सफाई कर्मियों ने विधान सभा पर काटा बवाल, पुलिस ने भांजी लाठियां

  • तीन सूत्रीय मांगों को लेकर कर रहे थे प्रदर्शन

लखनऊ। 40 हजार सफाई कर्मियों की भर्तियों में प्रदेश सरकार की आरक्षण संबंधी नीति के खिलाफ तथा अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर नगर निगम के हजारों सफाई कर्मचारी विधान सभा का घेराव करने जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें बैरीकेडिंग लगाकर रोकने की कोशिश की तो वह उग्र हो गए और पुलिस पर सब्जी, मल-मूत्र और पत्थर फेंकने चालू कर दिए। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर जमकर लाठियां भांजी। इससे दर्जनों सफाई कर्मचारी और पुलिस, पीएसी जवान और महिलाएं भी घायल हो गर्ईं, पथराव में कई गाडिय़ां भी टूट गईं, वहीं कई बुजुर्ग भी घायल हो गए। पुलिस ने सभी घायलों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने किसी तरह हालात को काबू में किया। इसके बाद सफाई कर्मचारियों ने वापस नगर निगम मुख्यालय लौटकर सभा की, जिसमें पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और आज प्रदेश व्यापी हड़ताल का ऐलान किया।
स्थानीय निकाय एवं सफाई कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के सदस्य जगदीश वाल्मीकि ने बताया कि पिछले दिनो प्रदेश सरकार ने लंबित समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था। लेकिन उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया। इसके खिलाफ समय-समय पर आंदोलन किया गया लेकिन प्रदेश सरकार ने एक बार फिर कोरा आश्वासन देकर मामले को टाल दिया। सफाई कर्मचारी अपनी लंबित तीन सूत्रीय मांगों को लेकर कई बार धरना प्रदर्शन कर चुके हैं। लेकिन सरकार उनकी मांगों पर विचार नहीं कर रही है, जिसके बाद सफाई कर्मचारी विधानसभा घेरने जा रहे थे तभी पुलिस ने उन पर लाठी चार्ज कर दिया, जिससे अनेकों की संख्या में सफाई कर्मचारी घायल हो गये, जिसमें महिलाओं से लेकर बुजुर्ग शामिल हैं। इसी के चलते कर्मचारी संगठनों ने गुरुवार से अनिश्चित कालीन हड़ताल की घोषणा कर दी।

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