संस्कृत सभी भाषाओं की जननी: राम नाईक

राज्यपाल ने ओडि़शा दिवस का उद्घाटन किया
अन्य राज्यों में यूपी के रहने वाले लोग भी मनाए उत्तर प्रदेश दिवस

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि भारत विशाल देश है। इस विशाल देश में विभिन्न राज्यों की अलग-अलग भाषाएं, कला एवं संस्कृति हैं। सारी विविधता के बावजूद पूरे देश में एकता दिखाई देती है। संस्कृत सभी भारतीय भाषाओं की जननी है और हिन्दी बड़ी बेटी के समान है। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक एकता हमारे देश की पहचान और सबसे बड़ी पूंजी है।
राज्यपाल राम नाईक संत गाडगे प्रेक्षागृह, गोमती नगर में लखनऊ ओडिय़ा समाज द्वारा आयोजित ओडि़शा दिवस का उद्घाटन के अवसर पर लोगों को संबोधित कर रहे थे। श्री नाइक ने भगवान जगन्नाथ के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर लखनऊ ओडिय़ा समाज के अध्यक्ष गोपबन्धु पटनायक सहित ओडिय़ा समाज के पदाधिकारी व अन्य विशिष्टजन उपस्थित थे।
श्री नाईक ने कहा कि लखनऊ में ओडि़शा दिवस का आयोजन ओडि़शा की संस्कृति को जानने का अवसर है। ओडि़शा अपनी संस्कृति तथा ऐतिहासिक धरोहर जैसे गुफाएं, मंदिर, बौद्ध-विहार, भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा आदि के लिए प्रसिद्ध है। ऐसे आयोजन से अपनत्व और भाईचारे को बढ़ावा मिलता है। अपने प्रदेश का दिवस मनाना प्रदेश की गरिमा को बढ़ाने जैसा है।
राज्यपाल ने कहा कि जैसे लखनऊ में ओडि़शा दिवस मनाया जाता है उसी प्रकार मुंबई में 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस पिछले 25 सालों से मनाया जा रहा है। मुंबई में उत्तर प्रदेश के बहुत लोग रहते हैं। राज्यपाल ने कहा कि उनकी इच्छा है कि उत्तर प्रदेश में निवास करने वाले अन्य प्रदेशों के निवासी अपने राज्य का स्थापना दिवस मनायें तो एक सराहनीय पहल होगी। राज्यपाल ने इस अवसर पर लखनऊ ओडिय़ा समाज की स्मारिका ‘निर्माल्या’ तथा अयोध्या शोध संस्थान के ‘अयोध्या पंचांग’ का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने जापानी नृत्यागंना सुश्री मसाको ओनो द्वारा प्रस्तुत ओडि़सी नृत्य को भी देखा और कलाकारों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया। समारोह में ओडि़शा से आये कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुति दी।

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