’सिंघल रिटर्न्स ‘ के डर के कारण किसी IAS ने नहीं दी चीफ सेक्रेटरी को बधाई

  • आईएएस अफसरों को लग रहा था डर कि अगर दीपक सिंघल की हो गई वापसी तो बधाई देना पड़ जाएगा भारी, चाह कर भी मन की भावनाएं व्यक्त नहीं कर पा रहे आईएएस अफसरcapture


संजय शर्मा

लखनऊ। आईएएस अफसरों ने आपसी संवाद एवं जानकारी आदान-प्रदान करने के लिए व्हाट्सएप पर एक ग्रुप बनाया है। इस ग्रुप पर सभी अफसर अपनी-अपनी जानकारी और एक दूसरे के दु:ख दर्द साझा करते हैं। जब किसी का जन्मदिन होता है या फिर कोई अच्छी तैनाती तो सब एक दूसरे को बधाई देते हैं। प्रवीर कुमार कार्यवाहक और दीपक सिंघल जब पूर्णकालिक मुख्य सचिव बने तो इस ग्रुप पर अफसरों की बधाईयों का तांता लग गया। जब राहुल भटनागर मुख्य सचिव बने तो माना गया कि फिर इस ग्रुप पर बधाई संदेशों की बाढ़ लग जाएगी। मगर तीन दिन बीत गए अफसरों का यह ग्रुप सूना पड़ा हुआ है। पीसीएस से आईएएस बने सिर्फ एक अफसर ने राहुल भटनागर को बधाई दी। इसके अलावा किसी आईएएस अफसर ने भटनागर को सार्वजनिक रूप से बधाई नहीं दी क्योंकि अफसरों के बीच में लगातार यह चर्चा चल रही थी कि दीपक सिंघल की ताजपोशी दोबारा हो सकती है।
अफसरों के बीच में यह बात खासी मजाक का विषय बनी हुई कि बिल्ली के गले में घंटी बांधने की हिम्मत कोई अफसर नहीं कर रहा। एक विपिन द्विवेदी ने यह हिम्मत जरूर की जिनका रिटायरमेंट नजदीक है। व्हाट्सएप ग्रुप पर प्रदेश के सबसे बड़े अफसरों की यह हालत उनका डर और उनकी कमजोर स्थिति बताने के लिए काफी है।
दरअसल सीएम ने आनन-फानन में जिस तरह मुख्य सचिव दीपक सिंघल को हटाया और उसके बाद दीपक सिंघल के पक्ष में अमर सिंह के साथ कुछ लोगों ने उन्हें दुबारा इसी पद पर तैनात करने के लिए लॉबिंग की, उससे संकेत मिला कि यादव परिवार के इस घमासान में ‘सिंघल रिटन्र्स’ जैसी मूवी फिर दोहराई जा सकती है। यूपी के आईएएस अफसर दीपक सिंघल के दो महीने के कार्यकाल से खासे डरे हुए हैं। जिस तरह उन्होंने अफसरों को जेल भेजने की बात की और मीटिंग में झपकी ले रहे प्रमुख सचिव संजीव दुबे को मीटिंग में फटकारा, उससे अफसर अभी तक दहशत में है। व्हाट्सएप पर नए चीफ सेके्रटरी को बधाई देकर कोई खतरा मोल नहीं लेना चाहता।

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