सरकारी विभाग भी अवैध खनन में शामिल

अवैध खनन के मामले में एलडीए पर 24 हजार पांच सौ रुपये का जुर्माना

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राज्य सरकार प्रदेश में अवैध खनन को लेकर भले ही चुप्पी साधे बैठी हो लेकिन राजधानी में जिला प्रशासन ने अवैध खनन करने वालों को बेनकाब करने का सिलसिला जारी रखा है। जिले में अवैध खनन करने वालों में लखनऊ विकास प्राधिकरण जैसा महत्वपूर्ण सरकारी विभाग भी शामिल है, जिस पर 24 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही प्राधिकरण को नोटिस भेजकर 15 दिनों के अंदर जुर्माने की रकम जमा करने का आदेश दिया गया है।
अपर नगर मैजिस्ट्रेट द्वितीय शैलेन्द्र मिश्र के मुताबिक राजधानी में ट्रैफिक की समस्या से निजात पाने की रणनीति तैयार की जा रही है। इस कारण जगह-जगह अंडर ग्राउंड पार्किंग बनवाई जा रही है लेकिन महत्वपूर्ण बात ये है कि पार्किंग बनाने वाली कार्यदायी संस्था लखनऊ विकास प्राधिकरण मानकों का उल्लंघन कर अवैध रूप से खनन कर रही है। इस बात का प्रमाण चौक स्थित ज्योतिबा फूले पार्क में बन रही अंडर ग्राउंड मल्टी लेवल पार्किंग है, जिसके निरीक्षण में अवैध खनन की पुष्टि हुई है। जहां 350 घन मीटर क्षेत्रफल में अवैध खनन किया गया है। इस मामले को गंभीरता से लेकर मल्टी लेवल पार्किंग में बिना अनुमति के खनन करा रही संस्था एलडीए पर 24 हजार 500 रुपये का जुर्माना और 4900 रुपये की रॉयल्टी जमा करने का नोटिस दिया गया है। गौरतलब हो कि एलडीए के अधिकारियों पर पहले भी कई जगहों पर बिना अनुमति के खनन करवाने और निर्धारित अनुमति से अधिक खोदाई करवाने का आरोप लग चुका है, जिसको गंभीरता से लेकर प्रशासन ने एलडीए से लाखों रुपये का जुर्माना और रायल्टी वसूल की थी। इसी प्रकार आवास विकास पर भी अवैध खनन करवाने के आरोप लग चुके हैं, जिनकी पुष्टि होने पर प्रशासन ने जुर्माना और रायल्टी वसूल की थी। इसमें नगर निगम और सिंचाई विभाग भी शामिल है। इन सबके बावजूद सरकारी विभागों के अधिकारी बिना अनुमति के अवैध खनन करवाने में लिप्त रहते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब सरकारी विभाग ही नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, तो अवैध खनन से करोड़ो रुपये की कमाई करने वाले दबंगों पर लगाम कैसे लग पायेगी।

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