सरकारी अस्पतालों में दवाओं का संकट

लोकल परचेज से दवा मिलने में आ रही समस्या
अस्पताल प्रशासन का दावा आज से सुधर जायेगी व्यवस्था

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी के तीन बड़े सरकारी अस्पतालों में लोकल पर्चेज की दवाओं का संकट पैदा हो गया है। मरीज को एक दवा लेने के लिए दो दिन चक्कर लगाना पड़ रहा है। वहीं अस्पताल प्रशासन का दवा है कि आज स्थित सामान्य हो जायेगी। बलरामपुर चिकित्सालय से लेकर सिविल और लोहिया अस्पताल तक में लोकल परचेज की व्यवस्था से दवा मिलना प्रभावित हुआ है।
एक दवा की दुकान से तीनों अस्पतालों को सप्लाई मिलती है, इससे कोई किसी का सहयोग नहीं कर पा रहा है। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि जरूरी दवाएं मरीजों को दी जा रहीं थी, लेकिन पूरी तरह से स्थिति आज से ही सामान्य हो पाएगी। हालांकि हकीकत यह है कि जिन मरीजों को व्यवस्था की जानकारी नहीं है वो दवा पाने के लिए भटक रहे हैं। वहीं अस्पताल के दवा स्टोर प्रभारी मरीजों को अश्वासन दे रहे हैं कि उन्हें मंगलवार के बाद दवाएं मिलने लगेंगी।
लोहिया अस्पताल की इमरजेन्सी में इलाज के लिए आए इंदिरानगर निवासी हरीश चंद्र ने बताया कि डॉक्टर ने पांच दिन की दवा लिखी, इसमें तीन दवाएं मिली हैं। एक दवा पाने के लिए दो दिन से आ रहे हैं। जो दवाएं मिली हैं उनके खत्म होने के बाद ही एक दवा मिलेगी तो इससे फायदा क्या है। यही हाल सिविल अस्पताल व बलरामपुर अस्पताल में इलाज के लिए आए कई मरीजों का है। फिलहाल अस्पताल प्रशासन का दावा है कि जो मरीज भर्ती हैं, उन्हें सभी दवाएं मुहैया करायी जा रही हैं, जबकि ऐसे मरीजों की कमी नहीं है, जिनके तीमारदार बाहर से दवाएं खरीद कर ला रहे हैं। इस मामले में तीमारदार चुप्पी साधे हुए हैं, उनका कहना है कि इलाज कराना है तो थोड़ा बाहर भी खर्र्च करना पड़ेगा। पिछले एक माह से कई कंपनियां अस्पतालों को दवा सप्लाई नहीं दे रही हैं। ऐसे में लोकल परचेज ही दवाओं की आपूर्ति का एकमात्र उपाय बना हुआ है।

हमारे यहां दवा की कोई समस्या नहीं है। इधर छुटïï्टी होने की वजह से कहीं कोई समस्या भले आ गयी है। लेकिन उसकी भी जानकारी कर मरीजों की समस्या का समाधान किया जायेगा।
डॉ. राजीव लोचन, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, बलरामपुर चिकित्सालय

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