संसदीय बोर्ड की बैठक में अमर सिंह को लेकर घमासान

  • राज्यसभा और एमएलसी के सदस्यों के नाम पर हुई चर्चा
  • अमर सिंह के नाम पर पार्टी में नहीं दिखी एकजुटता, बैठक में नहीं निकला कोई निर्णय

17 MAY PAGE-114पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। अमर सिंह के नाम पर पिछले कई महीनों से सपा परिवार में चल रहे घमासान का असर आज सपा संसदीय बोर्ड की बैठक में भी दिखा। दरअसल आज सपा सुप्रीमो मुलायम के आवास पर सपा संसदीय बोर्ड की बैठक हुई जिसमें राज्यसभा और एमएलसी के सदस्यों के नाम पर विस्तार से चर्चा हुई लेकिन किसी के नाम पर सहमति नहीं बन पाई। पिछले कई महीनों से चर्चा थी कि सपा, अमर सिंह को राज्यसभा भेज सकती है लेकिन आज बोर्ड की बैठक में अमर सिंह के नाम पर पार्टी दो भाग में बंटी दिखी। मंत्री आजम खान ने अमर सिंह के नाम पर विरोध जताया तो सपा के राष्टï्रीय प्रवक्ता प्रो. रामगोपाल यादव ने भी उनका साथ दिया। बैठक सम्पन्न होने के बाद प्रो. राम गोपाल यादव बाहर आए तो काफी नाराज दिख रहे थे। इससे साफ था कि वह नहीं चाहते कि अमर सिंह को राज्यसभा भेजा जाए। उन्होंने कहा कि राज्यसभा और एमएलसी के नाम पर अंतिम फैसला मुलायम सिंह यादव लेंगे।

सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह की अध्यक्षता में संसदीय बोर्ड की बैठक हुई, जिसमें सीएम अखिलेश यादव, सपा के यूपी प्रभारी शिवपाल यादव, सपा राष्टï्रीय महासचिव प्रो. राम गोपाल यादव, बेनी प्रसाद वर्मा, मंत्री आजम खांन सहित पार्टी के कई मंत्री और पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में राज्यसभा और एमएलसी सदस्यों के नाम पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई थी। बैठक तो हुई लेकिन कोई खास नतीजा सामने नहीं आया। दरअसल बैठक में अमर सिंह के नाम पर सहमति नहीं बन पाई। सपा यूपी प्रभारी शिवपाल यादव ने भी कई नाम सुझाए। फिलहाल संसदीय बोर्ड ने मुलायम को नामोंको अधिकृत कर लिया। सभी का यही कहना है कि राज्यसभा और एमएलसी सदस्यों के नाम पर अंतिम फैसला मुलायम सिंह सुनाएंगे।

अमर के विरोध में दिखे बेनी, आजम और प्रो. राम गोपाल

बैठक में अमर सिंह के नाम का सबसे ज्यादा किसी ने विरोध किया तो वह थे, मंत्री आजम खां। आजम खां की नाराजगी इससे भी समझी जा सकती है कि बैठक में वह सबसे देर से पहुंचे और सबसे पहले निकल गए। आजम का साथ प्रो. राम गोपाल वर्मा और बेनी प्रसाद वर्मा ने भी दिया। बेनी प्रसाद वर्मा भी नहीं चाहते कि अमर सिंह को राज्यसभा भेजा जाए। अमर सिंह से इन तीनों की बहुत पुरानी नाराजगी है। एक दौर था जब पार्टी में अमर सिंह की तूती बोलती थी और उनकी वजह से पार्टी में बेनी प्रसाद वर्मा और आजम खान हाशिए पर थे।

बैठक में कुछ भी नहीं बोले सीएम

आज संसदीय बोर्ड की बैठक में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी शामिल हुए लेकिन उन्होंने बैठक में कुछ भी नहीं बोला। अमर सिंह के नाम पर पार्टी के कई नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की लेकिन सीएम ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इतना ही नहीं बैठक सम्पन्न होने के बाद वह बाहर आए तो भी इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोले। वैसे भी सीएम इस मुद्दे पर बोलने से बचते रहे हैं, लेकिन वह अमर सिंह को पार्टी में नहीं लेना चाहते। सीएम के पिछले कई कार्यक्रमों में अमर सिंह मौजूद रहे हैं, लेकिन अखिलेश यादव ने उन्हें कभी कोई भाव नहीं दिया।

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