‘सरकारें कर रहीं अल्पसंख्यकों की उपेक्षा’

अल्पसंख्यकों ने प्रशासन को सौंपा 11 सूत्रीय मांग पत्र

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। कांग्रेस अल्पसंख्य प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार और केन्द्र सरकार पर अल्पसंख्यकों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है। इसके खिलाफ बुधवार को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही प्रशासन के माध्यम से 11 सूत्रीय मांग पत्र सौंपकर सरकार पर दबाव डालने की कोशिश की है।
कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के नेतृत्व में अल्पसंख्यकों ने अपनी उपेक्षा के खिलाफ गांधी प्रतिमा पर प्रदर्शन किया। अल्पसंख्यक विभाग के चेयर मैन हाजी सिराज मेंहदी ने प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुस्लिम समाज के लोगों की आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक स्थिति के संदर्भ में प्रस्तुत सच्चर कमेटी और रंगनाथ मिश्रा कमेटी के अनुरूप सार्थक कदम नहीं उठाया गया। केन्द्र में सत्ता पर काबिज मोदी सरकार अल्पसंख्यकों के मामले में अपनी जवाबदेही से बच रही है।
उत्तर प्रदेश में सत्ता पर काबिज समाजवादी पार्टी अपना चुनावी वादा भूल चुकी है। जबकि मुस्लिम समाज को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक दृष्टि से अत्यधिक पिछड़ा मानते हुए दलितों की तरह जनसंख्या के आधार पर अलग से आरक्षण देने का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया है। इसमें मुस्लिमों को 18 प्रतिशत आरक्षण दिये जाने की घोषणा पूरी तरह झूठी साबित हुई है। उन्होने संस्थानों की स्थापना करने मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में प्राइमरी, मिडिल एवं हाईस्कूल स्तर पर सरकारी उर्दू मीडियम स्कूलों की स्थापना, राजकीय सुरक्षा बलों में मुसलमानों की भर्ती करने, अल्पसंख्यक बाहुल्य औद्योगिक क्षेत्रों में हस्तकला उद्योगों, जरी-जरदोजी और कैंची उद्योग को राज्यों की तरफ से सहायता देकर प्रोत्साहित करने और बिजली के बकाया बिलों को माफ कर बुनकरों को बिजली मुफ्त देने का वादा खोखला साबित हुआ है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय भी अल्पसंख्यकों के कल्याण संबंधी कार्यों को करने में लाचार साबित हुआ है।
इसके साथ ही प्रदेश का माहौल बिगाडऩे की राजनीतिक पार्टियों की कोशिशों पर पानी फेरकर गंगा जमुनी तहजीब को अक्षुण्य बनाये रखने का निर्णय लिया गया है।

Pin It