सरकारी रिपोर्ट में निगेटिव, 17 घंटे पहले निजी लैब में कोरोना जांच निकली थी पॉजिटिव

सरकारी रिपोर्ट में निगेटिव, 17 घंटे पहले निजी लैब में कोरोना जांच निकली थी पॉजिटिव

  • पीडि़त का आरोप- जांच की रसीद नहीं दी, रुपए ऐंठने के लिए बना दिया संक्रमित

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। शहर की एक निजी लैब ने निगेटिव रिपोर्ट को पॉजिटिव में बदल दी। इससे निजी लैब की जांचों पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। हुआ यूं कि गोमतीनगर विस्तार में रहने वाले एक व्यक्ति ने सरकारी अस्पताल में कोरोना की जांच कराई तो रिपोर्ट निगेटिव निकली। जबकि 17 घंटे पहले निजी लैब से कोरोना जांच कराई तो वह संक्रमित निकला। संक्रमित निकलते ही सोसायटी में हडक़ंप मच गया, जिसमें उसका निवास स्थान है। पीडि़त का आरोप है कि निजी लैब ने जांच कराने के बाद रसीद नहीं दी। रुपए वसूलने के लिए मुझे संक्रमित बना डाला।
गोमतीनगर विस्तार के सरस्वती अपार्टमेंट में रहने वाले एक व्यक्ति ने मौसम के कारण स्वास्थ्य खराब होने पर जांच कराना उचित समझा। उसने इंटरनेट पर सर्च कर गुडग़ांव में स्थित एसआरएल लैब से संपर्क किया, जिसकी एक शाखा गोमतीनगर के विपुलखंड में खुली हुई है। एसआरएल गुडग़ांव से संपर्क करने के बाद बीते 25 जुलाई को लखनऊ शाखा से आशीष नाम का व्यक्ति उनके घर सैंपल लेने पहुंचा। जांच के नाम पर 2500 रुपए लिए, जिसकी कोई रसीद नहीं दी। 27 की सुबह जब उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो वह सकते में आ गए। घर वाले भी दहशत में थे। सोसायटी में कोरोना पॉजिटिव होने की बात आग की तरह फैल गई। उन्होंने बताया कि उनकी कॉलोनी में रहने वाले एक डाक्टर के सुझाव पर उन्होंने कोरोना जांच पीजीआई से कराई तो रिपोर्ट नगेटिव आई। इसके लिए उन्हें मात्र 1750 ही चुकाने पड़े। ऐसे में पीडि़त का कहना है कि निजी लैब ने रुपए ऐंठने के नाम पर निगेटिव से संक्रमित बना दिया, जो कि गंभीर मामला है। पीडि़त ने कहा कि वह इसकी शिकायत स्वास्थ्य विभाग को करेंगे। ताकि दूसरे मरीज निजी लैब के झांसे में न आए और उनका पैसा बर्बाद न हो।

निजी संस्थानों की शिकायत पर नहीं हो रही कार्रवाई

कोरोना जांच की रिपोर्ट को लेकर कई प्राइवेट अस्पताल और डायगोनस्टिक सेंटर की शिकायत हुई है। पर स्वास्थ्य महकमा अंजान बना हुआ है। हाल ही में चिनहट के चंदन अस्पताल में गड़बड़ी और लापरवाही की सूचना मिली थी। वहीं दुबग्गा स्थित चरक अस्पताल की भी कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मामला तूल पकडऩे पर स्वास्थ्य विभाग ने चरक अस्पताल को सील कर दिया।

मोटा पैसा वसूलते हैं डायगोनस्टिक सेंटर संचालक
कोरोना काल में सरकारी अस्पताल में बेड फुल हो चुके हैं। लोग इलाज के लिए प्राइवेट अस्पतालों की ओर दौड़ रहे हैं। उनकी मजबूरी का फायदा उठाकर निजी संस्थान लगातार मनमानी करने में जुटे हैं। वह लोगों से टेस्ट के नाम से मोटी राशि वसूलते हैं। इलाज कराने के नाम पर अस्पताल में भर्ती कर जांच के नाम पर रुपए वसूलते हैं।

ऐसे अस्पतालों और डायगोनस्टिक सेंटर की शिकायतें मिली हैं। हमारी टीम ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई करेगी। यह मामला संज्ञान में आया है, जांच करके ठोस कार्रवाई की जाएगी।
डॉ राजेंद्र प्रसाद
सीएमओ लखनऊ

