ष् बदले की राजनीति

sanjay sharma editor5र्तमान में राजनीति का स्तर बहुत गिर गया है। बदले की राजनीति हावी है। एक हाथ दे और एक हाथ ले, वाले फार्मूले पर राजनीति हो रही है। यूपीए कार्यकाल के दौरान संसदीय कार्यमंत्री पवन कुमार बंसल ने संसद की एक मिनट की कार्यवाही पर 2.5 लाख रुपए खर्च होने का हवाला देते हुए सदन न चलने देने पर भाजपा पर तीखा सियासी हमला बोला था। अब वहीं भाजपा कर रही है।

संसद का मानसून सत्र हंगामे की भेट चढ़ गया। जनहित में कोई कार्यवाही नहीं हुई। अबकी बार संसद में जो दृश्य दिखा, वह यदा-कदा ही देखने को मिलता है। केन्द्र सरकार इसके लिए सीधे तौर पर कांग्रेस को दोषी ठहरा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी मानसून सत्र की कार्यवाही ‘अकारण’ बाधित करने के लिए सीधे तौर पर दोषी ठहराते हुए राजग सांसदों से कहा कि वे कांग्रेस पार्टी का देश की जनता के समक्ष ‘पर्दाफाश’ करें। साथ ही उन्होंने इस स्थिति की तुलना ‘आपातकाल’ से की। अब भारतीय जनता पार्टी के सांसद, मंत्री कांग्रेस सांसदों के सभी 44 निर्वाचन क्षेत्रों व वाम दलों के नौ सांसदों के निर्वाचन क्षेत्रों में उनके खिलाफ अभियान छेड़ेंगे।
मानसून सत्र में संसद के दोनों सदनों के 119 घंटे की कार्यवाही ललित गेट और व्यापमं पर हुए हंगामे की भेंट चढ़ गई। इसके साथ ही 1.78 अरब रुपए भी स्वाहा हो गए। कभी कोलगेट पर भाजपा के हंगामे से तिलमिलाई यूपीए सरकार ने इसे बड़ा मुद्दा बनाया था तो अब सत्ता में आई भाजपा बड़ा मुद्दा बनाने की कोशिश में है। संसद में कांग्रेस की आक्रामकता को भाजपा अब उसी के खिलाफ इस्तेमाल करने जा रही है। कांग्रेस ने जो किया वह कोई नया नहीं है। यूपीए के शासनकाल में भाजपा भी सदन की कार्यवाही में दखल देती रही है।
वर्तमान में राजनीति का स्तर बहुत गिर गया है। बदले की राजनीति हावी है। एक हाथ दे और एक हाथ ले, वाले फार्मूले पर राजनीति हो रही है। यूपीए कार्यकाल के दौरान संसदीय कार्यमंत्री पवन कुमार बंसल ने संसद की एक मिनट की कार्यवाही पर 2.5 लाख रुपए खर्च होने का हवाला देते हुए सदन न चलने देने पर भाजपा पर तीखा सियासी हमला बोला था। अब जबकि ललित गेट और व्यापमं मामले में कांग्रेस ने मानसून सत्र की कार्यवाही को हंगामे की बारिश में धोया है तो भाजपा इसका हिसाब मांग रही है?
राजनीतिक पार्टियां जनता की हितैषी तो बनती है लेकिन सिर्फ जुबानी स्तर पर। इस सत्र में कितने अहम बिल पास होने थे, लेकिन संसद में आपसी घमासान की वजह से कुछ नहीं हो पाया। अब जब सत्र समाप्त हो गया है तो भाजपा पर्दाफाश करने की बात कर रही है। कांग्रेस ने सदन के कीमती वक्त को अपने हंगामे की वजह से बर्बाद किया और अब भाजपा के मंत्री, सांसद जनता का काम न कर कांग्रेस का पर्दाफाश करने में अपना वक्त जाया करेंगे।

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