सिटी ब्रीफ

लोहिया पथ पर अब बुझा सकेंगे अपनी प्यास

लखनऊ। गर्मी में पानी के लिए आपको लोहिया पथ पर परेशान नहीं होना पड़ेगा। जलनिगम और जल संस्थान इस मार्ग का स्थलीय परीक्षण करके एक हफ्ते में इण्डिया मार्का हैण्डपम्प या पाइप पेयजल का प्रस्ताव तैयार करने का आदेश दिया। साथ ही एक महीने में पानी की का इंतजाम करने को भी कहा। जिलाधिकारी राजशेखर के मुताबिक जल निगम और जल संस्थान को एक पत्र जारी करते हुए निर्देश दिया है कि संयुक्त रूप से पॉलीटेक्निक से मुख्यमंत्री आवास तक स्थलीय निरीक्षण करें। इसके साथ ही पॉलीटेक्निक से मुख्यमंत्री आवास के बीच रह रहे लोगों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकने की मुश्किल भी खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि इस मार्ग के उन स्थलों को चिन्हित किया जाए जहां पर पीने के पानी की अधिक आवश्यकता है।जिलाधिकारी राजशेखर ने पानी की गंभीरता को समझते हुए इन दोनों विभागों से यह भी कहा कि पूरा काम समाप्त कराने की सूचना कार्यालय में एक मई तक उपलब्ध करा दी जाए।

महिला कांस्टेबल कैंडीडेट्स का फिजिकल टेस्ट आज से शुरू
लखनऊ। यूपी पुलिस में महिला कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का फिजिकल टेस्ट आज से सूबे के 12 जिलों में शुरू हो रहा है। प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडा ने कहा कि महिला पुलिस कांस्टेबल की भर्ती का फिजकल टेस्ट लखनऊ, इलाहाबाद, बरेली, मुरादाबाद, आगरा, मेरठ, कानपुर, गोरखपुर, आजमगढ़, वाराणसी, फैजाबाद और गोंडा में होगा। इसके लिए यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने 29 दिसंबर 2015 को विज्ञापन निकालकर आवेदन मांगे थे। ऑनलाइन आवेदन के आधार पर हाईस्कूल और इंटर में प्राप्त अंकों (10वीं की बोर्ड परीक्षा के आधार पर अधिकतम 100 अंक एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षा पर अधिकतम 200 अंक मिलाकर कुल 300 अंक) के आधार पर जिन्हें 210.17 या उससे अधिक अंक प्राप्त हुए हैं, उन्हें ही बुलाया गया है।

राशन में धांधली की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने का इंतजार
लखनऊ। जिले में राशन कार्डों को बनाने में धांधली और दुकानों से गायब राशन की जांच पूरी हो गई है। राशन की दुकानों, सरकारी गोदामों, आपूर्ति कार्यालयों में कागजात और राशन से जुड़े तथ्यों की जांच और कार्डधारकों से राशन वितरण संबंधी सत्यापन की रिपोर्ट खाद्य आयुक्त को सौंप दी गई है। अब सबकी निगाहें जांच कमेटी की तरफ से प्रस्तुत रिपोर्ट सार्वजनिक होने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई पर टिकी हुई है। राजधानी में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून 1 मार्च से ही लागू कर दिया गया था। इसके बावजूद जिले की करीब 20-25 दुकानों पर मार्च महीने का राशन नहीं पहुंचा। इस कारण खाद्य सुरक्षा के लाभार्थी हजारों परिवारों को राशन नहीं मिल पाया। इसमें सरकारी दुकानों पर खाद्य सुरक्षा के तहत पहुंचाया गया 338 कुंतल राशन भी गायब हो गया है। इसका लेखा-जोखा कोटेदारों और आवश्यक वस्तु निगम के पास भी नहीं था। ऐसे में राशन गायब होने और राशन कार्ड बनाने में गड़बड़ी की जांच करने पहुंची टीम की रिपोर्ट पर सबकी निगाहें टिकी हुई है। दरअसल जांच कमेटी ने पांच दिन तक लखनऊ में सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के अंतर्गत कम से कम एक और अधिकतम दो से तीन दुकानों का निरीक्षण किया। इसमें दुकानदारों से रजिस्टर, दुकानों में मौजूद राशन, राशन के रखरखाव और खाद्य सुरक्षा के मानकों के अनुसार दुकान का लाइसेंस जारी करने से संबंधित तथ्यों की जांच-पड़ताल की गई। इसमें कुछ दुकानदारों ने जांच कमेटी के साथ अभद्रता की और जांच में अवरोध उत्पन्न करने का काम भी किया। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई, जिसमें दुकान का लाइसेंस निरस्त करने का प्रपोजल बनाकर शासन को भेज दिया गया है। इसके अलावा आवश्यक वस्तु निगम के गोदामों में राशन के रखरखाव और उठान में भारी अनियमितता की शिकायतें मिली हैं। इसमें राशन पहुंचाने में आवश्यक वस्तु निगम की लापरवाही भी सामने आई है। जबकि राशन कार्डों को बनाने में आपूर्ति कार्यालय और क्षेत्रीय कार्यालयों में कर्मचारियों की लापरवाही का मामला भी उजागर हुआ है। ऐसे में सबकी निगाहें जांच कमेटी की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। उम्मीद की जा रही है कि एक-दो दिन में खाद्य आयुक्त रिपोर्ट को सार्वजनिक कर देंगे।

गोमती तटों के सुंदरीकरण का दिखने लगा असर
लखनऊ। गोमती नदी के किनारों को खूबसूरत बनाने की सरकार की योजना अब फलीभूत हो रही है। गोमती नगर गांधी सेतु के पास गोमती के किनारे नए रूप में नजर आ रहे हैं। जो देखने में आकर्षक लग रहे है। गोमती के किनारों को खूबसूरत और आकर्षक बनाने के लिए और 444 करोड़ रुपए का बजट बढ़ा दिया। सिंचाई विभाग ने पूर्व के प्रस्तावित बजट 656 करोड़ रुपये को बढ़़ाकर 1100 करोड़ रुपये का दिया था। वहीं लॉ-मार्टीनियर के आस-पास के गोमती के किनारे से लेकर पक्का पूल तक गोमती का स्वरूप बदलता नजर आने लगा है, इतना ही नहीं इस भारी भरम प्रोजक्ट पर सिंचाई मंत्री शिवपाल यादव खुद भी विषेश रूप से नजर बनाये हुए है और समय-समय पर खुद भी कार्य स्थल का औचक निरीक्षण करने पहुंच जाते हैं।

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