सर्वाधिक शिकायतें नगर निगम के खिलाफ

शिकायतों के निस्तारण में गंभीर नहीं नगर निगम के अधिकारी

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। जनसमस्याओं के निस्तारण में नगर निगम सबसे फिसड्डी विभाग साबित हुआ है। कलेक्ट्रेट स्थित जन सुविधा केन्द्र में आने वाली सबसे अधिक शिकायतें नगर निगम की आई हैं। इन शिकायतों के निस्तारण में भी नगर निगम के अधिकारी गंभीर नहीं है। इसी वजह से लंबित शिकायतों में सर्वाधिक शिकायतें नगर निगम की हैं।
जन सुविधा केन्द्र में जनता से जुड़े विभागों की शिकायतें आती हैं। इसमें जनता फोन और ई-मेल के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करवा सकती है। जन सुविधा केन्द्र में आने वाली शिकायतों की पांच कैटेगरी निधारित की गई है। इसमें ए कैटेगरी की शिकायत को 24 घंटे में निस्तारित करना होता है, जिसमें आग, बाढ़, लड़ाई, झगड़ा, इमरजेंसी मरीज से लिए डाक्ट न होने, पानी नहीं आने, बिजली का तार टूटकर गिर जाना, गैस सिलिंडर लीक होने की अति आïवश्यक शिकायतें शामिल हैं। बी कैटेगरी की शिकायतों का निस्तारण तीन दिन में करना होता है। जिसमें जान से मारने की धमकी, घरेलू सिलेण्डर नहीं मिलना, बिजली के तार खराब होने सहित अनेकों प्रकार की आवश्यक शिकायतें शामिल हैं। सी कैटेगरी में नल खराब, सफाई कर्मी का नहीं आना, रास्ते की समस्या, चिकित्सालय में चिकित्सक नहीं मिलना, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र समय से नहीं मिलने, खेतों पर कब्जा, स्कूलों में शिक्षक नहीं आने समेत अनेकों समस्याएं शामिल हैं। डी कैटेगरी में शपथ पत्र के माध्यम से घोटाले और रिश्वत की शिकायतें शामिल होती है। इसमें सबसे अंतिम कैटेगरी ई में प्रधान, नेता और विधायकों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत शपथ पत्र के माध्यम से दर्ज कराई जाती है।
जन सुविधा केन्द्र में कुल 11232 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इसमें नगर निगम की 5782, जलकल की 2232, लेका की 593, जल निगम की 213, एलडीए की 172 और अन्य सभी विभागों की 2240 शिकायतें शामिल हैं। अब तक 9964 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। 234 शिकायतें लंबित और 138 अंतरिम हैं, जबकि 896 शिकायतें डिफाल्डर घोषित हैं।

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