सपा भाजपा में घमासान जारी

एक-दूसरे को घेरने में जुटी पार्टियां

Captureयूपी सरकार के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर राष्टï्रपति से मिलने की तैयारी में भाजपा
सपा भी भाजपा को घेरने की तैयारी में


मुजाहिद जैदी

लखनऊ। यूपी में समाजवादी पार्टी और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोपों का दौर जारी है। बीजेपी जहां यूपी सरकार के खिलाफ एक चार्जशीट तैयार कर राष्ट्रपति से मिलने की तैयारी कर रही है तो वहीं समाजवादी पार्टी के सांसद भी केंद्र सरकार के खिलाफ एक चार्जशीट तैयार कर उसे संसद में उठाने की तैयारी में हैं।
यूपी में मिशन 2017 की तैयारियों में जुटी समाजवादी पार्टी और बीजेपी के बीच जुबानी जंग तो पहले भी होती रही है लेकिन अब दोनों एक दूसरे के खिलाफ चार्जशीट तैयार करने में जुट गए हैं। उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी की सरकार लगातार केंद्र सरकार पर कई योजनाओं में मदद न करने के आरोप पहले भी लगाती चली आ रही है और अब उन्हीं योजनाओं की एक लिस्ट पार्टी तैयार कर रही है। इस लिस्ट में शामिल मामले पार्टी के लोकसभा और राज्यसभा सांसद सदन में उठाएंगे। समाजवादी पार्टी के नेता और कैबिनेट मंत्री पारस नाथ यादव का कहना है कि जिस प्रदेश ने बीजेपी को 70 से ज्यादा सांसद दिये। उस प्रदेश में विकास की योजनाओं को लेकर केंद्र सरकार उदासीन है। कई बड़े प्रोजेक्ट्स में रोड़े अटकाये जा रहे हैं। फिर चाहे वो लखनऊ मेट्रो का मामला हो, किसानों के मुआवजे का मामला हो या फिर बिजली का मामला। हर मुद्ïदे पर केंद्र सरकार का रवैया गैरजिम्मेदाराना ही रहा है और मौजूदा सत्र में पार्टी के सांसद इसी संसद में भी उठाएंगे। केंद्र सरकार इस भेदभाव पूर्ण रवैये को लेकर समाजवादी पार्टी साइकिल यात्रा के जरिए आम जनता को भी संदेश देगी।
अगर समाजवादी पार्टी रुकी योजनाओं को लेकर चार्जशीट तैयार कर रही है तो वहीं बीजेपी ने भी समाजवादी पार्टी के खिलाफ 2017 के चुनावों को लेकर कमर कस ली है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकान्त बाजपेयी का कहना है कि पिछले तीन साल में यूपी में महिलाओं पर अपराध बढ़े हैं। अपराध की सारी घटनाओं को लेकर बीजेपी ने यूपी सरकार के खिलाफ एक चार्जशीट तैयार कर ली है। इस लिस्ट को लेकर पार्टी के यूपी से सभी सांसद और विधायक 5 से 10 अगस्त के बीच राष्टï्रपति से मुलाकात करेंगे। सभी मिलकर उन्हें यूपी की स्थिति की जानकारी भी देंगे।
दरअसल समाजवादी पार्टी ये दिखाने की कोशिश में है कि उसकी विकास की योजनाओं की गति केंद्र के भेदभाव पूर्ण रवैये से थोड़ी सुस्त पड़ी है। दूसरी ओर बीजेपी की कोशिश है कि प्रदेश की खराब कानून व्यवस्था को मुद्ïदा बनाकर समाजवादी पार्टी को घेरा जाए। क्योंकि भाजपा को पता है कि 2017 में समाजवादी पार्टी के खिलाफ यह मुद्ïदा उसके लिए एक बड़ा हथियार साबित होगा।

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