समाजवादी पार्टी में अमर सिंह की हैसियत खत्म, जल्द हो सकती है छुट्ïटी

  • पार्टी में शामिल होने और राज्यसभा में चुने जाने के बाद भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे अमर सिंह
  • सपा को बर्बाद करने के लिए कुछ लोगों के साथ मिलकर चला रहे मुहिम

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
7लखनऊ। समाजवादी पार्टी से अलग होने के बाद सपा को बर्बाद करने का सपना देखने वाले अमर सिंह की कारस्तानी खुल कर सबके सामने आ गई है। उन्होंने लंबे समय तक सपा से अलग रहने और मुलायम की कृपा से दोबारा पार्टी में जुडऩे के कुछ ही महीनों के अंदर फूट डालने की पुरजोर कोशिशें तेज कर दीं, जिसका असर यादव परिवार में चल रहे घमासान के रूप में सामने आया है। लेकिन अमर सिंह की हरकतों को यादव परिवार का हर व्यक्ति अच्छी तरह जानता है।
प्रो. रामगोपाल यादव हों या अखिलेश यादव, सबने अमर सिंह का नाम लिए बिना कहा है कि परिवार के लोगों के बीच जो कोई भी बाहरी व्यक्ति हस्तक्षेप करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि अमर सिंह के खिलाफ जल्द ही सपा सुप्रीमो की तरफ से निर्णय लिया जायेगा।
यादव परिवार में भले ही शिवपाल और अखिलेश के बीच किसी मसले को लेकर नाराजगी चल रही है, लेकिन परिवार के लोग उन बातों को भी नहीं भूले हैं जो अमर सिंह ने पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाए जाने के बाद कही थीं। हकीकत यह है कि देश भर के राजनेताओं में कोई भी ऐसा नहीं हुआ, जिसने मुलायम सिंह पर व्यक्तिगत हमला किया हो, मगर अमर सिंह ने तो सारी सीमाए लांघ दी थीं। अपनी पार्टी बनाकर सपा का नाश करने का दंभ भरने वाले अमर सिंह को अपनी राजनीतिक हैसियत तभी पता चल गई थी जब वह लोकदल जैसी पार्टी से लोकसभा का चुनाव लड़े थे और न सिर्फ चौथे स्थान पर रहे बल्कि अपनी जमानत तक गंवा बैठे थे। देश में घूम-घूम कर बयान दे रहे थे कि वह नेताजी के सारे राज जानते हैं। इसके बावजूद नेताजी ने उन्हें सपा में शामिल किया। उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला लिया और अमर सिंह राज्यसभा पहुंच भी गये लेकिन नेताजी की सरलता का शातिर अमर सिंह ने बहुत ही खतरनाक रिएक् शन दिया। अमर सिंह की कारस्तानी की वजह से यादव परिवार में जंग शुरू हो गई। पिछले पांच दिनों से यादव परिवार में शिवपाल और अखिलेश यादव के बीच नाराजगी के कारण सियासी संकट उत्पन्न हो गया है। शिवपाल ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश सरकार के मंत्रिमण्डल से इस्तीफा दे दिया। लेकिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंत्री पद और मुलायम सिंह ने प्रदेश अध्यक्ष पद से शिवपाल के इस्तीफे को नामंजूर कर दिया।
फिलहाल सपा के कार्यकर्ताओं में अमर सिंह के खिलाफ काफी गुस्सा है। हर कार्यकर्ता यादव परिवार में विवाद के पीछे अमर सिंह को जिम्मेदार मान रहा है। शायद इसी वजह से कैबिनेट मंत्री शिवपाल के विभागों में कटौती और बाहरी लोगों के हस्तक्षेप के मुद्दे पर अमर सिंह ने अपने बचाव में मीडिया में बयान जारी कर दिया। इस पर आजम खां ने बयान दिया कि चोर की दाढ़ी में तिनका न होता तो अमर सिंह को बयान देने की जरूरत ही नहीं पड़ती। फिलहाल अमर सिंह पूरी तरह से बेनकाब हो चुके हैं।

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