समाजवादी पार्टी व भाजपा में जुबानी जंग तेज

  • अखिलेश के पत्र पर भाजपा के तेवर तल्ख
  • सपा ने किया पलटवार, केन्द्र सरकार पर भेदभाव का लगाया आरोप

Capture 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। यूपी विधानसभा चुनाव के लिये भले ही अभी डेढ़ साल से ज्यादा का समय हो पर नेताओं में जुबानी जंग तेज हो गई है। राजधानी में चुनावी सरगर्मी दिखने लगी है। राजनीतिक पार्टियां एक-दूसरे को घेरने में जुटी हैं। भाजपा सपा को घेरने में लगी हुई है तो सपा केन्द्र सरकार पर भेदभाव का आरोप लगा रही है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी आंकड़ों के साथ प्रदेश सरकार पर हमले करने लगे हैं तो समाजवादी पार्टी ने भी देरी नहीं लगाई और आंकड़ों के साथ उन्होंने भी बता दिया कि केंद्र सरकार यूपी सरकार की मदद नहीं कर रही है।

मिशन 2017 में जुटी पार्टियों में से सबसे ज्यादा बीजेपी इस समय आक्रामक है। भारतीय जनता पार्टी के सांसदों का विधानसभा के सामने धरना तो खत्म हो गया लेकिन समाजवादी पार्टी को घेरने में भाजपा लगी हुई है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जब इस पर चुटकी ली कि अब रिटर्न गिफ्ट का जमाना है, तो बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजेपेयी के साथ पूरी बीजेपी आंकड़ों के साथ यूपी सरकार को घेरने में जुट गई। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि प्रधानमंत्री को चि_ी लिखकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपनी नाकामियों का ठीकरा केंद्र सरकार पर फोडऩे की कोशिश कर रहे हैं। कानून व्यवस्था न सुधरी और विकास कार्यों पर भाजपा विधायकों व सांसदों से भेदभाव जारी रहा तो सपा सरकार के खिलाफ राष्टï्रपति को चार्जशीट सौंपी जाएगी। इस पर पलटवार करते हुए प्रदेश सरकार के लोकनिर्माण मंत्री शिवपाल यादव ने कहा कि केंद्र सरकार प्रदेश की योजनाओं के साथ भेदभाव कर रही है। बेहतर होता कि प्रदेश के हित में भाजपा सांसद संसद के बाहर धरना देते। उन्होंने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पर उपचुनावों में हार के बाद बौखलाकर दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया।

अपनी नाकामी छुपा रही है सपा सरकार 

डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने उन सभी मुद्दों पर अपनी राय रखी जो मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में उठाए हैं। कहा, सीएम नेशनल हाईवे की मरम्मत का मुद्दा उठा रहे हैं पर राज्य राजमार्गों के हालात पर मौन क्यों हैं? श्री वाजपेयी ने कहा कि सपा सरकार ने हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान के लिए कोई प्रबंध नहीं किया जबकि मोदी सरकार ने 6 हजार करोड़ रुपये ब्याज मुक्त ऋण चीनी मिलों को दिये ताकि गन्ना किसानों के बकाये का भुगतान हो सके। इतना ही नहीं उन्होंने बिजली खरीद में कमीशनखोरी का भी आरोप लगाया। 17 अति पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने की सीएम की मांग पर वाजपेयी ने कहा, वह बताएं कि बसपा और सपा सरकारों ने केंद्र को इसके लिए प्रस्ताव कब भेजे। सपा- बसपा केंद्र में यूपीए सरकार में सहयोगी रहे लेकिन इस मांग को मंजूर करने के लिए कभी दबाव नहीं बनाया। उन्होंने पूछा, सहजनवां (गोरखपुर) में निषादों पर गोली किसने चलवाई? निषाद समुदाय के बेगुनाह लोग अब भी जेलों में किसके आदेश पर बंद हैं?

प्रदेश में सद्भावना बिगाड़ रही है भाजपा
सपा के मुख्य प्रवक्ता और लोकनिर्माण एवं सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा का मुख्य एजेंडा प्रदेश का सामाजिक सद्भाव बिगाडऩा है। इसके लिए भाजपा तीन साल से काम कर रही है। जनता समझ चुकी है कि भाजपा के लोग झूठे हैं। वे अफवाह फैलाकर सत्ता में आना चाहते हैं। इतना ही नहीं शिवपाल ने कहा कि यूपी की कानून व्यवस्था देश के 26 राज्यों से बेहतर है। भाजपा शासित मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों की तुलना में अपराध के मामलों में यूपी बहुत पीछे है। शिवपाल ने कहा, प्रदेश में सपा सरकार बनने के बाद प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है, पूंजी निवेश बढ़ा है, पर्यटकों की संख्या में 17 फीसदी से ज्यादा वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने मेट्रो रेल, आगरा एक्सप्रेव- वे जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शुरू किए हैं। केंद्र सरकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सांसदों को विधान भवन के बजाय संसद के बाहर धरने का नाटक करना चाहिए था। प्रदेश सरकार तो लगातार विकास के काम कर रही है लेकिन केंद्र सरकार अपने हिस्से का धन नहीं दे रही।

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