया था। इसके साथ ही जिन दुकानों में राशन भरे होने की वजह से राशन का उठान करने से कोटेदारों ने मना किया था। उनकी दुकानों की जांच करने का जिलाधिकारी ने निर्देश दिया था। इसके साथ ही सत्यापन के दौरान दुकानों में राशन न होने की स्थिति में झूठ बोलने वाले कोटेदारों की दुकानें निलंबित करने की चेतावनी भी दी थी। इन सबके बावजूद शहरी क्षेत्र की शत-प्रतिशत दुकानों में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राशन नहीं पहुंच पाया है। हांलाकि, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि, जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना लागू होने के पहले ही तैयारियां कर रखी थीं।

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