सिगरेट, गुटखा बच्चों से दूर करने का चलेगा अभियान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस प्रदेश में बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए किशोर न्याय अधिनियम के नए प्रावधान के तहत अभियान चलाने जा रही है। इसके तहत पान, गुटखा, सिगरेट आदि को स्कूल, पार्कों आदि सार्वजनिक जगहों से दूर किया जाएगा। मालूम हो कि महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने पिछले दिनों इस संबंध में डीजीपी को पत्र लिखा है। इसके बाद डीजीपी दफ्तर हरकत में आया और सर्कुलर जारी करने की तैयारी शुरू हो गई है। 18 अप्रैल के पत्र में किशोर न्याय अधिनियम की धारा-77 के तहत बच्चों को शराब, तंबाकू या नाकरेटिक्स के जाल में फंसाने वालों को अधिकतम 7 साल तक की सजा और एक लाख तक के जुर्माने का प्रावधान है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, नेशनल कमीशन फॉर प्रोटक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स मिलकर इस प्रलोभन के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। कोई संदेह नहीं कि पुलिस अफसरों के ऊपर ही सबसे ज्यादा जिम्मेदारी बनती है। उनका आग्रह है कि पुलिस धारा-77 और इसके प्रावधानों से लोगों को अवगत कराएं। सार्वजनिक स्थलों पार्क और रेस्टोरेंट के आसपास गुटखा, सिगरेट बेचते पाये जाते हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई करे। 

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