समाज के लिए एक संदेश है ‘एक लम्हा’

Capture1पटना के मूल निवासी और एमिटी यूनिवर्सिटी लखनऊ से पत्रकारिता की शिक्षा प्राप्त कर चुके प्रांजल सिंह एक युवा फिल्म निदेशक हैं। इनकी फिल्म ‘एक लम्हा’ समाज के एक अहम मुद्दे को उठाती है। जिसमें बूढ़े लोगों की दिक्कतों और अकेलेपन को उकेरा गया है। प्रांजल बताते हैं कि यूं तो जिंदगी हर पल चलती रहती है, यह नये रंग लेकर सामने आती है। पर इन छोटे-छोटे लम्हों को जोडक़र ही हमारी जिंदगी बनती है।
प्रांजल की फिल्म वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गो के ऊपर है जिनके बच्चे उन्हें बुढ़ापे में अकेला छोड़ जाते हैं। इसके बाद उन बुजुर्ग लोगों की जिंदगी कैसे उन बच्चो की यादों में जीती है। इसी को फिल्म में दिखाया गया है। फिल्म की शूटिंग लखनऊ और पटना के कई वृद्धाश्रमों में हुई है। फिल्म बनाने से पहले इसके लिए कई बुजुर्गों की सहमति लेनी पड़ी थी क्योंकि हर कोई अपनी कहानी बताना नहीं चाहता था

 

Pin It