शीला नहीं प्रमोद तिवारी होंगे यूपी में कांग्रेस के सीएम फेस!

दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित की सेहत को लेकर पार्टी नेतृत्व में चिंता 

सांसद प्रमोद तिवारी की है ब्राह्मïण वोटरों में पैठ, पार्टी के अंदरखाने चर्चा तेज

 सुनील शर्मा
captureलखनऊ। कांग्रेस उत्तर प्रदेश के लिए घोषित मुख्यमंत्री चेहरे में बदलाव कर सकती है। यूपी के लिए सीएम फेस के रूप में घोषित दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित अभी तक पार्टी कार्यक्रमों या प्रचार की वजह से नहीं अपनी बीमारी के कारण सुर्खियों में हैं। कभी बीमार होने की वजह से पार्टी कार्यक्रमों को बीच में छोडक़र चले जाने तो कभी उम्र के तकाजे के कारण वे चर्चा का विषय बनती रहीं हैं। ऐसे में पार्र्टी के शीर्ष नेतृत्व कार्यकताओं व पदाधिकारियों की मंशा भांप सीएम फेस बदलने का फैसला ले सकता है। पार्टी दीक्षित की जगह बेदाग छवि वाले सांसद प्रमोद तिवारी को सीएम फेस बना सकती है।
उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में ब्राह्मïण मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए कांग्रेस ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को यूपी सीएम फेस के रूप में घोषित किया था। इसके बाद शीला को यूपी की बहू होने की बात प्रचारित कर पार्र्टी ने इन्हें सुर्खियों में लाने का प्रयास किया। इसके साथ ही श्रीमती दीक्षित प्रदेश में सक्रियता बढ़ाते हुए पार्टी कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेने लगीं। उम्र के कारण उन्हें इसमें असफलता मिलने लगी। कांग्रेस के सत्ताइस साल, प्रदेश बेहाल यात्रा को बीमारी के कारण उन्हें बीच में ही छोडक़र जाना पड़ा था। जाने के बाद वे लंबे समय तक उत्तर प्रदेश वापस नहीं लौट सकीं। दरअसल, शीला दीक्षित बढ़ती उम्र के कारण होने वाली बीमारियों से जूझती नजर आईं। आलम यह है कि वे प्रदेश में भ्रमण के दौरान बनाए गए निवास स्थान पर ही ज्यादातर समय टिकी रहीं। उनका यह हाल देख पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का उत्साह ठंडा होता दिख रहा है। शीला दीक्षित अभी तक उत्तर प्रदेश में या तो अपनी बीमारी की वजह से सुर्खियों में हैं या फिर दिल्ली में उनकी सरकार रहने के दौरान हुए घोटालों की वजह से। वहीं, विपक्ष अक्सर उनकी उम्र को लेकर कांग्रेस पर तंज कसता रहता है। ऐसे में चर्चा है कि कांग्रेस अपने सीएम फेस में बदलाव कर सकती है। पार्टी सूत्रों की मानें तो शीला भी अपनी उम्र का हवाला देकर इस जिम्मेदारी से बचना चाह रहीं हैं। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस पर गंभीरता से विचार कर रहा है। सूत्रों की माने तो उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जनपद के रामनगर खास से लगातार दस बार विधायक रहे बेदाग छवि वाले सांसद प्रमोद तिवारी को यूपी के लिए अपना सीएम फेस घोषित कर सकती है। इसकी एक वजह यह भी है कि प्रमोद तिवारी की ब्राह्मïणों के बीच गहरी पैठ है। 2012 में हुए चुनाव में रामनगर खास विधानसभा में इस बार उनकी पुत्री को जीत मिली है। वे वहां से विधायक हैं। सांसद तिवारी के यूपी सीएम फेस की संभावनाओं की चर्चा ने ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उत्साहित कर दिया है। हालांकि इस मसले पर कांग्रेस के जिम्मदार पदाधिकारी जवाब देने से बच रहे हैं, लेकिन दबी जुबान से शीला की उम्र व उनकी बीमारी की वजह से बदलाव होने की संभावना से इंकार भी नहीं कर रहे हैं।

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