लखनऊ कमिश्नर की सराहनीय पहल, 6 घंटे में किशोर बरामद

  • पिता की डांट से नाराज होकर घर से भाग गया था नाबालिग

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। लखनऊ कमिश्नर सुजीत पांडेय के निर्देशन में विभूतिखंड पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। विभूतिखंड के आरके टिंबर से लापता 11 वर्षीय किशोर को पुलिस ने छह घंटे में बरामद कर लिया है। बच्चा 5वीं का छात्र था। पिता की डॉट से नाराज होकर नाबालिग देर रात घर से कहीं चला गया था। इसके बाद उसके पिता ने विभूतिखंड थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस कमिश्नरसुजीत पांडेय को भी मामले में सूचना दी तो पुलिस तुरंत उस किशोर को ढूढऩे में लग गई। पुलिस की 9 टीमों के प्रयास के बाद घर से कुछ ही दूरी
पर सुमित कॉप्लेक्स से किशोर नीरज को बरामद कर लिया है।
गोमतीनगर के विभूतिखंड के मंत्री आवास रोड पर देशराज की आरके टिंबर स्टोर के नाम से दुकान है। देशराज के मुताबिक कल सुबह उनका 11 वर्षीय बेटा नीरज अपने दोस्तों के साथ घूमने गया था। शाम को लौटा तो उन्होंने उसे डांटा-फटकारा। वह दोबारा दुकान चले गए। इसी बीच उनका बेटा नीरज नाराज होकर कहीं चला गया। देर रात दस बजे जब वह लौटे तो उन्हें पता चला कि बेटा लापता है। इस पर वे उदास हो गए। रिश्तेदारों को फोन करने लगे। काफी प्रयास के बाद जब वह नहीं मिला तो उन्होंने इसकी सूचना 112 को दी। डीसीपी पूर्वी चारू निगम मीटिंग खत्म करके घर लौट ही रही थी तो उन्हें भी इसकी सूचना मिली। डीसीपी ने इसकी जानकारी तत्काल कमिश्नर सुजीत पांडेय को दी। सुजीत पांडेय ने नौ टीमें गठित कर दी। सभी टीम बच्चे की तलाश में जुट गई। कड़ी मशक्कत के बाद किशोर को सकुशल बरामद कर लिया गया। सभी ने कमिश्नर सुजीत पांडेय, डीसीपी पूर्वी ईस्ट चारू निगम और उनकी पुलिस टीम की जमकर सराहना की।

सूचना मिलते ही नौ टीमें गठित की गई थी। डीसीपी पूर्वी को इसके लिए प्राथमिकता से लगाया गया था। टीम ने छह घंटे के भीतर किशोर को बरामद कर लिया है। टीम के सभी सदस्य बधाई के पात्र हैं।
सुजीत पांडेय
पुलिस कमिश्नर लखनऊ

कानपुर, गोंडा और गोरखपुर जैसी घटनाओं को लेकर सीपी सर लगातार हम लोगों को गाइड कर रहे हैं। राजधानी में ऐसी कोई अप्रिय घटना न हो इसके लिए हम लगातार काम कर रहे हैं।
चारू निगम, डीसीपी पूर्वी

कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक की पत्नी कोरोना पॉजिटिव

लखनऊ(4पीएम न्यूज़ नेटवर्क)। राजधानी में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं, जिससे मंत्री, विधायक व सरकारी कर्मी भी इसकी चपेट में आ गए है। प्रदेश के काननू तथा ग्रामीण अभियंत्रण मंत्री ब्रजेश पाठक की पत्नी नम्रता पाठक भी कोरोना पॉजिटिव निकली है लेकिन, अच्छी बात यह है कि मंत्री व बच्चों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं कानपुर देहात के एसपी अनुराग वत्स की रिपोर्ट भी पॉजिटिव है। उनके साथ रहे कानपुर के आइजी मोहित अग्रवाल कानपुर में होम क्वॉरंटाइन हो गए हैं। नम्रता पाठक होम आईसोलेशन में हैं। कानपुर देहात के एसपी वत्स को गले में संक्रमण होने पर उन्होंने एंटीजन रैपिड टेस्ट कराया गया था।

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