समाजवादी पार्टी में बैठकों का दौर जारी

मिशन 2017 की तैयारी

सभी पिछड़े वर्गों और नयी रणनीति के साथ उतरेगी सपा
जिलाध्यक्षों से पार्टी लेगी जिलों की रिपोर्ट

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। मिशन 2017 में जुटी समाजवादी पार्टी की निगाह युवाओं के साथ-साथ अब दलित वोट बैंक पर आ टिकी है। पार्टी को अच्छी तरह से मालूम है की डेढ़ साल बाद यूपी में होने वाले चुनाव में ये दलित वोट बैंक बCaptureहुत मायने रखता है, यही वजह है की इस महीने के आखिरी में समाजवादी पार्टी एक बड़ा दलित सम्मलेन करने में जुटी है। वहीं पार्टी के महासचिव रामगोपाल यादव ने जिला अध्यक्षों के साथ बैठक कर उनका फीडबैक ले रहे हैं। साथ ही ऐसे लोगों के बारे में भी जानकारी इकठ्ठा कर रहे हैं जो पार्टी की कसौटी पर खरे नहीं उतरे हैं। 2012 में समाजवादी पार्टी को जो कामयाबी मिली उसमे युवाओं की भूमिका तो थी लेकिन साथ ही पिछड़े का भी साथ समाजवादी पार्टी को मिला था।
अब जब सरकार लगभग साढ़े तीन साल का कार्यकाल पूरा कर चुकी है तो एक बार फिर उसे दलितों की याद आई है। पार्टी की कोशिश ये है की 2017 के चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी की दलितों के बीच ऐसी साख बनायीं जा सके जिससे चुनाव में उनका वोट बैंक हासिल कर दोबारा यूपी की सत्ता पर काबिज हो सके। वहीं यूपी में तकरीबन 12 फीसदी दलित वोट बैंक हैं तथा यादव वोट बैंक 9 फीसदी है। ऐसे में पार्टी की कोशिश यही होगी की 21 फीसदी दलित वोट बैंक में ज्यादा से ज्यादा सेंध मारी जाये। क्योंकि पार्टी ये मानती है की यादव वोट बैंक मजबूत है और ये कहीं खिसकने वाला नहीं है। ऐसे में अगर दलितों का साथ समाजवादी पार्टी को मिल जाता है और यादव भी साइकिल की सवारी करते हैं तो पार्टी का यूपी की सत्ता पर दुबारा कुछ हद तक सफलता मिल सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए दलित सम्मलेन की शरुआत की जा रही है। इसलिए आजमगढ़ में दलित सम्मलेन को चुना गया है क्योंकि वो यादव बाहुल्य इलाका है तथा ऐसे यादव और दलित का कॉम्बिनेशन साथ आता है तो वो एक मैसेज भी जायेगा। पार्टी के पक्ष में माहौल भी बनेगा, लेकिन समाजवादी पार्टी को ये भी याद रखना होगा की दलित वोट बैंक बीएसपी का कहीं न खिसकने वाला वर्ग है और अब तो बीजेपी तथा कांग्रेस भी अम्बेडकर के सहारे दलितों को साधने में लगे हैं।

प्रदेश सरकार अपनी नाकामयाबी से परेशान है। इसी लिए अब बैठक कर लीपापोती कर रहे हैं। इन्ही के मंत्री राम मूर्ति पर मुकदमा दर्ज हुआ और अभी तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हुयी है। तो वो अब जिला अध्यक्षों से जिलों का फीडबैक ले रहे हैं। रही दलितों की बात तो ये पार्टी सिर्फ धर्म और मजहब की राजनीति करती है। अब यूपी की जनता सब कुछ समझ चुकी है।

विजय बहादुर पाठक (प्रवक्ता बीजेपी)

कांग्रेस ने कभी धर्म और जाति की राजनीति नहीं की है 90 के दशक से इन लोगों ने जाति और धर्म को रणनीति से जोड़ दिया है। इस सरकार में कोई भी दलित अफसर किसी अच्छी जगह नहीं है और जब चुनाव नजदीक है तो ये दलितों की बात करते हैं। चाहें जो भी बैठक कर लें यूपी की जनता जान चुकी है की इनके नेता भ्रष्ट हैं और 2017 के चुनाव में इनको हार का सामना करना पड़ेगा।

अशोक सिंह ( प्रवक्ता कांग्रेस )

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