सरकार फूड सेफ्टी बिल लागू करने में नाकाम: भारती

किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही सरकार
मार्च में विधानसभा के सामने जुटेंगे प्रदेश भर के किसान

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने समेत विभिन्न मांगों पर कार्रवाई नहीं होने से किसान नाराज हैं। किसानों ने केन्द्र और राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी मकसद से सोमवार को राजधानी में सैकड़ों की संख्या में किसान और मजदूर अपनी मांगों के संबंध में धरना प्रदर्शन करने जुटे थे। किसानों की भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के पसीने छूट गये। आखिरकार किसानों ने अपनी मांगे पूरी नहीं होने पर 15 मार्च को विधानसभा का घेराव करने का निर्णय लेकर धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
उत्तर प्रदेश खेतिहर मजदूर यूनियन’ के राज्य महासचिव बीएल भारती ने केन्द्र और राज्य सरकार पर किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने सपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यूपी में खाद्य सुरक्षा लागू करने में अखिलेश सरकार नाकाम रही है। प्रदेश में रोजगार व मजदूरी की समस्या विकराल रूप धारण करती जा रही है। राज्य की दो तिहाई से अधिक जनता गरीबी में जीवन काट रही है। सरकार मजदूरों और किसानों को संकट से उबारने में नाकाम रही है। बुंदेलखण्ड सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में किसान घास-पूस की रोटी खाने को मजबूर हैं। सार्वजनिक वितरण प्रणाली बुरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। लाखों एकड़ जमीन भू माफियाओं के कब्जे में है, जिसे निकाल कर खेतों को मजदूरों एवं दलितों में बांटा जा सकता है। उन्होंने कहा कि वनाधिकार कानून का फ ायदा वन निवासियों को नहीं मिल रहा है। प्रदेश में कानून व्यवस्था ध्वस्त है। महासचिव ने भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि 2017 के विधान सभा चुनाव को देखते हुए आरएसएस, भाजपा, विहिप की तिकड़ी राम मंदिर सहित तमाम साम्प्रदायिक मुद्दे उठाकर प्रदेश का अमन चैन खराब करने पर तुली है। केन्द्र सरकार की नीतियां मेहनतकश जनता और संविधान पर हमला कर रहीं है।

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