सपा में जाने की खबर अफवाह: रीता बहुगुणा

  • व्हाट्सऐप पर वायरल हुई थी उनके सपा में शामिल होने की खबर

Captureप्रभात तिवारी
लखनऊ। कांग्रेस की कद्दावर नेता रीता बहुगुणा जोशी के सपा में जाने की खबर व्हाट्सऐप पर वायरल होने के बाद पूरे सियासी गलियारे में हलचल मच गई। कांग्रेस और सपा से जुड़े नेताओं के मोबाइल पर सैकड़ों फोन आने लगे। हर कोई खबर की सत्यता और उनके कांग्रेस छोड़ कर जाने की वजह जानने को उत्सुक था। आखिरकार रीता बहुगुणा जोशी ने आज सुबह अपने फेसबुक पेज पर सपा में जाने की खबर का खण्डन किया और ऐसी भ्रामक खबरें फैलाने वालों के प्रति नाराजगी जाहिर की है।
उत्तराखण्ड में बिजय बहुगुणा की वजह से कांग्रेस की किरकिरी होने और उनके भाजपा में चले जाने के बाद यूपी में रीता बहुगुणा जोशी की चुनौतियां बढ़ गई हैं। पार्टी के अहम लोगों में प्रमुख स्थान रखने वाले बहुगुणा परिवार की विश्वसनीयता सवालों के घेरे में खड़ी हो गई है। उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारे में रीता बहुगुणा को लेकर तमाम तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं थीं, जिसमें प्रशांत किशोर की नीतियों और प्रस्तावों को पसंद नहीं करने, पार्टी मुख्यालय पर प्रशांत किशोर की मौजूदगी में होने वाली सारी बैठकों में अनुपस्थित रहने, पार्टी से संबंधित बयानों और मुद्दों पर अपने कार्यालय से ही जवाब जारी करने को उनकी नाराजगी के साइड इफेक्ट के रूप में देखा जा रहा था। इसके अलावा आगामी विधानसभा चुनाव में कैण्ट विधानसभा क्षेत्र की विधायक सीट पर सपा की तरफ से अपर्णा यादव को प्रत्याशी घोषित करने और रीता बहुगुणा जोशी के खिलाफ वीवीआईपी रोड पर गुमशुदगी के पोस्टर छपने की घटनाओं ने मुश्किलें बढ़ा दीं। इतना ही नहीं पार्टी में अंदरखाने उत्तराखण्ड की घटना के बाद रीता बहुगुणा जोशी को लेकर काफी विरोध भी चल रहा था। ऐसे में अचानक व्हाट्सऐप पर रीता बहुगुणा जोशी के सपा में शामिल होने की खबरों को सत्य माना जाने लगा था। सियासी गलियारे में चर्चा होने लगी की सपा मुखिया मुलायम सिंह ने अपनी बहू अपर्णा यादव की सीट पर जीत को पक्का कराने के मकसद से रीता बहुगुणा जोशी को पार्टी में शामिल करने की चाल चली है। इसमें रीता बहुगुणा जोशी को सपा की तरफ से किसी अन्य सीट से टिकट दिए जाने की खबरें भी वायरल हुई थीं। इसलिए माना जाने लगा कि बेनी प्रसाद वर्मा के बाद सपा यूपी में कांग्रेस को दूसरा बड़ा झटका देने में कामयाब हो गई है। अब किंगमेकर प्रशांत किशोर भी यूपी से कांग्रेस का पत्ता साफ होने से बचा नहीं सकते हैं। लेकिन रीता बहुगुणा जोशी की तरफ से सपा में जाने की खबरों का खंडन आने के बाद अफवाहों पर विराम लग गया है। ये अलग बात है कि चर्चाओं का दौर अभी भी जारी है।

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