सिटी ब्रीफ

वैष्णव मां दर्शन के लिए स्पेशल ट्रेन 16 अप्रैल को
लखनऊ। मां के भक्तों के लिए खुशखबरी है। नवरात्र पर माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए ट्रेनों में लंबी वेटिंग से परेशान यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे खानपान व पर्यटन निगम (आइआरसीटीसी) एक स्पेशल ट्रेन चलाएगा। यह ट्रेन 16 अप्रैल को लखनऊ से रवाना होगी और 20 अप्रैल को लखनऊ वापस आएगी। आइआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अश्विनी श्रीवास्तव ने कहा कि ट्रेन में सवार होने की सुविधा वाराणसी, सुलतानपुर, लखनऊ, कानपुर, आगरा कैंट, दिल्ली सफदरगंज और अंबाला कैंट स्टेशन से भी होगी। चार रात्रि और तीन दिन की यात्र का पैकेज 4150 रुपये में उपलब्ध होगा, जिसमें यात्रियों की स्लीपर क्लास की यात्रा, तीनों समय का शाकाहारी भोजन, स्थानीय भ्रमण और ठहरने की सुविधा होगी। स्पेशल ट्रेन के लिए यात्रियों की बुकिंग आइआरसीटीसी के हेल्पलाइन नंबर 9794863619, 9794863629,9794844569 पर भी की जा सकती है। इंदिरा नगर के अश्वनी जयसवाल कहते हैं कि इससे माता के दर्शन को जाने वाले यात्रियों को माता ने एक मौका मानों दे दिया हो। कई भक्त जो निराश थे कि उनका लंबा वेटिंग कैसे क्लीयर होगा, उनकी चिंता अब खत्म हो गई है। वहीं राजेश तिवारी कहते हैं कि इस गाड़ी में खाने-पीने की व्यवस्था होने से यात्रा आरामदायक होगी।

कठौता झील में सिर्फ तीन सप्ताह के लिए पानी
लखनऊ। जैसे ही गर्मी शुरू हुई है वैसे ही पानी की किल्लत बढऩे लगी है। जलकल विभाग ने इंदिरा नगर और गोमती नगर के लोगों से कम पानी का उपयोग करने की अपील की है। क्योंकि सिंचाई विभाग द्वारा शारदा सहायक पोषक नहर की बंदी 30 अप्रैल तक कर दी गई है। इससे इन कालोनियों में रहने वाली कई लाख की आबादी को अप्रैल के तीसरे सप्ताह के बाद से पानी के संकट का सामना भी करना पड़ सकता है। जलकल इन कालोनियों में पानी की सप्लाई भी कम कर सकता है। बता दें कि कठौता झील में शारदा सहायक नहर से पानी आता है। सिंचाई विभाग ने सिल्ट सफाई के लिए 6 अप्रैल से 25 अप्रैल तक समय मांगा है। इसके बाद ही पानी की आपूर्ति सुचारु तौर पर हो पाएगी। पानी 28 अप्रैल के बाद ही पहुंचेगा। उसके बाद इसका लेवल बराबर होने में दो दिन लग जाएंगे। जलकल के महाप्रबंधक राजीव बाजपेयी ने बताया कि कठौता की दोनों झीलों मे अभी 2400 मिलियन लीटर पानी बचा है। ऐसे में 22 से 25 दिन तक कोई दिक्कत नहीं आएगी है। सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता रूप सिंह यादव कहते हैं कि नहर की सफाई को लेकर जलकल विभाग को हर बार की तरह इस बार भी पहले सूचित कर दिया गया है। गर्मी शुरू होते ही पानी की किल्लत शुरू हो जाती है। अगर हम पहले से यह ध्यान में रखें की गर्मी आने वाली है और पानी का संचय करें तो शायद पानी की किल्लत से बचा जा सकता है। लेकिन ऐसा होता नहीं है, विभाग हो या आम लोग सभी निश्चित रहते हैं पर जब गर्मी आती है तो सभी एक दूसरे पर आरोप लगाते हैं। गर्मी शुरू होने से पहले ही लोगों को पानी के प्रति सचेत हो जाना चाहिए। अगर लोग बारिश के पानी का संचय करें तो शायद इतनी दिक्कत गर्मी में पानी के लिए नहीं होगी। जरूरत है आम लोगों को जागरूक होने की, हमें पानी के लिए सजगता के साथ उपयोग पर भी ध्यान देना होगा।

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